• तमाम नींदें गिरवी हैं हमारी उसके पास;
    जिससे ज़रा सी मुहब्बत की थी हमनें!
  • बस इतना ही कहा था, कि बरसो के प्यासे हैं हम;<br />
उसने अपने होठों पे होंठ रख के, हमे खामोश कर दिया!
    बस इतना ही कहा था, कि बरसो के प्यासे हैं हम;
    उसने अपने होठों पे होंठ रख के, हमे खामोश कर दिया!
  • उनके आने के इंतज़ार में हमनें;<br />
सारे रास्ते दिएँ से जलाकर रोशन कर दिए!<br />
उन्होंने सोचा कि मिलने का वादा तो रात का था;<br />
वो सुबह समझ कर वापस चल दिए।
    उनके आने के इंतज़ार में हमनें;
    सारे रास्ते दिएँ से जलाकर रोशन कर दिए!
    उन्होंने सोचा कि मिलने का वादा तो रात का था;
    वो सुबह समझ कर वापस चल दिए।
  • बेवाफायों की इस दुनियां में संभलकर चलना मेरे दोस्तों;
    यहाँ बर्बाद करने के लिए, मुहब्बत का भी सहारा लेते हैं लोग!
  • अगर हो सके तो वापस कर दो वो हमें;
    जिस दिल के बिना, हमारा दिल नहीं लगता!
  • मेरे इश्क ने सीख ली है, अब वक़्त की तकसीम...<br />
वो मुझे बहुत कम याद आता है;<br />
सिर्फ इतना - दिल की हर एक धड़कन के साथ!
    मेरे इश्क ने सीख ली है, अब वक़्त की तकसीम...
    वो मुझे बहुत कम याद आता है;
    सिर्फ इतना - दिल की हर एक धड़कन के साथ!
  • बड़ी मुददत के बाद मिलने वाली थी कैद से आज़ादी;
    पर किस्मत तो देखो, जब आज़ादी मिलने वाली थी;
    तब तक पिंजरे से प्यार हो चुका था!
  • मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही;<br /> 
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही;<br /> 
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो;<br /> 
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!
    मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही;
    वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही;
    ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो;
    सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!
  • खफा न होना हमसे, अगर तेरा नाम जुबां पर आ जाये;
    इंकार हुआ तो सह लेंगे और अगर दुनिया हंसी, तो कह देंगे;
    कि मोहब्बत कोई चीज़ नहीं, जो खैरात में मिल जाये;
    चमचमाता कोई जुगनू नहीं, जो हर रात में मिल जाये;
  • हमसे बदल गये वो निगाहें तो क्या हुआ
    जिंदा हैं कितने लोग मोहब्बत किये बगैर!