• पहली मोहब्बत पुराने मुक़द्दमे की तरह होती है;<br/>
न ख़त्म होती है और न इन्सान बाइज्जत बरी होता है।Upload to Facebook
    पहली मोहब्बत पुराने मुक़द्दमे की तरह होती है;
    न ख़त्म होती है और न इन्सान बाइज्जत बरी होता है।
  • बस इक झिजक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में;<br/>
कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में।Upload to Facebook
    बस इक झिजक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में;
    कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में।
    ~ Kaifi Azmi
  • हमने भी कभी चाहा था एक ऐसे शख्स को;<br/>
जो था आइने से नाज़ुक मगर था संगदिल।Upload to Facebook
    हमने भी कभी चाहा था एक ऐसे शख्स को;
    जो था आइने से नाज़ुक मगर था संगदिल।
  • उनको सोते हुए देखा था दमे-सुबह कभी;<br/>
क्या बताऊं जो इन आंखों ने समां देखा था।Upload to Facebook
    उनको सोते हुए देखा था दमे-सुबह कभी;
    क्या बताऊं जो इन आंखों ने समां देखा था।
    ~ Aziz Lucknowi
  • सितारों से आगे जहां और भी हैं;<br/>
अभी इश्क के इम्तिहां और भी हैं।Upload to Facebook
    सितारों से आगे जहां और भी हैं;
    अभी इश्क के इम्तिहां और भी हैं।
    ~ Allama Iqbal
  • सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें;<br/>
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहें;<br/>
शाखों से टूट जायें वो पत्ते नहीं हैं हम;<br/>
आँधियों से कोई कह दे कि औकात में रहें।Upload to Facebook
    सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें;
    जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहें;
    शाखों से टूट जायें वो पत्ते नहीं हैं हम;
    आँधियों से कोई कह दे कि औकात में रहें।
    ~ Rahat Indori
  • हर धड़कते पत्थर को, लोग दिल समझते हैं;<br/>
उम्र बीत जाती है, दिल को दिल बनाने में।Upload to Facebook
    हर धड़कते पत्थर को, लोग दिल समझते हैं;
    उम्र बीत जाती है, दिल को दिल बनाने में।
    ~ Bashir Badr
  • जागने की भी, जगाने की भी, आदत हो जाए;<br/>
काश तुझको किसी शायर से मोहब्बत हो जाए;<br/>
दूर हम कितने दिन से हैं, ये कभी गौर किया;<br/>
फिर न कहना जो अमानत में खयानत हो जाए।Upload to Facebook
    जागने की भी, जगाने की भी, आदत हो जाए;
    काश तुझको किसी शायर से मोहब्बत हो जाए;
    दूर हम कितने दिन से हैं, ये कभी गौर किया;
    फिर न कहना जो अमानत में खयानत हो जाए।
    ~ Rahat Indori
  • अब तो है इश्क़-ए-बुताँ में ज़िंदगानी का मज़ा;<br/>
जब ख़ुदा का सामना होगा तो देखा जाएगा। Upload to Facebook
    अब तो है इश्क़-ए-बुताँ में ज़िंदगानी का मज़ा;
    जब ख़ुदा का सामना होगा तो देखा जाएगा।
    ~ Akbar Allahabadi
  • जफा जो इश्क में होती है वह जफा ही नहीं;<br/>
सितम न हो तो मोहब्बत में कुछ मजा ही नहीं।<br/><br/>

Meaning:<br/>
जफा - जुल्मUpload to Facebook
    जफा जो इश्क में होती है वह जफा ही नहीं;
    सितम न हो तो मोहब्बत में कुछ मजा ही नहीं।

    Meaning:
    जफा - जुल्म
    ~ Allama Iqbal