• वो खुद पर गरूर करते है, तो इसमें हैरत की कोई बात नहीं!
    जिन्हें हम चाहते है, वो आम हो ही नहीं सकते!
  • कोई ठुकरा दे तू हंस के सह लेना;
    मोहब्बत की ताबित में ज़बरदस्ती नहीं होती!
  • ये वफ़ा तो उस वक्त की बात है ऐ फ़राज़;
    जब मकान कच्चे और लोग सच्चे हुआ करते थे!
  • कोई अच्छा लगे तो उनसे प्यार मत करना;
    उनके लिए अपनी नींदे बेकार मत करना;
    दो दिन तो आएँगे खुशी से मिलने;
    तीसरे दिन कहेंगे इंतज़ार मत करना!
  • कृष्ण ने राधा से पूछा: ऐसी एक जगह बताओ, जहाँ में नहीं हूँ?
    राधा ने मुस्कुराके कहा, `बस मेरे नसीब में`!
  • चहरे पर हंसी छा जाती है!
    आँखों में सुरूर आ जाता है!
    जब तुम मुझे अपना कहते हो,
    अपने पर गुरुर आ जाता है!
  • अगर तुम न होते तो ग़ज़ल कौन कहता!
    तुम्हारे चहरे को कमल कौन कहता!
    यह तो करिश्मा है मोहब्बत का!
    वरना पत्थर को ताज महल कौन कहता!
  • तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने!
    तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने!
    दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल!
    दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने!
  • मोहब्बत मुझे थी उसी से सनम!
    यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा!
    मौत भी मेरी चाहत को रोक न सकी!
    कब्र में भी यह दिल धड़कता रहा!
  • जब तक तुम्हें न देखूं!
    दिल को करार नहीं आता!
    अगर किसी गैर के साथ देखूं!
    तो फिर सहा नहीं जाता!