• बिना गम के ख़ुशी का पता कैसे चलेगा;
    बिना रोंए हुए, हंसी का मज़ा कैसे मिलेगा;
    जो उसे करता हैं, उसे वही जानता है;
    अगर हम जान गए तो, उसे खुदा कौन कहेगा!
  • रास्ते कहा खत्म होते हैं, ज़िन्दगी के इस सफ़र में;
    मंजिल तो वही है, जहाँ ख्वाहिशें थम जाये!
  • ऐ ज़िन्दगी, तोड़ कर हमको ऐसे बिखेरो इस बार;
    न फिर से टूट पायें हम, और न फिर से जुड़ पाओ तुम!
  • क्या कहूँ तुझे ख्वाब कहूँ, तो टूट जायेगा;
    दिल कहूँ, तो बिखर जायेगा!
    आ तेरा नाम ज़िन्दगी रख दूँ;
    मौत से पहले तो तेरा साथ छूट न पायेगा!
  • बैठ कर किनारे पर मेरा दीदार ना कर;
    मुझको समझना है तो समन्दर में उतर के देख!
  • किसी को अपना बनाने के लिए हमारी सारी खूबियाँ भी कम पड़ जाती हैं;<br />
जबकि किसी को खोने के लिए एक कमी ही काफी है!
    किसी को अपना बनाने के लिए हमारी सारी खूबियाँ भी कम पड़ जाती हैं;
    जबकि किसी को खोने के लिए एक कमी ही काफी है!
  • कितना मुश्किल है ज़िन्दगी का ये सफ़र;
    खुदा ने मरना हराम किया, लोगों ने जीना!
  • तकदीरें बदल जाती है, जब ज़िन्दगी का कोई मकसद हो;
    वरना ज़िन्दगी तो कट ही जाती है, तकदीर को इल्जाम देते देते!
  • कुछ अमल भी ज़रूरी है, इबादत के लिए;
    सिर्फ सजदा करने से, किसी को जन्नत नहीं मिलती!
  • ज़िदगी जाने कितने मोड़ लेती है, हर मोड़ पर नए सवाल देती है;
    तलाशते रहते हैं हम जवाब ज़िन्दगी भर;
    और जब जवाब मिल जाये तो ज़िन्दगी सवाल बदल देती है!