• ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हे तुम्हारी शख्सियत की खबर;<br/>
कभी हमारी आँखो से आकर पूछो, कितने लाजवाब हो तुम!
    ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हे तुम्हारी शख्सियत की खबर;
    कभी हमारी आँखो से आकर पूछो, कितने लाजवाब हो तुम!
  • न किस्सों में, और न किस्तों में,<br/>
जिंदगी की खूबसूरती है चंद सच्चे रिश्तों में!
    न किस्सों में, और न किस्तों में,
    जिंदगी की खूबसूरती है चंद सच्चे रिश्तों में!
  • जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता;<br/>
मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता!
    जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता;
    मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता!
    ~ Javed Akhtar
  • इक फ़ुर्सत-ए-गुनाह मिली वो भी चार दिन;<br/>
देखे हैं हम ने हौसले पर्वरदिगार के!
    इक फ़ुर्सत-ए-गुनाह मिली वो भी चार दिन;
    देखे हैं हम ने हौसले पर्वरदिगार के!
    ~ Faiz Ahmad Faiz
  • जो लम्हा साथ हैं, उसे जी भर के जी लेना;<br/>
कम्बख्त ये जिंदगी भरोसे के काबिल नहीं है!
    जो लम्हा साथ हैं, उसे जी भर के जी लेना;
    कम्बख्त ये जिंदगी भरोसे के काबिल नहीं है!
  • महफ़िल में हँसना तो हमारा मिज़ाज़ बन गया,<br/>
तन्हाई में रोना एक राज़ बन गया;<br/>
दिल के दर्द को चेहरे से ज़ाहिर ना होने दिया,<br/>
यही ज़िन्दगी जीने का अंदाज़ बन गया!
    महफ़िल में हँसना तो हमारा मिज़ाज़ बन गया,
    तन्हाई में रोना एक राज़ बन गया;
    दिल के दर्द को चेहरे से ज़ाहिर ना होने दिया,
    यही ज़िन्दगी जीने का अंदाज़ बन गया!
  • गर मर जाए एहसास किसी की रूह से बेवक्त,<br/>
ज़िंदगी की तल्ख़ हक़ीक़त से आदमी रू-ब-रू होता है!
    गर मर जाए एहसास किसी की रूह से बेवक्त,
    ज़िंदगी की तल्ख़ हक़ीक़त से आदमी रू-ब-रू होता है!
  • ज़िन्दगी तो अपने क़दमों पे चलती है 'फ़राज़';<br/>
औरों के सहारे तो जनाज़े उठा करते हैं।
    ज़िन्दगी तो अपने क़दमों पे चलती है 'फ़राज़';
    औरों के सहारे तो जनाज़े उठा करते हैं।
    ~ Ahmad Faraz
  • इतना क्यों सिखाए जा रही हो ज़िन्दगी;<br/>
हमें कौन सी यहाँ सदियाँ गुज़ारनी हैं!
    इतना क्यों सिखाए जा रही हो ज़िन्दगी;
    हमें कौन सी यहाँ सदियाँ गुज़ारनी हैं!
  • झट से बदल दूं, इतनी न हैसियत न आदत है मेरी;<br/>
रिश्ते हों या लिबास, मैं बरसों चलाता हूँ!
    झट से बदल दूं, इतनी न हैसियत न आदत है मेरी;
    रिश्ते हों या लिबास, मैं बरसों चलाता हूँ!