• इश्क उन्हें ही गुनाह लगता है साहेब,<br/>

जिनके इरादों मे मिलावट होती है।
    इश्क उन्हें ही गुनाह लगता है साहेब,
    जिनके इरादों मे मिलावट होती है।
  • तेरे पास में बैठना भी इबादत;<br/>

तुझे दूर से देखना भी इबादत;<br/>

न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा;<br/>

तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत!
    तेरे पास में बैठना भी इबादत;
    तुझे दूर से देखना भी इबादत;
    न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा;
    तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत!
  • यूँ तो कोई सबूत नहीं है कि तुम मेरे हो;<br/>
 
ये दिल का रिश्ता तो बस यकीन से चलता है!
    यूँ तो कोई सबूत नहीं है कि तुम मेरे हो;
    ये दिल का रिश्ता तो बस यकीन से चलता है!
  • ज़रा छू लु तुमको के मुझको यकीं आ जाये;<br/>
लोग कहते है, मुझे साये से मोहब्बत है!
    ज़रा छू लु तुमको के मुझको यकीं आ जाये;
    लोग कहते है, मुझे साये से मोहब्बत है!
  • तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा;<br/>
तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा;<br/>
नहीं मिला इससे बढ़कर इन निगाहों को कोई;<br/> 
हमने जिसके लिए सारे जहान को देखा।
    तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा;
    तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा;
    नहीं मिला इससे बढ़कर इन निगाहों को कोई;
    हमने जिसके लिए सारे जहान को देखा।
  • रखना है तो फूलों को, तू रख ले निगाहों में;<br/>
ख़ुशबू तो मुसाफ़िर है, खो जाएगी राहों में!
    रखना है तो फूलों को, तू रख ले निगाहों में;
    ख़ुशबू तो मुसाफ़िर है, खो जाएगी राहों में!
  • न जाने क्या जादू है आपके पाक इश्क और अदाओं में;<br/>
बेफ़िक्र हूँ ज़माने से और मसरूफ़ हूँ आपकी मोहब्बत में!
    न जाने क्या जादू है आपके पाक इश्क और अदाओं में;
    बेफ़िक्र हूँ ज़माने से और मसरूफ़ हूँ आपकी मोहब्बत में!
  • आशिक़ी से मिलेगा ऐ ज़ाहिद;<br/>
बंदगी से ख़ुदा नहीं मिलता!
    आशिक़ी से मिलेगा ऐ ज़ाहिद;
    बंदगी से ख़ुदा नहीं मिलता!
  • वज़ाहत इसकी पूछोगे तो फिर लाज़िम है उलझोगे;<br/>
ये अक्सर बे-वजह होता है जिसको इश्क़ कहते हैं!
    वज़ाहत इसकी पूछोगे तो फिर लाज़िम है उलझोगे;
    ये अक्सर बे-वजह होता है जिसको इश्क़ कहते हैं!
  • इश्क मुहब्बत तो सब करते हैं,<br/>
गम-ऐ-जुदाई से सब डरते हैं,<br/>
हम तो न इश्क करते हैं न मुहब्बत,<br/>
हम तो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने के लिए तरसते हैं!
    इश्क मुहब्बत तो सब करते हैं,
    गम-ऐ-जुदाई से सब डरते हैं,
    हम तो न इश्क करते हैं न मुहब्बत,
    हम तो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने के लिए तरसते हैं!