• ये ज़िंदगी भी अजब कारोबार है कि मुझे;<br/>
ख़ुशी है पाने की कोई न रंज खोने का!
    ये ज़िंदगी भी अजब कारोबार है कि मुझे;
    ख़ुशी है पाने की कोई न रंज खोने का!
    ~ Javed Akhtar
  • आत्मा तो हमेशा से जानती है कि सही क्या है;<br/>
चुनौती तो मन को समझाने की होती है!
    आत्मा तो हमेशा से जानती है कि सही क्या है;
    चुनौती तो मन को समझाने की होती है!
  • उन्हें कामयाबी में सुकून नजर आया तो वो दौड़ते गए,<br/>
हमें सुकून में कामयाबी दिखी तो हम ठहर गए;<br/>
ख्वाहिशों के बोझ में बशर तू क्या क्या कर रहा है,<br/>
इतना तो जीना भी नहीं जितना तू मर रहा है!
    उन्हें कामयाबी में सुकून नजर आया तो वो दौड़ते गए,
    हमें सुकून में कामयाबी दिखी तो हम ठहर गए;
    ख्वाहिशों के बोझ में बशर तू क्या क्या कर रहा है,
    इतना तो जीना भी नहीं जितना तू मर रहा है!
  • जिंदगी पेंसिल की तरह है,<br/>
रोज छोटी होती जा रही है!
    जिंदगी पेंसिल की तरह है,
    रोज छोटी होती जा रही है!
  • पहाड़ियों की तरह खामोश है, आज के संबंध और रिश्ते;<br/>
जब तक हम न पुकारें, उधर से आवाज ही नहीं आती!
    पहाड़ियों की तरह खामोश है, आज के संबंध और रिश्ते;
    जब तक हम न पुकारें, उधर से आवाज ही नहीं आती!
  • अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं;<br/>
रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं!
    अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं;
    रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं!
    ~ Nida Fazli
  • कभी कभी रिश्तों की कीमत वो लोग समझा देते है;<br/>
जिनसे हमारा कोई रिश्ता ही नहीं है!
    कभी कभी रिश्तों की कीमत वो लोग समझा देते है;
    जिनसे हमारा कोई रिश्ता ही नहीं है!
  • हम तेरी धुन मैं परेशान ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी;<br/>
और तू हम से गुरेजा ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी;<br/>
तू कहीं साकी गली में खो गयी है और यहाँ;<br/>
डंस गया इंसान को इंसान ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी!
    हम तेरी धुन मैं परेशान ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी;
    और तू हम से गुरेजा ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी;
    तू कहीं साकी गली में खो गयी है और यहाँ;
    डंस गया इंसान को इंसान ज़िन्दगी-ऐ-ज़िन्दगी!
  • एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद;<br/>
दूसरा सपना देखने के हौसले को 'ज़िंदगी' कहते हैं!
    एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद;
    दूसरा सपना देखने के हौसले को 'ज़िंदगी' कहते हैं!
    ~ Gulzar
  • दिल खोल कर साँस ले, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर;<br/>
कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे, सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर!
    दिल खोल कर साँस ले, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर;
    कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे, सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर!