• मेरी मोहब्बत की ना सही, मेरे सलीक़े की तो दाद दे;<br/>
तेरा ज़िक्र रोज़ करते हैं, तेरा नाम लिये बग़ैर!
    मेरी मोहब्बत की ना सही, मेरे सलीक़े की तो दाद दे;
    तेरा ज़िक्र रोज़ करते हैं, तेरा नाम लिये बग़ैर!
  • मुरझा चुका है फिर भी ये दिल फूल ही तो है;<br/>
अब आप की ख़ुशी इसे काँटों में तौलिए!
    मुरझा चुका है फिर भी ये दिल फूल ही तो है;
    अब आप की ख़ुशी इसे काँटों में तौलिए!
    ~ Rajendra Krishan
  • एक वो हैं कि जिन्हें अपनी ख़ुशी ले डूबी;<br/>
एक हम हैं कि जिन्हें ग़म ने उभरने न दिया!
    एक वो हैं कि जिन्हें अपनी ख़ुशी ले डूबी;
    एक हम हैं कि जिन्हें ग़म ने उभरने न दिया!
    ~ Azad Gulati
  • मैं एक संजीदा साहिल हूँ, मुझे मौजों से क्या मतलब,<br/>
कई तूफ़ान आये पर, मेरी फितरत नहीं बदली!
    मैं एक संजीदा साहिल हूँ, मुझे मौजों से क्या मतलब,
    कई तूफ़ान आये पर, मेरी फितरत नहीं बदली!
  • दर्द ही सही मेरे इश्क़ का इनाम तो आया,<br/>
खाली ही सही होठों तक जाम तो आया;<br/>
मैं हूँ बेवफा सबको बताया उसने,<br/>
यूँ ही सही चलो उसके लबों पर मेरा नाम तो आया!
    दर्द ही सही मेरे इश्क़ का इनाम तो आया,
    खाली ही सही होठों तक जाम तो आया;
    मैं हूँ बेवफा सबको बताया उसने,
    यूँ ही सही चलो उसके लबों पर मेरा नाम तो आया!
  • हर किसी के नसीब में कहाँ लिखी होती हैं चाहतें, <br/>
कुछ लोग दुनिया में आते हैं सिर्फ तन्हाइयों के लिए!
    हर किसी के नसीब में कहाँ लिखी होती हैं चाहतें,
    कुछ लोग दुनिया में आते हैं सिर्फ तन्हाइयों के लिए!
  • कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख्मी नही होते, <br/>
रास्ते गवाह है, बस कमबख्त गवाही नही देते।
    कौन कहता है कि मुसाफिर ज़ख्मी नही होते,
    रास्ते गवाह है, बस कमबख्त गवाही नही देते।
  • दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,<br/>
रोता है दिल जब वो पास नहीं होता;<br/>
बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में,<br/>
और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता!
    दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता,
    रोता है दिल जब वो पास नहीं होता;
    बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में,
    और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता!
  • हमने मोहब्बत के नशे में आकर उसे खुदा बना डाला;<br/>
होश तब आया जब उसने कहा खुदा किसी एक का नहीं होता।
    हमने मोहब्बत के नशे में आकर उसे खुदा बना डाला;
    होश तब आया जब उसने कहा खुदा किसी एक का नहीं होता।
  • आवाज़ दे के देख लो शायद वो मिल ही जाए;<br/>
वर्ना ये उम्र भर का सफ़र राएगाँ तो है!
    आवाज़ दे के देख लो शायद वो मिल ही जाए;
    वर्ना ये उम्र भर का सफ़र राएगाँ तो है!
    ~ Munir Niazi