• ​उससे कहो के मेरी सजा को कुछ कम कर दे;<br/>
मैं आदि मुजरिम नहीं हूँ गलती से इश्क हुआ था।
    ​उससे कहो के मेरी सजा को कुछ कम कर दे;
    मैं आदि मुजरिम नहीं हूँ गलती से इश्क हुआ था।
  • मेरे इन होंठों पर तेरा नाम अब भी है;
    भले छीन ली तुमने मुस्कुराहट हमारी।
  • हमारे प्यार का यूँ इम्तिहान ना लो;<br/>
करके बेरुखी मेरी तुम जान ना लो;<br/>
एक इशारा कर दो हम खुद मर जाएंगे;<br/>
हमारी मौत का खुद पर इल्ज़ाम ना लो।
    हमारे प्यार का यूँ इम्तिहान ना लो;
    करके बेरुखी मेरी तुम जान ना लो;
    एक इशारा कर दो हम खुद मर जाएंगे;
    हमारी मौत का खुद पर इल्ज़ाम ना लो।
  • चाहने वाले की जानता है अजमत कोई-कोई;<br/>
दिल से करता है आज मोहब्बत कोई-कोई;<br/>
मोहब्बत में चाहते हैं सब अशूक यार;<br/>
दीवाने की माफिक चाहे तुरबत कोई-कोई।
    चाहने वाले की जानता है अजमत कोई-कोई;
    दिल से करता है आज मोहब्बत कोई-कोई;
    मोहब्बत में चाहते हैं सब अशूक यार;
    दीवाने की माफिक चाहे तुरबत कोई-कोई।
  • कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मुफलिसी मेरी;
    ​चंद सिक्कों के लिए तुने क्या नहीं खोया है;​
    माना नहीं है मखमल का बिछोना मेरे पास;
    पर तु ये बता, कितनी राते चैन से सोया है।
    ~ Lata Chaudhary
  • तुम राह में चुप-चाप खड़े हो तो गए हो;
    किस-किस को बताओगे घर क्यों नहीं जाते।
  • अगर इश्क़ गुनाह है गुनाहगार है खुदा;<br/>
जिसने बनाया दिल किसी पर आने के लिए।
    अगर इश्क़ गुनाह है गुनाहगार है खुदा;
    जिसने बनाया दिल किसी पर आने के लिए।
  • मोहब्बत की हद्द है सितारों से आगे;<br/>
प्यार का जहाँ है बहारों से आगे;<br/>
वो दीवानों की कश्ती जब बहने लगी;<br/>
तो बहते बह गई किनारों से आगे।
    मोहब्बत की हद्द है सितारों से आगे;
    प्यार का जहाँ है बहारों से आगे;
    वो दीवानों की कश्ती जब बहने लगी;
    तो बहते बह गई किनारों से आगे।
  • कहते हैं लोग खुदा की इबादत है;<br/>
ये मेरी समझ में तो एक जहालत है;<br/>
चैन न आए दिल को, रात जाग के गुजरे;<br/>
जरा बताओ दोस्तों क्या यही मोहब्बत है।
    कहते हैं लोग खुदा की इबादत है;
    ये मेरी समझ में तो एक जहालत है;
    चैन न आए दिल को, रात जाग के गुजरे;
    जरा बताओ दोस्तों क्या यही मोहब्बत है।
  • है इश्क़ की मंज़िल में हाल के जैसे;
    लुट जाए कहीं राह में सामान किसी का।
    ~ Bhaddurshah Zafar