• आगे तो परीजाद ये रखते थे हमें घेर;<br />
आते थे चले आप जो लगती थी ज़रा देर;<br />
सो आके बुढ़ापे ने किया हाय ये अंधेरे;<br />
जो दौड़ के मिलते थे वो अब हैं मुंह फेर।
    आगे तो परीजाद ये रखते थे हमें घेर;
    आते थे चले आप जो लगती थी ज़रा देर;
    सो आके बुढ़ापे ने किया हाय ये अंधेरे;
    जो दौड़ के मिलते थे वो अब हैं मुंह फेर।
    ~ Nazeer Akbarabadi
  • कौन अंदाजा मेरे गम का लगा सकता है;
    कौन सही राह दिखा सकता है;
    किनारों वालों तुम उसका दर्द क्या जानो;
    डूबने वाला ही गहराई बता सकता है।
  • हंसने के बाद क्यों रुलाती है दुनिया;
    जाने के बाद क्यों भुलाती है दुनिया;
    जिंदगी में क्या कोई कसर बाकी है;
    जो मर जाने के बाद भी जलाती है दुनिया।
  • आबादी भी देखी है, वीराने भी देखे हैं;
    जो उजड़े और फिर न बसे, दिल की निराली बस्ती है।
    ~ Fani Badayuni
  • हर रिश्ते में विश्वास रहने दो;
    जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो;
    यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का;
    न खुद रहो उदास, न दूसरों को रहने दो।
  • जिंदगी ने कुछ इस तरह का रूख लिया;<br/>
जिसने जिस तरफ चाहा मोड़ दिया;<br/>
जिसको जितनी थी जरुरत साथ चला;<br/>
और फिर एक लम्हें में तन्हा छोड़ दिया!
    जिंदगी ने कुछ इस तरह का रूख लिया;
    जिसने जिस तरफ चाहा मोड़ दिया;
    जिसको जितनी थी जरुरत साथ चला;
    और फिर एक लम्हें में तन्हा छोड़ दिया!
  • राह में निकले थे ये सोचकर, किसी को बना लेंगे अपना;
    मगर इस ख्वाहिश ने, जिंदगी भर का मुसाफिर बना दिया।
  • ये भी अच्छा है कि ये सिर्फ़ सुनता है;
    दिल अगर बोलता तो क़यामत हो जाती।
  • अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है काफिला जिंदगी का;<br/>
सकून ढूढनें चले थे, नींद ही गवा बैठे!
    अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है काफिला जिंदगी का;
    सकून ढूढनें चले थे, नींद ही गवा बैठे!
    ~ अंजली देवी
  • ना वो मिलती है, ना मैं रुकता हूँ;<br />
पता नहीं रास्ता गलत है, या मंजिल!
    ना वो मिलती है, ना मैं रुकता हूँ;
    पता नहीं रास्ता गलत है, या मंजिल!