• ऊपर से गुस्सा दिल से प्यार करते हो;<br/>
नज़रें चुराते हो दिल बेक़रार करते हो;<br/>
लाख़ छुपाओ दुनिया से मुझे ख़बर है;<br/>
तुम मुझे ख़ुद से भी ज्यादा प्यार करते हो।
    ऊपर से गुस्सा दिल से प्यार करते हो;
    नज़रें चुराते हो दिल बेक़रार करते हो;
    लाख़ छुपाओ दुनिया से मुझे ख़बर है;
    तुम मुझे ख़ुद से भी ज्यादा प्यार करते हो।
  • आप पहलू में जो बैठें तो संभल कर बैठें;
    दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की।
    ~ Jaleel Manikpuri
  • ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो;
    नशा बढ़ता है शराबें जो शराबों में मिलें;
    अब न वो मैं हूं न तू है न वो माज़ी है 'फ़राज़'
    जैसे दो साये तमन्‍ना के सराबों में मिलें।
    ~ Ahmad Faraz
  • हमसफ़र तो साथ-साथ चलते हैं;<br/>
रास्ते तो बेवफ़ा बदलते हैं;<br/>
आपका चेहरा है जब से मेरे दिल में;<br/>
जाने क्यों लोग मेरे दिल से जलते हैं।
    हमसफ़र तो साथ-साथ चलते हैं;
    रास्ते तो बेवफ़ा बदलते हैं;
    आपका चेहरा है जब से मेरे दिल में;
    जाने क्यों लोग मेरे दिल से जलते हैं।
  • घर से बाहर वो नक़ाब मे निकली;<br/>
सारी गली उनकी फिराक मे निकली;<br/>
इनकार करते थे वो हमारी मोहब्बत से;<br/>
और हमारी ही तस्वीर उनकी किताब से निकली।
    घर से बाहर वो नक़ाब मे निकली;
    सारी गली उनकी फिराक मे निकली;
    इनकार करते थे वो हमारी मोहब्बत से;
    और हमारी ही तस्वीर उनकी किताब से निकली।
  • मैं खुद पहल करूँ या उधर से हो इब्तिदा;<br/>
बरसों गुज़र गए हैं यही सोचते हुए।
    मैं खुद पहल करूँ या उधर से हो इब्तिदा;
    बरसों गुज़र गए हैं यही सोचते हुए।
    ~ Ehsaan Danish
  • निकलते हैं तेरे आशियां के आगे से यह सोच कर कि तेरा दीदार हो जायेगा;
    खिड़की से तेरी सूरत न सही तेरा साया तो नजर आएगा।
  • चुपके चुपके पहले वो ज़िन्दगी में आते हैं;
    मीठी मीठी बातों से दिल में उतर जाते हैं;
    बच के रहना इन हुस्न वालों से यारो;
    इन की आग में कई आशिक जल जाते हैं।
  • साहिल पर खड़े-खड़े हमने शाम कर दी;
    अपना दिल और दुनिया आप के नाम कर दी;
    ये भी न सोचा कैसे गुज़रेगी ज़िंदगी;
    बिना सोचे-समझे हर ख़ुशी आपके नाम कर दी।
  • आँखों मे आ जाते है आँसू;<br/>
फिर भी लबों पे हँसी रखनी पड़ती है;<br/>
ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो;<br/>
जिस से करते हैं उसी से छुपानी पड़ती है।
    आँखों मे आ जाते है आँसू;
    फिर भी लबों पे हँसी रखनी पड़ती है;
    ये मोहब्बत भी क्या चीज़ है यारो;
    जिस से करते हैं उसी से छुपानी पड़ती है।