• ​कहने वालों का कुछ नहीं जाता​;<br/>सहने वाले कमाल करते हैं;<br/>कौन ढूंढें जवाब दर्दों के​;​<br/>लोग तो बस सवाल करते है।
    ​कहने वालों का कुछ नहीं जाता​;
    सहने वाले कमाल करते हैं;
    कौन ढूंढें जवाब दर्दों के​;​
    लोग तो बस सवाल करते है।
  • इंतजार किस पल का किये जाते हो यारों;<br/>
प्यासों के पास समंदर नही आने वाला;<br/>
लगी है प्यास ​तो ​चलो रेत निचोड़ी जाए​;​<br/>
अपने हिस्से में समंदर नहीं आने वाला​।
    इंतजार किस पल का किये जाते हो यारों;
    प्यासों के पास समंदर नही आने वाला;
    लगी है प्यास ​तो ​चलो रेत निचोड़ी जाए​;​
    अपने हिस्से में समंदर नहीं आने वाला​।
  • तेरी नज़रों से दूर जाने के लिए तैयार तो थे हम;<br/>
फिर इस तरह, नज़रें घुमाने की जरूरत क्या थी;​​<br/>
तेरे एक इशारे पे, हम इल्जाम भी अपने सिर ले लेते​;​<br/>
फिर बेवजह, झूठे इल्जाम लगाने की जरुरत क्या थी।
    तेरी नज़रों से दूर जाने के लिए तैयार तो थे हम;
    फिर इस तरह, नज़रें घुमाने की जरूरत क्या थी;​​
    तेरे एक इशारे पे, हम इल्जाम भी अपने सिर ले लेते​;​
    फिर बेवजह, झूठे इल्जाम लगाने की जरुरत क्या थी।
  • रोती हुई आँखो मे इंतेज़ार होता है​;
    ​ना चाहते हुए भी प्यार होता है​;​
    क्यू देखते है हम वो सपने​;​
    जिनके टूटने पर भी उनके सच होने​;​
    का इंतेज़ार होता है​।
  • हकीक़त कहो तो उनको ख्वाब लगता है​;​<br/>शिकायत करो तो उनको मजाक लगता है​;​<br/>कितने सिद्दत से उन्हें याद करते है हम​;​<br/>​और एक वो है​, जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है​। ​
    हकीक़त कहो तो उनको ख्वाब लगता है​;​
    शिकायत करो तो उनको मजाक लगता है​;​
    कितने सिद्दत से उन्हें याद करते है हम​;​
    ​और एक वो है​, जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है​। ​
  • ​गुज़र गया वो वक़्त जब तेरी हसरत थी मुझको​;<br/>​अब ​ खुदा भी बन जाए तो भी तेरा सजदा ना करूँ..
    ​गुज़र गया वो वक़्त जब तेरी हसरत थी मुझको​;
    ​अब ​ खुदा भी बन जाए तो भी तेरा सजदा ना करूँ..
  • ​सोचा था घर बना कर बैठुंगा सुकून से;<br/>पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफ़िर बना डाला​।
    ​सोचा था घर बना कर बैठुंगा सुकून से;
    पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफ़िर बना डाला​।
    ~ JD Ghai
  • हर वक़्त का हंसना तुझे बर्बाद ना कर दे;
    ​तन्हाई के लम्हों में, कभी रो भी लिया कर;
    ​ए दिल तुझे दुश्मन की भी पहचान कहाँ;
    ​तु हल्का-ए-याराना में भी मोहतात रहा कर।
    ~ Ahmad Faraz
  • गलत तस्वीर दिखाई, उसको ही बस खुश रख पाया;
    जिसके सामने आईना रक्खा, हर शख्स वो मुझसे रूठ गया।
  • तुझे मुफ्त में जो मिल गए हम​;​​​<br/>​
​तु कदर ना करे ये तेरा हक़ बनता है​।
    तुझे मुफ्त में जो मिल गए हम​;​​​
    ​ ​तु कदर ना करे ये तेरा हक़ बनता है​।