ग़ज़ल Hindi Shayari (Page 2)

उलझाव का मज़ा भी...

उलझाव का मज़ा भी तेरी बात ही में था;
तेरा जवाब तेरे सवालात ही में था;

साया किसी यक़ीं का भी जिस पर न पड़ सका;
वो घर भी शहर-ए-दिल के मुज़ाफ़ात ही में था;

इलज़ाम क्या है ये भी न जाना तमाम उम्र;
मुल्ज़िम तमाम उम्र हवालात ही में था;

अब तो फ़क़त बदन की मुरव्वत है दरमियाँ;
था रब्त जान-ओ-दिल का तो शुरूआत ही में था;

मुझ को तो क़त्ल करके मनाता रहा है जश्न;
वो ज़िलिहाज़ शख़्स मेरी ज़ात ही में था।
~ Aziz Qaizi
काँटा सा जो चुभा था...

काँटा सा जो चुभा था वो लौ दे गया है क्या;
घुलता हुआ लहू में ये ख़ुर्शीद सा है क्या;

पलकों के बीच सारे उजाले सिमट गए;
साया न साथ दे ये वही मरहला है क्या;

मैं आँधियों के पास तलाश-ए-सबा में हूँ;
तुम मुझ से पूछते हो मेरा हौसला है क्या;

साग़र हूँ और मौज के हर दाएरे में हूँ;
साहिल पे कोई नक़्श-ए-क़दम खो गया है क्या;

सौ सौ तरह लिखा तो सही हर्फ़-ए-आरज़ू;
इक हर्फ़-ए-आरज़ू ही मेरी इंतिहा है क्या;

क्या फिर किसी ने क़र्ज़-ए-मुरव्वत अदा किया;
क्यों आँख बे-सवाल है दिल फिर दुखा है क्या।
~ Ada Jafri
अपने चेहरे से जो...

अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे;
तेरी मर्ज़ी के मुताबिक नज़र आयें कैसे;

घर सजाने का तस्सवुर तो बहुत बाद का है;
पहले ये तय हो कि इस घर को बचायें कैसे;

क़हक़हा आँख का बर्ताव बदल देता है;
हँसने वाले तुझे आँसू नज़र आयें कैसे;

कोई अपनी ही नज़र से तो हमें देखेगा;
एक क़तरे को समंदर नज़र आयें कैसे।
~ Wasim Barelvi
अश्क आंखों में...

अश्क आँखों में कब नहीं आता;
लहू आता है जब नहीं आता;

होश जाता नहीं रहा लेकिन;
जब वो आता है तब नहीं आता;

दिल से रुखसत हुई कोई ख्वाहिश;
गिरिया कुछ बे-सबब नहीं आता;

इश्क का हौसला है शर्त वरना;
बात का किस को ढब नहीं आता;

जी में क्या-क्या है अपने ऐ हमदम;
हर सुखन ता बा-लब नहीं आता।
~ Meer Taqi Meer
न सियो होंठ...

न सियो होंठ, न ख़्वाबों में सदा दो हम को;
मस्लेहत का ये तकाज़ा है, भुला दो हम को;

हम हक़ीक़त हैं, तो तसलीम न करने का सबब;
हां अगर हर्फ़-ए-ग़लत हैं, तो मिटा दो हम को;

शोरिश-ए-इश्क़ में है, हुस्न बराबर का शरीक;
सोच कर ज़ुर्म-ए-मोहब्बत की, सज़ा दो हम को;

मक़सद-जीस्त ग़म-ए-इश्क़ है, सहरा हो कि शहर;
बैठ जाएंगे जहां चाहे, बिठा दो हम को।
~ Ehsaan Danish
घर की दहलीज़ से...

घर की दहलीज़ से बाज़ार में मत आ जाना;
तुम किसी चश्म-ए-ख़रीदार में मत आ जाना;

ख़ाक उड़ाना इन्हीं गलियों में भला लगता है;
चलते फिरते किसी दरबार में मत आ जाना;

यूँ ही ख़ुशबू की तरह फैलते रहना हर सू;
तुम किसी दाम-ए-तलब-गार में मत आ जाना;

दूर साहिल पे खड़े रह के तमाशा करना;
किसी उम्मीद के मझदार में मत आ जाना;

अच्छे लगते हो के ख़ुद-सर नहीं ख़ुद्दार हो तुम;
हाँ सिमट के बुत-ए-पिंदार में मत आ जाना;

चाँद कहता हूँ तो मतलब न ग़लत लेना तुम;
रात को रोज़न-ए-दीवार में मत आ जाना।
~ Aitbar Sajid
नसीब आज़माने के दिन...

नसीब आज़माने के दिन आ रहे हैं;
क़रीब उन के आने के दिन आ रहे हैं;

जो दिल से कहा है जो दिल से सुना है;
सब उनको सुनाने के दिन आ रहे हैं;

अभी से दिल-ओ-जाँ सर-ए-राह रख दो;
कि लुटने-लुटाने के दिन आ रहे हैं;

टपकने लगी उन निगाहों से मस्ती;
निगाहें चुराने के दिन आ रहे हैं;

सबा फिर हमें पूछती फिर रही है;
चमन को सजाने के दिन आ रहे हैं;

चलो 'फ़ैज़' फिर से कहीं दिल लगायें;
सुना है ठिकाने के दिन आ रहे हैं।
~ Faiz Ahmad Faiz
दर्द अपनाता है...

दर्द अपनाता है पराए कौन;
कौन सुनता है और सुनाए कौन;

कौन दोहराए वो पुरानी बात;
ग़म अभी सोया है जगाए कौन;

वो जो अपने हैं क्या वो अपने हैं;
कौन दुख झेले आज़माए कौन;

अब सुकूँ है तो भूलने में है;
लेकिन उस शख़्स को भुलाए कौन;

आज फिर दिल है कुछ उदास उदास;
देखिये आज याद आए कौन।
~ Javed Akhtar
वफ़ाएँ कर के जफ़ाओं का ग़म...

वफ़ाएँ कर के जफ़ाओं का ग़म उठाए जा;
इसी तरह से ज़माने को आज़माए जा;

किसी में अपनी सिफ़त के सिवा कमाल नहीं;
जिधर इशारा-ए-फ़ितरत हो सर झुकाए जा;

वो लौ रबाब से निकली धुआँ उठा दिल से;
वफ़ा का राग इसी धुन में गुनगुनाए जा;

नज़र के साथ मोहब्बत बदल नहीं सकती;
नज़र बदल के मोहब्बत को आज़माए जा;

ख़ुदी-ए-इश्क़ ने जिस दिन से खोल दीं आँखें;
है आँसुओं का तक़ाज़ा कि मुस्कुराए जा;

वफ़ा का ख़्वाब है 'एहसान' ख़्वाब-ए-बे-ताबीर;
वफ़ाएँ कर के मुक़द्दर को आज़माए जा।
~ Ehsaan Danish
आया हूँ संग ओ ख़िश्त के...

आया हूँ संग ओ ख़िश्त के अम्बार देख कर;
ख़ौफ़ आ रहा है साया-ए-दीवार देख कर;

आँखें खुली रही हैं मेरी इंतज़ार में;
आए न ख़्वाब दीद-ए-बे-दार देख कर;

ग़म की दुकान खोल के बैठा हुआ था मैं;
आँसू निकल पड़े हैं ख़रीददार देख कर;

क्या इल्म था फिसलने लगेंगे मेरे क़दम;
मैं तो चला था राह को हम-वार देख कर;

हर कोई पार-साई की उम्दा मिसाल था;
दिल ख़ुश हुआ है एक गुनह-गार देख कर।
~ Adeem Hashmi

Quotes

दुनिया हमे यह बताकर मूर्ख बनाती है कि हमें कल का इंतज़ार करना चाहिए, जबकि जीवन का आनंद इसी क्षण में है जिसमे आप जी रहे हैं।

Trivia

There's a Japanese island that has been taken over by cats - It's called Tashirojima.

Graffiti

Alimony - When two people make a mistake and one of them continues to pay for it!