• तुम मेरे हो ऐसी हम जिद नही करेंगे;<br/>
मगर हम तुम्हारे ही रहेंगे ये तो हम हक से कहेंगे!
    तुम मेरे हो ऐसी हम जिद नही करेंगे;
    मगर हम तुम्हारे ही रहेंगे ये तो हम हक से कहेंगे!
  • न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है,<br/>
के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया!
    न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है,
    के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया!
    ~ Parveen Shakir
  • कदम-कदम पे नया इम्तहान रखती है;<br/>
जिंदगी तू भी मेरा कितना ध्यान रखती है!
    कदम-कदम पे नया इम्तहान रखती है;
    जिंदगी तू भी मेरा कितना ध्यान रखती है!
  • आज पी लेने दे साक़ी मुझे जी लेने दे;<br/>
कल मिरी रात ख़ुदा जाने कहाँ गुज़रेगी!
    आज पी लेने दे साक़ी मुझे जी लेने दे;
    कल मिरी रात ख़ुदा जाने कहाँ गुज़रेगी!
    ~ Wasim Barelvi
  • बारिश की तरह कोई बरसता रहे मुझ पर;<br/>
मिट्टी की तरह मैं भी महकती चली जाऊंगी!
    बारिश की तरह कोई बरसता रहे मुझ पर;
    मिट्टी की तरह मैं भी महकती चली जाऊंगी!
  • अच्छा है दिल के साथ रहे पासबान-ए-अक़्ल;<br/>
लेकिन कभी कभी इसे तन्हा भी छोड़ दे!
    अच्छा है दिल के साथ रहे पासबान-ए-अक़्ल;
    लेकिन कभी कभी इसे तन्हा भी छोड़ दे!
    ~ Allama Iqbal
  • पतझड़ की कहानियाँ सुना सुना के उदास ना कर,<br/>
नए मौसमों का पता बता, जो गुज़र गया सो गुज़र गया!
    पतझड़ की कहानियाँ सुना सुना के उदास ना कर,
    नए मौसमों का पता बता, जो गुज़र गया सो गुज़र गया!
    ~ Bashir Badr
  • कुछ इस तरह अपने दिल को बेवकूफ बनाता हूँ मैं;<br/>
कि तुमसे बिछड़ते वक़्त भी खुल के मुस्कुराता हूँ मैं।
    कुछ इस तरह अपने दिल को बेवकूफ बनाता हूँ मैं;
    कि तुमसे बिछड़ते वक़्त भी खुल के मुस्कुराता हूँ मैं।
  • पानी पानी कर गयी मुझको कलंदर की वो बात;<br/>
तू झुका जो ग़ैर के आगे न तन तेरा न मन तेरा!
    पानी पानी कर गयी मुझको कलंदर की वो बात;
    तू झुका जो ग़ैर के आगे न तन तेरा न मन तेरा!
    ~ Allama Iqbal
  • ऐसा नहीं देखा कहीं हाल किसी और का;<br/>
पहलू में कोई और ख्याल और किसी का!
    ऐसा नहीं देखा कहीं हाल किसी और का;
    पहलू में कोई और ख्याल और किसी का!