• यूँ तो तमन्नाएं दिल में ना थी हमें लेकिन;<br/>
ना जाने तुझे देखकर क्यों आशिक़ बन बैठे;<br/>
बंदगी तो खुदा की भी करते थे लेकिन;<br/>
ना जाने क्यों हम काफ़िर बन बैठे।
    यूँ तो तमन्नाएं दिल में ना थी हमें लेकिन;
    ना जाने तुझे देखकर क्यों आशिक़ बन बैठे;
    बंदगी तो खुदा की भी करते थे लेकिन;
    ना जाने क्यों हम काफ़िर बन बैठे।
  • तुम बिन ज़िंदगी सूनी सी लगती है;<br/>
हर पल अधूरी सी लगती है;<br/>
अब तो इन साँसों को अपनी साँसों से जोड़ दे;<br/>
क्योंकि अब यह ज़िंदगी कुछ पल की मेहमान सी लगती है।
    तुम बिन ज़िंदगी सूनी सी लगती है;
    हर पल अधूरी सी लगती है;
    अब तो इन साँसों को अपनी साँसों से जोड़ दे;
    क्योंकि अब यह ज़िंदगी कुछ पल की मेहमान सी लगती है।
  • 'अनीस' आसान नहीं आबाद करना घर मोहब्बत का;
    ये उन का काम है जो ज़िंदगी बर्बाद करते हैं।
    ~ Meer Anees
  • तेरे प्यार का सिला हर हाल में देंगे;
    खुदा भी मांगे ये दिल तो टाल देंगे;
    अगर दिल ने कहा तुम बेवफ़ा हो;
    तो इस दिल को भी सीने से निकाल देंगे।
  • हम फिर उनके रूठ जाने पर फ़िदा होने लगे;
    फिर हमे प्यार आ गया जब वो ख़फ़ा होने लगे।
  • संगमरमर के महल में तेरी ही तस्वीर सजाऊंगा;
    मेरे इस दिल में ऐ प्यार तेरे ही ख्वाब सजाऊंगा;
    यूँ एक बार आजमा के देख तेरे दिल में बस जाऊंगा;
    मैं तो प्यार का हूँ प्यासा जो तेरे आगोश में मर जाऊॅंगा।
  • तपिश से बच के घटाओं में बैठ जाते हैं;
    गए हुए कि सदाओं में बैठ जाते हैं;
    हम इर्द-गिर्द के मौसम से घबरायें;
    तेरे ख्यालों की छाओं में बैठ जाते हैं।
    ~ Farhat Abbas Shah
  • हम जानते तो इश्क़ न करते किसी के साथ;
    ले जाते दिल को ख़ाक में इस आरज़ू के साथ।
    ~ Mir Taqi Mir
  • इश्क़ का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करूँ;<br/>
आप भूल भी जाओ तो मैं हर पल याद करूँ;<br/>
इस इश्क़ ने बस इतना सिखाया है मुझे;<br/>
कि खुद से पहले आपके लिए दुआ करूँ।
    इश्क़ का शुक्रिया कुछ इस तरह अदा करूँ;
    आप भूल भी जाओ तो मैं हर पल याद करूँ;
    इस इश्क़ ने बस इतना सिखाया है मुझे;
    कि खुद से पहले आपके लिए दुआ करूँ।
  • मुझे भी अब नींद की तलब नहीं;
    अब रातों को जागना अच्छा लगता है;
    पता नहीं वो मेरी तकदीर में है कि नहीं;
    पर उसे खुदा से माँगना अच्छा लगता है।