• ​​मोहब्बत नहीं है क़ैद मिलने या बिछड़ने की​;​
    ये इन खुदगर्ज़ लफ़्ज़ों से बहुत आगे की बात है।
  • मुद्दत से दूर थे हम-तुम;<br/>
एक ज़माने के बाद मिलना अच्छा लगा;<br/>
सागर से गहरा लगा प्यार आपका;<br/>
तैरना तो आता था पर डूबना अच्छा लगा।Upload to Facebook
    मुद्दत से दूर थे हम-तुम;
    एक ज़माने के बाद मिलना अच्छा लगा;
    सागर से गहरा लगा प्यार आपका;
    तैरना तो आता था पर डूबना अच्छा लगा।
  • कितने तोहफे देती है ये मोहब्बत भी यार;
    दुःख अलग रुस्वाई अलग, जुदाई अलग तन्हाई अलग।
  • ​उस एक चेहरे ने हमें ​तन्हा कर दिया वरना;​<br/>
हम तो ​अपने आप में ही एक महफ़िल हुआ करते थे।Upload to Facebook
    ​उस एक चेहरे ने हमें ​तन्हा कर दिया वरना;​
    हम तो ​अपने आप में ही एक महफ़िल हुआ करते थे।
  • ​इश्क़ ने हमें बेनाम कर दिया;<br/>
हर ख़ुशी से अनजान कर दिया;<br/>
हमने कभी नहीं चाहा कि हमें इश्क़ हो;<br/>
पर उनकी एक नज़र ने हमें नीलाम कर दिया।Upload to Facebook
    ​इश्क़ ने हमें बेनाम कर दिया;
    हर ख़ुशी से अनजान कर दिया;
    हमने कभी नहीं चाहा कि हमें इश्क़ हो;
    पर उनकी एक नज़र ने हमें नीलाम कर दिया।
  • ना रूठना हमसे हम मर जाएंगे;
    दिल की दुनिया तबाह कर जाएंगे;
    प्यार किया है हमने कोई मज़ाक नहीं;
    दिल की धड़कन तेरे नाम कर जाएंगे।
  • ​मैं अल्फाज़ हूँ तेरी हर बात समझता हूँ​;​<br/>
मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ​;​<br/>
कब पूछा मैंने ​कि ​क्यूँ दूर हो मुझसे​;​<br/>
मैं दिल रखता हूँ तेरे हालात समझता हूँ​।Upload to Facebook
    ​मैं अल्फाज़ हूँ तेरी हर बात समझता हूँ​;​
    मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ​;​
    कब पूछा मैंने ​कि ​क्यूँ दूर हो मुझसे​;​
    मैं दिल रखता हूँ तेरे हालात समझता हूँ​।
  • ​तु ही मिल जाए मुझे बस इतना ही काफी है​;​<br/>
मेरी हर सांस ने बस ये ही दुआ मांगी है​;​<br/>
जाने क्यूँ दिल खिंचा चला जाता है तेरी तरफ​;​<br/>
क्या तूने भी मुझे पाने की दुआ मांगी है​।Upload to Facebook
    ​तु ही मिल जाए मुझे बस इतना ही काफी है​;​
    मेरी हर सांस ने बस ये ही दुआ मांगी है​;​
    जाने क्यूँ दिल खिंचा चला जाता है तेरी तरफ​;​
    क्या तूने भी मुझे पाने की दुआ मांगी है​।
  • ​तेरे बगैर इस ज़िन्दगी की हमें जरुरत नहीं​;​<br/>
तेरे सिवा हमें किसी और की चाहत नहीं​;​<br/>
तुम ही रहोगे हमेशा मेरे दिल​ में​;​<br/>
किसी और को इस दिल में आने की इजाज़त नहीं​।Upload to Facebook
    ​तेरे बगैर इस ज़िन्दगी की हमें जरुरत नहीं​;​
    तेरे सिवा हमें किसी और की चाहत नहीं​;​
    तुम ही रहोगे हमेशा मेरे दिल​ में​;​
    किसी और को इस दिल में आने की इजाज़त नहीं​।
  • ​​एक अजनबी से बात क्या हुई क़यामत हो गयी​;<br/>सारे शहर को इस चाहत की खबर हो गयी​​;​<br/>​क्यूँ ना दोष दू ​इस ​दिल-ऐ-नादाँ को​;​<br/>दोस्ती का इरादा था और मोहब्बत हो गयी​।Upload to Facebook
    ​​एक अजनबी से बात क्या हुई क़यामत हो गयी​;
    सारे शहर को इस चाहत की खबर हो गयी​​;​
    ​क्यूँ ना दोष दू ​इस ​दिल-ऐ-नादाँ को​;​
    दोस्ती का इरादा था और मोहब्बत हो गयी​।