• फिर न सिमटेगी मोहब्बत जो बिखर जायेगी;
    ज़िंदगी ज़ुल्फ़ नहीं जो फिर संवर जायेगी;
    थाम लो हाथ उसका जो प्यार करे तुमसे;
    ये ज़िंदगी ठहरेगी नहीं जो गुज़र जायेगी।
    ~ Allama Iqbal
  • जिस रंग में देखो उसे वो पर्दानशीं है;
    और उस पे ये पर्दा है कि पर्दा ही नहीं है;
    मुझ से कोई पूछे तेरे मिलने की अदायें;
    दुनिया तो यह कहती है कि मुमकिन ही नहीं है।
    ~ Jigar Moradabadi
  • कौन कहता है मोहब्बत की ज़ुबान होती है;
    होंठों के बिना खुले ही हक़ीक़त बयां होती है;
    इश्क़ वो खुदायी है मेरे दोस्त,
    जो लफ़्ज़ों से नहीं आँखों से बयां होती है।
  • सरे राह जो उनसे नज़र मिली,
    तो नक़्श दिल के उभर गए;
    हम नज़र मिला कर झिझक गए,
    वो नज़र झुका कर चले गए।
    ~ Mirza Ghalib
  • जब आंसू आए तो रो जाते हैं;<br/>
जब ख्वाब आए तो खो जाते हैं;<br/>
नींद आंखो में आती नहीं;<br/>
बस आप ख्वाबो में आयेंगे, यही सोच कर सो जाते हैं।
    जब आंसू आए तो रो जाते हैं;
    जब ख्वाब आए तो खो जाते हैं;
    नींद आंखो में आती नहीं;
    बस आप ख्वाबो में आयेंगे, यही सोच कर सो जाते हैं।
  • ना जाने इतनी मुहब्बत कहां से आई है उसके लिये;
    कि मेरा दिल भी उसकी खातिर मुझसे रूठ जाता है।
  • ले गया छीन के कौन आज तेरा सब्रो-करार;
    बेक़रारी तुझे ऐ दिल कभी ऐसी तो न थी।
    ~ Bahadur Shah Zafar
  • ​मोहब्बत के बाद मोहब्बत मुमकिन तो है;<br/>
पर टूट कर चाहना सिर्फ एक बार होता है​।
    ​मोहब्बत के बाद मोहब्बत मुमकिन तो है;
    पर टूट कर चाहना सिर्फ एक बार होता है​।
  • ​हज़ार चेहरों में उसकी मुशाहबतें मिले मुझ को;
    पर दिल की ज़िद थी अगर वो नहीं तो उस जैसा भी नहीं।
  • तोड़ कर देख लिया आईना-ए-दिल तूने;​<br/>
तेरी सूरत के सिवा और बता क्या निकला​।
    तोड़ कर देख लिया आईना-ए-दिल तूने;​
    तेरी सूरत के सिवा और बता क्या निकला​।