• ज़िन्दगी तो अपने क़दमों पे चलती है 'फ़राज़';<br/>
औरों के सहारे तो जनाज़े उठा करते हैं।Upload to Facebook
    ज़िन्दगी तो अपने क़दमों पे चलती है 'फ़राज़';
    औरों के सहारे तो जनाज़े उठा करते हैं।
    ~ Ahmad Faraz
  • इतना क्यों सिखाए जा रही हो ज़िन्दगी;<br/>
हमें कौन सी यहाँ सदियाँ गुज़ारनी हैं!Upload to Facebook
    इतना क्यों सिखाए जा रही हो ज़िन्दगी;
    हमें कौन सी यहाँ सदियाँ गुज़ारनी हैं!
  • झट से बदल दूं, इतनी न हैसियत न आदत है मेरी;<br/>
रिश्ते हों या लिबास, मैं बरसों चलाता हूँ!Upload to Facebook
    झट से बदल दूं, इतनी न हैसियत न आदत है मेरी;
    रिश्ते हों या लिबास, मैं बरसों चलाता हूँ!
  • ज़िंदगी निकली मुसलसल इम्तिहाँ-दर-इम्तिहाँ;<br/>
ज़िंदगी को दास्ताँ ही दास्ताँ समझा था मैं!<br/><br/>
Meaning:<br/><br/>

मुसलसल  -  लगातार, निरंतरUpload to Facebook
    ज़िंदगी निकली मुसलसल इम्तिहाँ-दर-इम्तिहाँ;
    ज़िंदगी को दास्ताँ ही दास्ताँ समझा था मैं!

    Meaning:

    मुसलसल - लगातार, निरंतर
    ~ Jigar Moradabadi
  • यूँ चेहरे पर उदासी ना ओढिये साहब;<br/>
वक़्त ज़रूर तकलीफ का है लेकिन कटेगा मुस्कुराने से ही।Upload to Facebook
    यूँ चेहरे पर उदासी ना ओढिये साहब;
    वक़्त ज़रूर तकलीफ का है लेकिन कटेगा मुस्कुराने से ही।
  • ना पाने की खुशी है कुछ, ना खोने का ही कुछ गम है;<br/>
ये दौलत और शोहरत सिर्फ, कुछ ज़ख्मों का मरहम है;<br/>
अजब सी कशमकश है, रोज़ जीने, रोज़ मरने में;<br/>
मुक्कमल ज़िन्दगी तो है, मगर पूरी से कुछ कम है।Upload to Facebook
    ना पाने की खुशी है कुछ, ना खोने का ही कुछ गम है;
    ये दौलत और शोहरत सिर्फ, कुछ ज़ख्मों का मरहम है;
    अजब सी कशमकश है, रोज़ जीने, रोज़ मरने में;
    मुक्कमल ज़िन्दगी तो है, मगर पूरी से कुछ कम है।
    ~ Dr. Kumar Vishwas
  • छोटा कर के देखिए जीवन का विस्तार;<br/>
आँखों भर आकाश है, बाहों भर संसार।Upload to Facebook
    छोटा कर के देखिए जीवन का विस्तार;
    आँखों भर आकाश है, बाहों भर संसार।
    ~ Nida Fazli
  • तुम्हारी एक निगाह से कतल होते हैं लोग फ़राज़;<br/>
एक नज़र हम को भी देख लो कि तुम बिन ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती।Upload to Facebook
    तुम्हारी एक निगाह से कतल होते हैं लोग फ़राज़;
    एक नज़र हम को भी देख लो कि तुम बिन ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती।
    ~ Ahmad Faraz
  • आँखों में पानी रखो, होंठो पे चिंगारी रखो;<br/>
जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो;<br/>
राह के पत्थर से बढ के, कुछ नहीं हैं मंजिलें;<br/>
रास्ते आवाज़ देते हैं, सफ़र जारी रखो।Upload to Facebook
    आँखों में पानी रखो, होंठो पे चिंगारी रखो;
    जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो;
    राह के पत्थर से बढ के, कुछ नहीं हैं मंजिलें;
    रास्ते आवाज़ देते हैं, सफ़र जारी रखो।
    ~ Rahat Indori
  • वो दरिया ही नहीं जिसमे नहीं रवानी;<br/>
जब जोश ही नहीं तो फिर किस काम की है जवानी।Upload to Facebook
    वो दरिया ही नहीं जिसमे नहीं रवानी;
    जब जोश ही नहीं तो फिर किस काम की है जवानी।
    ~ Navjot Singh Sidhu