• रख हौसला वो मंजर भी आयेगा;
    प्यासे के पास चल के समुन्दर भी आयेगा!
    थक कर न बैठ ऐ मंजिल के मुसाफिर;
    मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मज़ा भी आयेगा!
  • एक अजीब सी चुभन है आज दिल में कहीं;
    कुछ टूट के बिखर गया है जर्रे जर्रे सा!
    मत खाओ कसमें सारी ज़िन्दगी साथ निभाने की;
    हमने सांसो को भी जुदा होते देखा है!
  • काम करो ऐसा, कि पहचान बन जाये;
    हर कदम ऐसा चलो, कि निशान बन जाये!
    यहाँ ज़िन्दगी तो सभी काट लेते हैं;
    ज़िन्दगी जियो ऐसी, कि मिसाल बन जाये!
  • वक़्त बदलता है ज़िन्दगी के साथ;
    ज़िन्दगी बदलती है वक़्त के साथ;
    वक़्त नहीं बदलता अपनों के साथ;
    बस अपने बदलते हैं वक़्त के साथ!
  • आखिर ज़िन्दगी ने भी आज पूछ लिया मुझ से,
    कहाँ है वो शक्स जो तुझे मुझ से भी अज़ीज़ था!
  • जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है;
    जिंदगी के कई इम्तिहान अभी बाकी है;
    अभी तो नापी है मुट्ठी भर ज़मीं हमने;
    अभी तो सारा आसमान बाकी है!
  • छोड़ ये बात कि मिले ये ज़ख़्म कहाँ से मुझ को;
    `ज़िन्दगी बस तू इतना बता!` कितना सफर बाकि है!
  • बिना लिबास आये थे इस जहां में;
    बस एक कफ़न की खातिर इतना सफ़र करना पड़ा!
  • मंजिल तो मिल ही जाएगी, भटक के ही सही;
    गुमराह तो वो हैं जो घर से निकले ही नहीं!
  • एक ही गलती हम सारी उम्र करते रहे;
    धूल चेहरे पे थी;
    और हम आइना साफ़ करते रहे!