• मेरे अल्फ़ाज़ का जादू ज़माने की ज़बाँ पर है;<br/>
तुम्हारी साज़िशों की हर कहानी बेअसर निकली!
    मेरे अल्फ़ाज़ का जादू ज़माने की ज़बाँ पर है;
    तुम्हारी साज़िशों की हर कहानी बेअसर निकली!
  • ख़ुदा महफूज़ रखें आपको तीनों बलाओं से,<BR/>

वकीलों से, हक़ीमों से, हसीनों की निगाहों से!
    ख़ुदा महफूज़ रखें आपको तीनों बलाओं से,
    वकीलों से, हक़ीमों से, हसीनों की निगाहों से!
    ~ Akbar Allahabadi
  • आँखों को फोड़ डालूँ या दिल को तोड़ डालूँ;<br/>
या इश्क़ की पकड़ कर गर्दन मरोड़ डालूँ|
    आँखों को फोड़ डालूँ या दिल को तोड़ डालूँ;
    या इश्क़ की पकड़ कर गर्दन मरोड़ डालूँ|
    ~ Mushafi Ghulam Hamdani
  • कौन डूबेगा किसे पार उतरना है 'ज़फ़र';<BR/>

फ़ैसला वक़्त के दरिया में उतर कर होगा!
    कौन डूबेगा किसे पार उतरना है 'ज़फ़र';
    फ़ैसला वक़्त के दरिया में उतर कर होगा!
    ~ Ahmad Zafar
  • हसरत भरी निगाहों को आराम तक नहीं,<br/>
वो यूँ बदल गये है के अब सलाम तक नहीं!
    हसरत भरी निगाहों को आराम तक नहीं,
    वो यूँ बदल गये है के अब सलाम तक नहीं!
  • गुनाह करके कहां जाओगे गालिब;<br/>
ये जमीन और आसमान सब उसी का है!
    गुनाह करके कहां जाओगे गालिब;
    ये जमीन और आसमान सब उसी का है!
    ~ Mirza Ghalib
  • अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी;<br/>
तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन!
    अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी;
    तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन!
    ~ Allama Iqbal
  • अब मुझे मानें न मानें ऐ 'हफ़ीज़';<BR/>
मानते हैं सब मिरे उस्ताद को !
    अब मुझे मानें न मानें ऐ 'हफ़ीज़';
    मानते हैं सब मिरे उस्ताद को !
    ~ Hafeez Jalandhari
  • उडती हुई अफवाहों के जवाब तो बहुत थे मेरे पास;<br/>
मगर खत्म हुए किस्सों की खामोशी ही बेहतर लगी!
    उडती हुई अफवाहों के जवाब तो बहुत थे मेरे पास;
    मगर खत्म हुए किस्सों की खामोशी ही बेहतर लगी!
  • परदो की क्या बिसात जो दीदार को रोक दे;<br/>

नजर में धार हो तो क्या इस पार क्या उस पार!
    परदो की क्या बिसात जो दीदार को रोक दे;
    नजर में धार हो तो क्या इस पार क्या उस पार!