• कोई देख ना सका उसकी बेबसी;<br/>
जो सांसें बेच रहा हैं गुब्बारों मे डालकर।Upload to Facebook
    कोई देख ना सका उसकी बेबसी;
    जो सांसें बेच रहा हैं गुब्बारों मे डालकर।
  • दर्द को मुस्कुराकर सहना क्या सीख लिया;<br/>
सब ने सोच लिया मुझे तकलीफ़ नहीं होती।Upload to Facebook
    दर्द को मुस्कुराकर सहना क्या सीख लिया;
    सब ने सोच लिया मुझे तकलीफ़ नहीं होती।
  • हमनें दुनिया में मोहब्बत का असर ज़िंदा किया है;<br/>
हमनें नफ़रत को गले मिल-मिल के शर्मिंदा किया है।Upload to Facebook
    हमनें दुनिया में मोहब्बत का असर ज़िंदा किया है;
    हमनें नफ़रत को गले मिल-मिल के शर्मिंदा किया है।
  • मेरे सजदों में कमी तो न थी ऐ खुदा;<br/>
या मुझ से भी बढ़कर किसी ने माँगा था उसको।Upload to Facebook
    मेरे सजदों में कमी तो न थी ऐ खुदा;
    या मुझ से भी बढ़कर किसी ने माँगा था उसको।
  • दिल की बर्बादियों पे नाज़ाँ हूँ;<br/>
फ़तेह पा कर शिकस्त खाई है।
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    दिल की बर्बादियों पे नाज़ाँ हूँ;
    फ़तेह पा कर शिकस्त खाई है।
    ~ Shakeel Badayuni
  • अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें;<br/>
कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं।Upload to Facebook
    अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें;
    कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं।
    ~ Jaan Nisar Akhtar
  • गर डूबना ही अपना मुक़द्दर है तो सुनो;<br/>
डूबेंगे हम ज़रूर मगर नाख़ुदा के साथ।<br/><br/>

Meaning:<br/>
नाख़ुदा  =  नाविकUpload to Facebook
    गर डूबना ही अपना मुक़द्दर है तो सुनो;
    डूबेंगे हम ज़रूर मगर नाख़ुदा के साथ।

    Meaning:
    नाख़ुदा = नाविक
    ~ Kaifi Azmi
  • इतनी सी बात पे दिल की धड़कन रुक गई `फ़राज़`;<br/>
एक पल जो तसव्वुर किया तेरे बिना जीने का।Upload to Facebook
    इतनी सी बात पे दिल की धड़कन रुक गई `फ़राज़`;
    एक पल जो तसव्वुर किया तेरे बिना जीने का।
    ~ Ahmad Faraz
  • चला जाता हूँ हँसता-खेलता मौजे-हवादिस से;<br/>
अगर आसानियाँ हों जिन्दगी दुश्वार हो जाये|Upload to Facebook
    चला जाता हूँ हँसता-खेलता मौजे-हवादिस से;
    अगर आसानियाँ हों जिन्दगी दुश्वार हो जाये|
  • इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना;<br/>
दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना!<br/><br/>
Meaning:<br/>
इशरत-ए-क़तरा  =  बूंद का सुखUpload to Facebook
    इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना;
    दर्द का हद से गुज़रना है दवा हो जाना!

    Meaning:
    इशरत-ए-क़तरा = बूंद का सुख
    ~ Mirza Ghalib