• जिस तरह रगों में खून रहता है;
    इस तरह तेरी चाहत का जुनून रहता है;
    ज़िंदगी की हर ख़ुशी मंसूब है तुमसे;
    बात हो तुमसे तो दिल को सुकून रहता है।
  • अब भी आता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ;<br/>
लोग जल जल कर ख़ाक हुए जाते हैं;<br/>
उड़ता है दिल से जैसे धुआँ;<br/>
बस वो छूने से ही राख हुए जाते है।Upload to Facebook
    अब भी आता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ;
    लोग जल जल कर ख़ाक हुए जाते हैं;
    उड़ता है दिल से जैसे धुआँ;
    बस वो छूने से ही राख हुए जाते है।
  • हाँ! मुझे रस्म-ए-मोहब्बत का सलीक़ा ही नहीं;<br/>
जा! किसी और का होने की इजाज़त है तुझे।Upload to Facebook
    हाँ! मुझे रस्म-ए-मोहब्बत का सलीक़ा ही नहीं;
    जा! किसी और का होने की इजाज़त है तुझे।
  • तलब करे तो मैं अपनी आँखें भी उन्हें देदू;
    मगर ये लोग मेरी आँखों के ख्वाब मांगते हैं।
  • बड़ी मुद्दत से चाहा है तुम्हे;<br/>
बड़ी दुआओ से पाया है तुम्हे;<br/>
तुझे भुलाने का सोचूं भी कैसे;<br/>
किस्मत की लकीरों से चुराया है तुम्हें।​Upload to Facebook
    बड़ी मुद्दत से चाहा है तुम्हे;
    बड़ी दुआओ से पाया है तुम्हे;
    तुझे भुलाने का सोचूं भी कैसे;
    किस्मत की लकीरों से चुराया है तुम्हें।​
  • यह रात इतनी तन्हा क्यों होती है;
    किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों होती है;
    अजीब खेल खेलती है ये किस्मत भी;
    जिसे पा नहीं सकते उसी से मोहब्बत क्यों होती है।
  • ​​मोहब्बत नहीं है क़ैद मिलने या बिछड़ने की​;​
    ये इन खुदगर्ज़ लफ़्ज़ों से बहुत आगे की बात है।
  • मुद्दत से दूर थे हम-तुम;<br/>
एक ज़माने के बाद मिलना अच्छा लगा;<br/>
सागर से गहरा लगा प्यार आपका;<br/>
तैरना तो आता था पर डूबना अच्छा लगा।Upload to Facebook
    मुद्दत से दूर थे हम-तुम;
    एक ज़माने के बाद मिलना अच्छा लगा;
    सागर से गहरा लगा प्यार आपका;
    तैरना तो आता था पर डूबना अच्छा लगा।
  • कितने तोहफे देती है ये मोहब्बत भी यार;
    दुःख अलग रुस्वाई अलग, जुदाई अलग तन्हाई अलग।
  • ​उस एक चेहरे ने हमें ​तन्हा कर दिया वरना;​<br/>
हम तो ​अपने आप में ही एक महफ़िल हुआ करते थे।Upload to Facebook
    ​उस एक चेहरे ने हमें ​तन्हा कर दिया वरना;​
    हम तो ​अपने आप में ही एक महफ़िल हुआ करते थे।