• तेरी नेकी का लिबास ही तेरा बदन ढकेगा, ऐ बंदे;<br/>
सुना है ऊपर वाले के घर, कपड़ों की दुकान नहीं होती।
    तेरी नेकी का लिबास ही तेरा बदन ढकेगा, ऐ बंदे;
    सुना है ऊपर वाले के घर, कपड़ों की दुकान नहीं होती।
  • जीना चाहता हूँ मगर जिंदगी रास नहीं आती;<br/>
मरना चाहता हूँ मगर मौत पास नहीं आती;<br/>
उदास हूँ इस जिंदगी से इसलिए क्योंकि;<br/>
उसकी यादें तडपाने से बाज नहीं आती।
    जीना चाहता हूँ मगर जिंदगी रास नहीं आती;
    मरना चाहता हूँ मगर मौत पास नहीं आती;
    उदास हूँ इस जिंदगी से इसलिए क्योंकि;
    उसकी यादें तडपाने से बाज नहीं आती।
  • ज़िंदगी जिंदादिली का नाम है;
    मुर्दादिल ख़ाक जिया करते है?
    ~ Nasikh
  • असफलताए इंसान को तोड़ देती है;
    जीवन की राहों को नया मोड़ देती है;
    जो करते हैं, जी-जान से प्रयास पूरा;
    असफलताएं उनका पीछा छोड़ देती है।
  • जिन्दगी की उलझनों ने;<br/>
कम कर दी हमारी शरारते;<br/>
और लोग समझते हैं कि;<br/>
हम समझदार हो गये।
    जिन्दगी की उलझनों ने;
    कम कर दी हमारी शरारते;
    और लोग समझते हैं कि;
    हम समझदार हो गये।
  • मौत अंजाम-ए-ज़िन्दगी है मगर;<br/> 
लोग मरते हैं ज़िन्दगी के लिए।
    मौत अंजाम-ए-ज़िन्दगी है मगर;
    लोग मरते हैं ज़िन्दगी के लिए।
    ~ Sahil Manak Puri
  • कौन देता है उम्र भर का सहारा;<br />
लोग तो जनाज़े में भी कंधे बदलते रहते हैं!
    कौन देता है उम्र भर का सहारा;
    लोग तो जनाज़े में भी कंधे बदलते रहते हैं!
  • तेरे आज़ाद बन्दों की ना ये दुनिया ना वो दुनिया;<br/>
यहाँ मरने की पाबंदी, वहां जीने की पाबंदी!
    तेरे आज़ाद बन्दों की ना ये दुनिया ना वो दुनिया;
    यहाँ मरने की पाबंदी, वहां जीने की पाबंदी!
  • जिंदगी जिसको तेरा प्यार मिला वो जाने;<br/>
हम तो नाकाम ही रहे चाहने वालों की तरह!
    जिंदगी जिसको तेरा प्यार मिला वो जाने;
    हम तो नाकाम ही रहे चाहने वालों की तरह!
  • आंधियां गम की चलेंगी तो संवर जाऊंगा;<br/>
मैं तो दरिया हूँ समंदर में उतर जाऊंगा;<br/>
मुझे सूली पे चढाने की ज़रूरत क्या है;<br/>
मेरे हाथ से कलम छीन लो मैं मर जाऊंगा!
    आंधियां गम की चलेंगी तो संवर जाऊंगा;
    मैं तो दरिया हूँ समंदर में उतर जाऊंगा;
    मुझे सूली पे चढाने की ज़रूरत क्या है;
    मेरे हाथ से कलम छीन लो मैं मर जाऊंगा!