• आखिरी हिचकी तिरे ज़ानू पे आये;<br/>
मौत भी मैं शायराना चाहता हूँ!Upload to Facebook
    आखिरी हिचकी तिरे ज़ानू पे आये;
    मौत भी मैं शायराना चाहता हूँ!
    ~ Qateel Shifai
  • इश्क पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब';<br/>
जो लगाये न लगे और बुझाये न बने!
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    इश्क पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब';
    जो लगाये न लगे और बुझाये न बने!
    ~ Mirza Ghalib
  • इन होठों को परदे में छुपा लिया कीजिये;<br/>
हम गुस्ताख़ लोग हैं, आँखों से चूम लिया करते हैं!Upload to Facebook
    इन होठों को परदे में छुपा लिया कीजिये;
    हम गुस्ताख़ लोग हैं, आँखों से चूम लिया करते हैं!
  • न ग़रज़ किसी से, न वास्ता, मुझे काम अपने ही काम से;<br/>
तिरे ज़िक्र से, तिरी फ़िक्र से, तिरी याद से तिरे नाम!Upload to Facebook
    न ग़रज़ किसी से, न वास्ता, मुझे काम अपने ही काम से;
    तिरे ज़िक्र से, तिरी फ़िक्र से, तिरी याद से तिरे नाम!
  • कोई पत्थर की मूरत है, किसी पत्थर में मूरत है,<br/>
हमने देख ली दुनिया, बहुत ही खूबसूरत है;<br/>
जमाना अपनी समझे पर मुझे अपनी खबर है ये,<br/>
तुझे मेरी जरूरत है, मुझे तेरी ज़रूरत है!Upload to Facebook
    कोई पत्थर की मूरत है, किसी पत्थर में मूरत है,
    हमने देख ली दुनिया, बहुत ही खूबसूरत है;
    जमाना अपनी समझे पर मुझे अपनी खबर है ये,
    तुझे मेरी जरूरत है, मुझे तेरी ज़रूरत है!
    ~ Dr. Kumar Vishwas
  • किसी के पास होने का जब हर वक़्त एहसास होता है;<br/>
यक़ीं मानों कि यहीं मोहब्बत का आगाज होता है!Upload to Facebook
    किसी के पास होने का जब हर वक़्त एहसास होता है;
    यक़ीं मानों कि यहीं मोहब्बत का आगाज होता है!
  • ग़म-ए-हयात ने आवारा कर दिया वर्ना,<br/>
थी आरजू तेरे दर पे सुबह-ओ-शाम करें!<br/><br/>


ग़म-ए-हयात  =  ज़िन्दगी का ग़मUpload to Facebook
    ग़म-ए-हयात ने आवारा कर दिया वर्ना,
    थी आरजू तेरे दर पे सुबह-ओ-शाम करें!

    ग़म-ए-हयात = ज़िन्दगी का ग़म
    ~ Majrooh Sultanpuri
  • हारा हुआ सा वजूद लगता है मेरा;<BR/>
हर किसी ने लूटा है मोहब्बत का वास्ता देकर!Upload to Facebook
    हारा हुआ सा वजूद लगता है मेरा;
    हर किसी ने लूटा है मोहब्बत का वास्ता देकर!
  • यह मेरा इश्क़ था या फिर दीवानगी की इंतेहा;<br/>
कि तेरे ही करीब से गुज़र गए तेरे ही ख्याल से!Upload to Facebook
    यह मेरा इश्क़ था या फिर दीवानगी की इंतेहा;
    कि तेरे ही करीब से गुज़र गए तेरे ही ख्याल से!
  • हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका;<br/>
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया!
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    हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका;
    मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया!
    ~ Jigar Moradabadi