• जिन के आंगन में अमीरी का शजर लगता है;​​​
    उन का हर एब भी जमानें को हुनर लगता है।
    ~ Allama Iqbal
  • मेरे ही हाथों पर लिखी है तकदीर मेरी;​​<br/>
और मेरी ही तक़दीर पर मेरा बस नहीं चलता।
    मेरे ही हाथों पर लिखी है तकदीर मेरी;​​
    और मेरी ही तक़दीर पर मेरा बस नहीं चलता।
  • काश वो नगमें हमें सुनाए ना होते;<br/>
आज उनको सुनकर ये आंसू ना आए होते;<br/>
अगर इस तरह भूल जाना ही था;<br/>
तो इतनी गहराई से दिल में समाए ना होते।
    काश वो नगमें हमें सुनाए ना होते;
    आज उनको सुनकर ये आंसू ना आए होते;
    अगर इस तरह भूल जाना ही था;
    तो इतनी गहराई से दिल में समाए ना होते।
  • ​मेरी वफाएं सभी लोग जानते हैं;
    उसकी जफ़ाएं सभी लोग जानते हैं;
    वो ही ना समझ पाए मेरी शायरी;
    दिल की सदाएं सभी लोग जानते है।
  • तिश्नगी जम गई पत्थर की तरह होंठों पर;​
    ​​ डूब कर भी तेरे दरिया से मैं प्यासा निकला।
    ~ Jigar Moradabadi
  • जिन्हें गुस्सा आता है, वो लोग सच्चे होते है​;<br/>​
मैंने झूठों को अक्सर, मुस्कुराते हुए देखा है​।
    जिन्हें गुस्सा आता है, वो लोग सच्चे होते है​;
    ​ मैंने झूठों को अक्सर, मुस्कुराते हुए देखा है​।
  • सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब;
    बचपन वाला 'इतवार' अब नहीं आता।
  • ऊँची इमारतों से मकां मेरा घिर गया​;
    ​कुछ लोग मेरे हिस्से का सूरज भी खा गए।
    ~ Javed Akhtar
  • हमने मांगी थी उनके जीवन की ख़ुशी;
    उन्होंने हमारी ख्वाहिश-ए-कज़ा भी छीन ली।
  • सब शिकवे हमसे कागज पर उतारे ना जाएंगे;<br/>
कहीं पढ़ने वाला तुम्हें बददुआ ना दे दे।
    सब शिकवे हमसे कागज पर उतारे ना जाएंगे;
    कहीं पढ़ने वाला तुम्हें बददुआ ना दे दे।