• ये भी अच्छा है कि ये सिर्फ़ सुनता है;
    दिल अगर बोलता तो क़यामत हो जाती।
  • अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है काफिला जिंदगी का;<br/>
सकून ढूढनें चले थे, नींद ही गवा बैठे!
    अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है काफिला जिंदगी का;
    सकून ढूढनें चले थे, नींद ही गवा बैठे!
    ~ अंजली देवी
  • ना वो मिलती है, ना मैं रुकता हूँ;<br />
पता नहीं रास्ता गलत है, या मंजिल!
    ना वो मिलती है, ना मैं रुकता हूँ;
    पता नहीं रास्ता गलत है, या मंजिल!
  • ठोकरें खाकर भी ना संभले तो मुसाफिर का नसीब;<br />
राह के पत्थर तो अपना फ़र्ज़ अदा करते हैं!
    ठोकरें खाकर भी ना संभले तो मुसाफिर का नसीब;
    राह के पत्थर तो अपना फ़र्ज़ अदा करते हैं!
  • हजारों झोपड़िया जलकर राख होती हैं;<br />
तब जाकर एक महल बनता है!<br />
आशिको के मरने पर कफ़न भी नहीं मिलता;<br />
हसीनाओं के मरने पर `ताज महल` बनता है!
    हजारों झोपड़िया जलकर राख होती हैं;
    तब जाकर एक महल बनता है!
    आशिको के मरने पर कफ़न भी नहीं मिलता;
    हसीनाओं के मरने पर "ताज महल" बनता है!
  • ज़िन्दगी तस्वीर भी है और तकदीर भी!<br />
फर्क तो रंगों का है!<br />
मनचाहे रंगों से बने तो तस्वीर;<br />
और अनजाने रंगों से बने तो तकदीर!!!
    ज़िन्दगी तस्वीर भी है और तकदीर भी!
    फर्क तो रंगों का है!
    मनचाहे रंगों से बने तो तस्वीर;
    और अनजाने रंगों से बने तो तकदीर!!!
  • तकदीरें बदल जाती हैं, जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो;<br />
वर्ना ज़िन्दगी कट ही जाती है 'तकदीर' को इल्ज़ाम देते देते!
    तकदीरें बदल जाती हैं, जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो;
    वर्ना ज़िन्दगी कट ही जाती है 'तकदीर' को इल्ज़ाम देते देते!
  • मेरी इबादतों को ऐसे कबूल कर ऐ, मेरे खुदा;
    कि सजदे में मैं झुकूं और मुझसे जुड़े हर रिश्ते की ज़िन्दगी संवर जाये!
  • बिना गम के ख़ुशी का पता कैसे चलेगा;
    बिना रोंए हुए, हंसी का मज़ा कैसे मिलेगा;
    जो उसे करता हैं, उसे वही जानता है;
    अगर हम जान गए तो, उसे खुदा कौन कहेगा!
  • रास्ते कहा खत्म होते हैं, ज़िन्दगी के इस सफ़र में;
    मंजिल तो वही है, जहाँ ख्वाहिशें थम जाये!