• न मेरा नाम था, न दाम था बाजार-ए-मोहब्बत में;<br/>
तुमने भाव पूछकर अनमोल कर दिया।
    न मेरा नाम था, न दाम था बाजार-ए-मोहब्बत में;
    तुमने भाव पूछकर अनमोल कर दिया।
  • मोहब्बत खुद बताती है, कहाँ किसका ठिकाना है;<br/>
किसे आँखों में रखना है, किसे दिल में बसाना है।
    मोहब्बत खुद बताती है, कहाँ किसका ठिकाना है;
    किसे आँखों में रखना है, किसे दिल में बसाना है।
  • उनके देखने से जो आ जाती है चेहरे पर रौनक;<br/>
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।
    उनके देखने से जो आ जाती है चेहरे पर रौनक;
    वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।
    ~ Mirza Ghalib
  • आप की खातिर से हम करते हैं जब्ते-इज्तिराब;<br/>
देखकर बेताब मुझको और घबराते हैं आप!<br/><br/>
अर्थ:<br/>
जब्ते-इज्तिराब - बेचैनी या बेकरारी पर काबू <br/>
बेताब - व्याकुल, बेचैन
    आप की खातिर से हम करते हैं जब्ते-इज्तिराब;
    देखकर बेताब मुझको और घबराते हैं आप!

    अर्थ:
    जब्ते-इज्तिराब - बेचैनी या बेकरारी पर काबू
    बेताब - व्याकुल, बेचैन
  • उसको छूना जुर्म है तो मेरी सजा-ए-मौत का इंतजाम करो;<br/>
मेरे दिल की जिद है कि आज उसे सीने से लगाना है!
    उसको छूना जुर्म है तो मेरी सजा-ए-मौत का इंतजाम करो;
    मेरे दिल की जिद है कि आज उसे सीने से लगाना है!
  • कभी मुझको साथ लेके, <br/>
कभी मेरे साथ चल के,<br/>
वह बदल गये अचानक,<br/> 
मेरी ज़िन्दगी बदल कर।
    कभी मुझको साथ लेके,
    कभी मेरे साथ चल के,
    वह बदल गये अचानक,
    मेरी ज़िन्दगी बदल कर।
    ~ Ehsaan Danish
  • न मेरा नाम था, न दाम था बाजार-ए-मोहब्बत में;<br/>
तुमने भाव पूछकर अनमोल कर दिया!
    न मेरा नाम था, न दाम था बाजार-ए-मोहब्बत में;
    तुमने भाव पूछकर अनमोल कर दिया!
  • आप की खातिर से हम करते हैं जब्त-ए-इज्तिराब;<br/>
देखकर बेताब मुझको और घबराते हैं आप।<br/><br/>
Meaning:<br/>
1. जब्त-ए-इज्तिराब - बेचैनी या बेकरारी पर काबू <br/>
2. बेताब - व्याकुल, बेचैन
    आप की खातिर से हम करते हैं जब्त-ए-इज्तिराब;
    देखकर बेताब मुझको और घबराते हैं आप।

    Meaning:
    1. जब्त-ए-इज्तिराब - बेचैनी या बेकरारी पर काबू
    2. बेताब - व्याकुल, बेचैन
    ~ Bahadur Shah Zafar
  • अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का;<br/>
रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है।
    अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का;
    रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है।
  • हाल तो पूछ लूँ तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी;<br/>
ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है।
    हाल तो पूछ लूँ तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी;
    ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है।