• साहिल पे पहुंचने से इनकार किसे है लेकिन;<br/>
तूफ़ान से लड़ने का मज़ा ही कुछ और है;<br/>
कहते है, कि किस्मत खुदा लिखता है लेकिन;<br/> 
उसे मिटा के खुद गढ़ने का मजा ही कुछ और है।
    साहिल पे पहुंचने से इनकार किसे है लेकिन;
    तूफ़ान से लड़ने का मज़ा ही कुछ और है;
    कहते है, कि किस्मत खुदा लिखता है लेकिन;
    उसे मिटा के खुद गढ़ने का मजा ही कुछ और है।
  • रोया है बहुत तब जरा करार मिला है;<br/>
इस जहाँ में किसे भला सच्चा प्यार मिला है;<br/>
गुजर रही है जिंदगी इम्तिहान के दौर से;<br/>
एक ख़तम तो दूसरा तैयार मिला है।
    रोया है बहुत तब जरा करार मिला है;
    इस जहाँ में किसे भला सच्चा प्यार मिला है;
    गुजर रही है जिंदगी इम्तिहान के दौर से;
    एक ख़तम तो दूसरा तैयार मिला है।
  • दुनिया सलूक करती है हलवाई की तरह;<br/>
तुम भी उतारे जाओगे मलाई की तरह।
    दुनिया सलूक करती है हलवाई की तरह;
    तुम भी उतारे जाओगे मलाई की तरह।
    ~ Munawwar Rana
  • जो तेरा है, वो कभी कही भी नहीं जाएगा;<br/>
जो तेरा नहीं है, तु उसे कभी नहीं पाएगा;<br/> 
नेक नीयत रख अपनी तु सदा बन्दे;<br/> 
एक दिन खुदा भी चलकर तेरे पास आएगा।
    जो तेरा है, वो कभी कही भी नहीं जाएगा;
    जो तेरा नहीं है, तु उसे कभी नहीं पाएगा;
    नेक नीयत रख अपनी तु सदा बन्दे;
    एक दिन खुदा भी चलकर तेरे पास आएगा।
  • उस फलक के तीर का क्या निशाना था;<br/>
जहाँ थी मेरी मंजिल वहीँ तेरा आशियाना था;<br/>
बस पहुंच ही रही थी कश्ती साहिल पे;<br/>
इस तूफ़ान को भी अभी आना था।
    उस फलक के तीर का क्या निशाना था;
    जहाँ थी मेरी मंजिल वहीँ तेरा आशियाना था;
    बस पहुंच ही रही थी कश्ती साहिल पे;
    इस तूफ़ान को भी अभी आना था।
  • ज़िंदगी की हर एक उड़ान बाकी है;<br/>
हर मोड़ पर एक इम्तिहान बाकी है;<br/>
अभी तो सिर्फ़ आप ही परेशान है मुझसे;<br/>
अभी तो पूरा हिन्दुस्तान बाकी है।
    ज़िंदगी की हर एक उड़ान बाकी है;
    हर मोड़ पर एक इम्तिहान बाकी है;
    अभी तो सिर्फ़ आप ही परेशान है मुझसे;
    अभी तो पूरा हिन्दुस्तान बाकी है।
  • तेरी नेकी का लिबास ही तेरा बदन ढकेगा, ऐ बंदे;<br/>
सुना है ऊपर वाले के घर, कपड़ों की दुकान नहीं होती।
    तेरी नेकी का लिबास ही तेरा बदन ढकेगा, ऐ बंदे;
    सुना है ऊपर वाले के घर, कपड़ों की दुकान नहीं होती।
  • जीना चाहता हूँ मगर जिंदगी रास नहीं आती;<br/>
मरना चाहता हूँ मगर मौत पास नहीं आती;<br/>
उदास हूँ इस जिंदगी से इसलिए क्योंकि;<br/>
उसकी यादें तडपाने से बाज नहीं आती।
    जीना चाहता हूँ मगर जिंदगी रास नहीं आती;
    मरना चाहता हूँ मगर मौत पास नहीं आती;
    उदास हूँ इस जिंदगी से इसलिए क्योंकि;
    उसकी यादें तडपाने से बाज नहीं आती।
  • ज़िंदगी जिंदादिली का नाम है;
    मुर्दादिल ख़ाक जिया करते है?
    ~ Nasikh
  • असफलताए इंसान को तोड़ देती है;
    जीवन की राहों को नया मोड़ देती है;
    जो करते हैं, जी-जान से प्रयास पूरा;
    असफलताएं उनका पीछा छोड़ देती है।