• एहसान जताना जाने कैसे सीख लिया;
    मोहब्बत जताते तो कुछ और बात थी।
  • चंद कलियाँ निशात की चुनकर;<br/>
मुद्दतों मायूस रहता हूँ;<br/>
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही;<br/>
तुझसे मिलकर उदास रहता हूँ।
    चंद कलियाँ निशात की चुनकर;
    मुद्दतों मायूस रहता हूँ;
    तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही;
    तुझसे मिलकर उदास रहता हूँ।
    ~ Sahir Ludhianvi
  • हुस्न भी था, कशिश भी थी;<br/>
अंदाज़ भी था, नक़ाब भी था;<br/>
हया भी थी, प्यार भी था;<br/>
अगर कुछ ना था तो बस इकरार।
    हुस्न भी था, कशिश भी थी;
    अंदाज़ भी था, नक़ाब भी था;
    हया भी थी, प्यार भी था;
    अगर कुछ ना था तो बस इकरार।
    ~ JD Ghai
  • हमें अपने हबीब से यही एक शिकायत है;<br/>
ज़िंदगी में तो आए नहीं, लेकिन हमें सपनों में सताते रहे।
    हमें अपने हबीब से यही एक शिकायत है;
    ज़िंदगी में तो आए नहीं, लेकिन हमें सपनों में सताते रहे।
    ~ JD Ghai
  • तु वो ज़ालिम है जो दिल में रह कर भी मेरा ना बन सका;
    और दिल वो काफ़िर जो मुझ में रह कर भी तेरा हो गया।
    ~ Mirza Ghalib
  • ये दूरियां तो मिटा दूँ मैं एक पल में मगर;
    कभी कदम नहीं चलते तो कभी रास्ते नहीं मिलते।
  • मत बनाना रिश्ता इस जहां में;<br/>
बहुत मुश्किल उन्हें निभाना होगा;<br/>
हर एक रिश्ता एक नया ग़म देगा;<br/>
एक तरफ बेबस तु और एक तरफ हँसता ज़माना होगा।
    मत बनाना रिश्ता इस जहां में;
    बहुत मुश्किल उन्हें निभाना होगा;
    हर एक रिश्ता एक नया ग़म देगा;
    एक तरफ बेबस तु और एक तरफ हँसता ज़माना होगा।
  • ​​गुज़र गया वो वक़्त जब तेरे तलबगार थे हम;
    अब खुद भी बन जाओ तो सजदा ना करेंगे​।
  • कितना समझाया दिल को कि तु प्यार ना कर;
    किसी के लिए खुद को बेक़रार ना कर;
    वो तेरे लिए नहीं है नादान;
    ऐ पागल किसी और की अमानत का इंतज़ार ना कर!
  • खामोश थे हम तो मगरूर समझ लिया;<br/>
चुप हैं हम तो मजबूर समझ लिया;<br/>
यही आप की खुशनसीबी है कि हम इतने क़रीब हैं;<br/>
फिर भी आप ने दूर समझ लिया!
    खामोश थे हम तो मगरूर समझ लिया;
    चुप हैं हम तो मजबूर समझ लिया;
    यही आप की खुशनसीबी है कि हम इतने क़रीब हैं;
    फिर भी आप ने दूर समझ लिया!