• हम ने ‎मोहब्बत‬ के नशे ‎में‬ आ कर उसे‬ खुदा बना डाला;<br/>
होश तब आया‬ जब उस ने कहा‬, कि ‎खुदा‬ किसी ‪‎एक‬ का नहीं‬ होता!
    हम ने ‎मोहब्बत‬ के नशे ‎में‬ आ कर उसे‬ खुदा बना डाला;
    होश तब आया‬ जब उस ने कहा‬, कि ‎खुदा‬ किसी ‪‎एक‬ का नहीं‬ होता!
  • बेचैन बहुत हूँ मगर पैगाम किसको दूँ;<br/>
जो खुद ना समझ पाया वो इल्ज़ाम किसको दूँ।
    बेचैन बहुत हूँ मगर पैगाम किसको दूँ;
    जो खुद ना समझ पाया वो इल्ज़ाम किसको दूँ।
  • जब से उसने कहा है कौन हूँ मैं,<br/>
तब से मैं कौन हूँ पता ही नहीं!
    जब से उसने कहा है कौन हूँ मैं,
    तब से मैं कौन हूँ पता ही नहीं!
  • फिर वही बात कर गया लम्हा,<br/>
आँख झपकी गुज़र और गया लम्हा!
    फिर वही बात कर गया लम्हा,
    आँख झपकी गुज़र और गया लम्हा!
  • शिकवा करने गये थे और इबादत सी हो गई,<br/>
तुझे भुलाने की ज़िद्द थी, मगर तेरी आदत सी हो गई!
    शिकवा करने गये थे और इबादत सी हो गई,
    तुझे भुलाने की ज़िद्द थी, मगर तेरी आदत सी हो गई!
  • होगी कितनी चाहत उस दिल में,<br/>
जो खुद ही मान जाये कुछ पल खफा होने के बाद!
    होगी कितनी चाहत उस दिल में,
    जो खुद ही मान जाये कुछ पल खफा होने के बाद!
  • मैं बद-नसीब हूँ मुझ को न दे ख़ुशी इतनी; <br/>
कि मैं ख़ुशी को भी ले कर ख़राब कर दूँगा!
    मैं बद-नसीब हूँ मुझ को न दे ख़ुशी इतनी;
    कि मैं ख़ुशी को भी ले कर ख़राब कर दूँगा!
    ~ Abdul Hameed Adam
  • मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी,<br/>
बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी;<br/>
खुदा से दुआ मांगी मरने की,<br/>
लेकिन उसने भी तड़पने के लिए ज़िन्दगी दे दी।
    मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी,
    बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी;
    खुदा से दुआ मांगी मरने की,
    लेकिन उसने भी तड़पने के लिए ज़िन्दगी दे दी।
  • ग़म है न अब ख़ुशी है न उम्मीद है न आस;<br/>
सब से नजात पाए ज़माने गुज़र गए!
    ग़म है न अब ख़ुशी है न उम्मीद है न आस;
    सब से नजात पाए ज़माने गुज़र गए!
    ~ Khumar Barabankvi
  • तू भी ख्वा-म-खाह बढ़ रही हैं ऐ धूप;<br/>
इस शहर में पिघलने वाले दिल ही नहीं रहे!
    तू भी ख्वा-म-खाह बढ़ रही हैं ऐ धूप;
    इस शहर में पिघलने वाले दिल ही नहीं रहे!