• शिकायत तो आज भी मुझे खुद से है,<br/>
खैर तुमसे तो इश्क़ ही रहेगा!
    शिकायत तो आज भी मुझे खुद से है,
    खैर तुमसे तो इश्क़ ही रहेगा!
  • हमसे खेलती रही दुनिया ताश के पत्तों की तरह,<br/>
जिसने जीता उसने भी फेंका और जो हारा उसने भी फेंका!
    हमसे खेलती रही दुनिया ताश के पत्तों की तरह,
    जिसने जीता उसने भी फेंका और जो हारा उसने भी फेंका!
  • करो फिर से कोई वादा कभी न बिछड़ने का,<br/>
तुम्हें क्या फर्क पड़ता है फिर से मुकर जाना!
    करो फिर से कोई वादा कभी न बिछड़ने का,
    तुम्हें क्या फर्क पड़ता है फिर से मुकर जाना!
  • अभी तो साथ चलना है, समंदर की मुसाफत में,<br/>
किनारे पर ही देखेंगे, किनारा कौन करता है।
    अभी तो साथ चलना है, समंदर की मुसाफत में,
    किनारे पर ही देखेंगे, किनारा कौन करता है।
  • तोड़ दे मेरे दिल को पर इसे अपने पास तो रख;<br/>
मुझे खुद से दूर ना कर मेरे मरने तक मुझे साथ तो रख!
    तोड़ दे मेरे दिल को पर इसे अपने पास तो रख;
    मुझे खुद से दूर ना कर मेरे मरने तक मुझे साथ तो रख!
  • एक दिन भी ना निभा सकेंगे मेरा किरदार;<br/>
वो लोग जो मुझे मशवरे हजार देते हैं!
    एक दिन भी ना निभा सकेंगे मेरा किरदार;
    वो लोग जो मुझे मशवरे हजार देते हैं!
  • दुनिया की क्या मजाल देता हमें कोई फरेब;<br/>
अपनी ही आरजू के हुए हम शिकार हैं!
    दुनिया की क्या मजाल देता हमें कोई फरेब;
    अपनी ही आरजू के हुए हम शिकार हैं!
  • रेत पर नाम लिखते नहीं क्योंकि रेत पर लिखे नाम कभी टिकते नहीं;<br/>
लोग कहते हैं पत्थर दिल हैं हम लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं!
    रेत पर नाम लिखते नहीं क्योंकि रेत पर लिखे नाम कभी टिकते नहीं;
    लोग कहते हैं पत्थर दिल हैं हम लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं!
  • नफरतों के शहर में चालाकियों के डेरे हैं!<br/>
यहाँ वो लोग रहते हैं जो तेरे मुँह पर तेरे हैं और मेरे मुँह पर मेरे हैं!
    नफरतों के शहर में चालाकियों के डेरे हैं!
    यहाँ वो लोग रहते हैं जो तेरे मुँह पर तेरे हैं और मेरे मुँह पर मेरे हैं!
  • करता नहीं है कोई कद्र यहाँ किसी के अहसासों की;<br/>
हर किसी को फिक्र है बस मतलब के ताल्लुक़ातो की!
    करता नहीं है कोई कद्र यहाँ किसी के अहसासों की;
    हर किसी को फिक्र है बस मतलब के ताल्लुक़ातो की!