• किसी की जब से जफ़ाओं का सिलसिला न रहा;<br/>
दिल-ए-हज़ीं में मोहब्बत का हौसला न रहा!
    किसी की जब से जफ़ाओं का सिलसिला न रहा;
    दिल-ए-हज़ीं में मोहब्बत का हौसला न रहा!
    ~ Kaleem Sahasrami
  • तपती ज़मीं पे पाँव न धर अब भी लौट जा;<br/>
क्यों हो रहा है ख़ाक-ब-सर अब भी लौट जा!
    तपती ज़मीं पे पाँव न धर अब भी लौट जा;
    क्यों हो रहा है ख़ाक-ब-सर अब भी लौट जा!
    ~ Ejaz Rahi
  • हमारी जान तुम ऐसा करोगी;<br/>
हमारी जान का सौदा करोगी!
    हमारी जान तुम ऐसा करोगी;
    हमारी जान का सौदा करोगी!
    ~ Deepak Sharma Deep
  • जाने क्या सोच के हम तुझ से वफ़ा करते हैं;<br/>
क़र्ज़ है पिछले जन्म का सो अदा करते हैं!
    जाने क्या सोच के हम तुझ से वफ़ा करते हैं;
    क़र्ज़ है पिछले जन्म का सो अदा करते हैं!
    ~ Kailash Mahir
  • ग़मों से बशर को रिहा देखना;<br/>
सुलगती कोई जब चिता देखना!
    ग़मों से बशर को रिहा देखना;
    सुलगती कोई जब चिता देखना!
    ~ Vikas Joshi Wahid
  • इस तअल्लुक़ को तू रस्ते की रुकावट न समझ;<br/>
अब किसी और का होना है तो चल जा हो जा!
    इस तअल्लुक़ को तू रस्ते की रुकावट न समझ;
    अब किसी और का होना है तो चल जा हो जा!
    ~ Faiyaz Aswad
  • तुम अज़ीज़ और तुम्हारा ग़म भी अज़ीज़;<br/>
किस से किस का गिला करे कोई!
    तुम अज़ीज़ और तुम्हारा ग़म भी अज़ीज़;
    किस से किस का गिला करे कोई!
    ~ Hadi Machlishahri
  • ख़ुश हूँ कब दिल की दास्ताँ कह कर;<br/>
क्या मिलेगा यहाँ वहाँ कह कर!
    ख़ुश हूँ कब दिल की दास्ताँ कह कर;
    क्या मिलेगा यहाँ वहाँ कह कर!
    ~ Om Krishn Rahat
  • बे-ज़मीरों के कभी झांसे में मैं आता नहीं;<br/>
मुश्किलों की भीड़ से हरगिज़ मैं घबराता नहीं!
    बे-ज़मीरों के कभी झांसे में मैं आता नहीं;
    मुश्किलों की भीड़ से हरगिज़ मैं घबराता नहीं!
    ~ Ibrat Bahraichi
  • ऊँची ऊँची इमारतों में मेरे हिस्से का आसमान लापता; <br/>
मसरूफ़ से इस शहर में जिस्म तो हैं इंसान लापता!
    ऊँची ऊँची इमारतों में मेरे हिस्से का आसमान लापता;
    मसरूफ़ से इस शहर में जिस्म तो हैं इंसान लापता!
    ~ Madhav Awana