• दानिस्ता हम ने अपने सभी गम छुपा लिए;<br/>
पूछा किसी ने हाल तो बस मुस्कुरा दिए!
    दानिस्ता हम ने अपने सभी गम छुपा लिए;
    पूछा किसी ने हाल तो बस मुस्कुरा दिए!
    ~ Aafaque Siddiqui
  • सजा रहेगा अँधेरों से ही खंडर मेरा; <br/>
इक एक कर के हुआ ख़त्म अब सफ़र मेरा!
    सजा रहेगा अँधेरों से ही खंडर मेरा;
    इक एक कर के हुआ ख़त्म अब सफ़र मेरा!
    ~ Habab Hashmi
  • मुस्तकिल अब बुझा बुझा सा है;<br/>
आखिर इस दिल को ये हुआ क्या है!
    मुस्तकिल अब बुझा बुझा सा है;
    आखिर इस दिल को ये हुआ क्या है!
    ~ S A Mehdi
  • मुझे दिल कि ख़ता पर 'यास' शरमाना नहीं आता;<br/>
पराया जुर्म अपने नाम लिखवाना नहीं आता!
    मुझे दिल कि ख़ता पर 'यास' शरमाना नहीं आता;
    पराया जुर्म अपने नाम लिखवाना नहीं आता!
    ~ Yagana Changezi
  • न पाक होगा कभी हुस्न ओ इश्क़ का झगड़ा; <br/>
वो क़िस्सा है ये कि जिस का कोई गवाह नहीं!
    न पाक होगा कभी हुस्न ओ इश्क़ का झगड़ा;
    वो क़िस्सा है ये कि जिस का कोई गवाह नहीं!
    ~ Khwaja Haider Ali Aatish
  • दिल हिज्र के दर्द से बोझल है अब आन मिलो तो बेहतर हो; <br/>
इस बात से हम को क्या मतलब ये कैसे हो ये क्यूँकर हो!
    दिल हिज्र के दर्द से बोझल है अब आन मिलो तो बेहतर हो;
    इस बात से हम को क्या मतलब ये कैसे हो ये क्यूँकर हो!
    ~ Ibn e Insha
  • जो दिल पर बोझ है यारब ज़रा भी कम नहीं होता; <br/>
ज़माना ग़म तो देता है शरीक-ए-ग़म नहीं होता!
    जो दिल पर बोझ है यारब ज़रा भी कम नहीं होता;
    ज़माना ग़म तो देता है शरीक-ए-ग़म नहीं होता!
    ~ Chaman Bhatnagar
  • तेरे ही किस्से तेरी ही कहानियाँ मिलेंगी मुझ में;
    न जाने किस-किस अदा से तू आबाद है मुझ में!
  • मैं अपनों को मिलने से कतराता हूँ;<br/>
एक और नए धोखे से घबराता हूँ!
    मैं अपनों को मिलने से कतराता हूँ;
    एक और नए धोखे से घबराता हूँ!
  • एक वो हैं कि जिन्हें अपनी ख़ुशी ले डूबी;<br/>
एक हम हैं कि जिन्हें ग़म ने उभरने न दिया!
    एक वो हैं कि जिन्हें अपनी ख़ुशी ले डूबी;
    एक हम हैं कि जिन्हें ग़म ने उभरने न दिया!
    ~ Azad Gulati