• साहिल पे लोग यूँ ही खड़े देखते रहे;<br/>
दरिया में हम जो उतरे तो दरिया उतर गया!
    साहिल पे लोग यूँ ही खड़े देखते रहे;
    दरिया में हम जो उतरे तो दरिया उतर गया!
    ~ Abdullah Javed
  • गो ज़रा सी बात पर बरसों के याराने गए;<br/>
लेकिन इतना तो हुआ कुछ लोग पहचाने गए!
    गो ज़रा सी बात पर बरसों के याराने गए;
    लेकिन इतना तो हुआ कुछ लोग पहचाने गए!
    ~ Khatir Ghaznavi
  • वो तो दिवानी थी मुझे तन्हा छोड़ गई,<br/>
खुद न रुकी तो अपना साया छोड़ गई;<br/>
दुख न सही गम इस बात का है,<br/>
आँखों से करके वादा होंठो से तोड़ गई!
    वो तो दिवानी थी मुझे तन्हा छोड़ गई,
    खुद न रुकी तो अपना साया छोड़ गई;
    दुख न सही गम इस बात का है,
    आँखों से करके वादा होंठो से तोड़ गई!
  • अक्सर यूँ ही एक सवाल आता है उमड़ कर जेहन में मेरे;<br/>
आज बे वजह क्यों भूल गये कल तक बेवजह चाहने वाले!
    अक्सर यूँ ही एक सवाल आता है उमड़ कर जेहन में मेरे;
    आज बे वजह क्यों भूल गये कल तक बेवजह चाहने वाले!
  • आईना कब किसको सच बता पाया है;<br/>
जब देखा बांया, तो दांया ही नजर आया है!
    आईना कब किसको सच बता पाया है;
    जब देखा बांया, तो दांया ही नजर आया है!
  • चलो चलते हैं उस जहान में जहाँ रिश्तों का नाम नहीं पूछा जाता;<br/>
धडकनों पर कोई बंदिश नहीं ख्वाबों पर कोई इलज़ाम नहीं दिया जाता!
    चलो चलते हैं उस जहान में जहाँ रिश्तों का नाम नहीं पूछा जाता;
    धडकनों पर कोई बंदिश नहीं ख्वाबों पर कोई इलज़ाम नहीं दिया जाता!
  • हम ने ‎मोहब्बत‬ के नशे ‎में‬ आ कर उसे‬ खुदा बना डाला;<br/>
होश तब आया‬ जब उस ने कहा‬, कि ‎खुदा‬ किसी ‪‎एक‬ का नहीं‬ होता!
    हम ने ‎मोहब्बत‬ के नशे ‎में‬ आ कर उसे‬ खुदा बना डाला;
    होश तब आया‬ जब उस ने कहा‬, कि ‎खुदा‬ किसी ‪‎एक‬ का नहीं‬ होता!
  • बेचैन बहुत हूँ मगर पैगाम किसको दूँ;<br/>
जो खुद ना समझ पाया वो इल्ज़ाम किसको दूँ।
    बेचैन बहुत हूँ मगर पैगाम किसको दूँ;
    जो खुद ना समझ पाया वो इल्ज़ाम किसको दूँ।
  • जब से उसने कहा है कौन हूँ मैं,<br/>
तब से मैं कौन हूँ पता ही नहीं!
    जब से उसने कहा है कौन हूँ मैं,
    तब से मैं कौन हूँ पता ही नहीं!
  • फिर वही बात कर गया लम्हा,<br/>
आँख झपकी गुज़र और गया लम्हा!
    फिर वही बात कर गया लम्हा,
    आँख झपकी गुज़र और गया लम्हा!