• जहाँ दरिया कहीं अपने किनारे छोड़ देता है;
    कोई उठता है और तूफाँ का रुख मोड़ देता है;
    मुझे बे-दस्त-ओ-पा कर के भी खौफ उसका नहीं जाता;
    कहीं भी हादसा गुज़रे वो मुझसे जोड़ देता है।

    शब्दार्थ:
    बे-दस्त-ओ-पा = असहाय
    ~ Wasim Barelvi
  • कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था;
    सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था;
    सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है;
    जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था।
  • वक़्त बदलता है ज़िन्दगी के साथ;
    ज़िन्दगी बदलती है वक़्त के साथ;
    वक़्त नहीं बदलता अपनों के साथ;
    बस अपने बदल जाते हैं वक़्त के साथ।
  • मेरा इल्ज़ाम है तुझ पर कि तू बेवफा था;<br />
दोष तो तेरा था मगर तू हमेशा ही खफा था;<br />
ज़िन्दगी की इस किताब में बयान है तेरी मेरी कहानी;<br />
यादों से सराबोर उसका एक एक सफा था।
    मेरा इल्ज़ाम है तुझ पर कि तू बेवफा था;
    दोष तो तेरा था मगर तू हमेशा ही खफा था;
    ज़िन्दगी की इस किताब में बयान है तेरी मेरी कहानी;
    यादों से सराबोर उसका एक एक सफा था।
  • मुझ से बहुत क़रीब है तू फिर भी ऐ 'मुनीर';
    पर्दा सा कोई मेरे तिरे दरमियाँ तो है।
    ~ Munir Niazi
  • कदम कदम पे बहारों ने साथ छोड़ दिया;<br/>
पड़ा जब वक़्त तब अपनों ने साथ छोड़ दिया;<br/>
खायी थी कसम इन सितारों ने साथ देने की;<br/>
सुबह होते देखा तो इन सितारों ने साथ छोड़ दिया।
    कदम कदम पे बहारों ने साथ छोड़ दिया;
    पड़ा जब वक़्त तब अपनों ने साथ छोड़ दिया;
    खायी थी कसम इन सितारों ने साथ देने की;
    सुबह होते देखा तो इन सितारों ने साथ छोड़ दिया।
  • काम अब कोई न आएगा बस इक दिल के सिवा;
    रास्ते बंद हैं सब कूचा-ए-क़ातिल के सिवा।
    ~ Ali Sardar Jafri
  • मानते हैं सारा जहाँ तेरे साथ होगा;<br/>
खुशी का हर लम्हा तेरे पास होगा;<br/>
जिस दिन टूट जाएँगी साँसे हमारी;<br/>
उस दिन तुझे हमारी कमी का एहसास होगा।
    मानते हैं सारा जहाँ तेरे साथ होगा;
    खुशी का हर लम्हा तेरे पास होगा;
    जिस दिन टूट जाएँगी साँसे हमारी;
    उस दिन तुझे हमारी कमी का एहसास होगा।
  • ज़ख़्म देने की आदत नहीं हमको;
    हम तो आज भी वो एहसास रखते हैं;
    बदले बदले से तो आप हैं जनाब;
    जो हमारे अलावा सबको याद रखते हैं।
  • इस जहान में कब किसी का दर्द अपनाते हैं लोग;<br/>
रुख हवा का देखकर अक्सर बदल जाते हैं लोग।
    इस जहान में कब किसी का दर्द अपनाते हैं लोग;
    रुख हवा का देखकर अक्सर बदल जाते हैं लोग।