• मोहब्बत ख़त्म है लेकिन अभी रिश्ता नहीं टूटा;<br/>
कि जितना टूटना था दिल अभी उतना नहीं टूटा!
    मोहब्बत ख़त्म है लेकिन अभी रिश्ता नहीं टूटा;
    कि जितना टूटना था दिल अभी उतना नहीं टूटा!
  • बुरे वक्त में भी एक अच्छाई होती है;<br/>
जैसे ही ये आता है फालतू के दोस्त विदा हो जाते हैं!
    बुरे वक्त में भी एक अच्छाई होती है;
    जैसे ही ये आता है फालतू के दोस्त विदा हो जाते हैं!
  • लोग अकसर अपनी खूबियों का दिखावा करते हैं;<br/>
मैं ख़ुद की कमियों से मशहूर होना पसंद करता हूँ!
    लोग अकसर अपनी खूबियों का दिखावा करते हैं;
    मैं ख़ुद की कमियों से मशहूर होना पसंद करता हूँ!
  • अब तो कोई आह नही बची उसकी वापस आने की, <br/>
देखो आज ऐक और दास्तान, कहानी हो गयी!
    अब तो कोई आह नही बची उसकी वापस आने की,
    देखो आज ऐक और दास्तान, कहानी हो गयी!
  • दिल को तोड़ने के लिए पत्थरों की ज़रूरत नहीं होती,<br/>
ये दिल तो बिखर जाते है सिर्फ लफ़्ज़ों की चोट से!
    दिल को तोड़ने के लिए पत्थरों की ज़रूरत नहीं होती,
    ये दिल तो बिखर जाते है सिर्फ लफ़्ज़ों की चोट से!
  • हम तो तेरे दिल की महफ़िल सजाने आए थे,<br/>
तेरी कसम तुझे अपना बनाने आए थे;<br/>
किस बात की सजा दी तुमने हमको बेवफा,<br/>
हम तो तेरे दर्द को अपना बनाने आए थे!
    हम तो तेरे दिल की महफ़िल सजाने आए थे,
    तेरी कसम तुझे अपना बनाने आए थे;
    किस बात की सजा दी तुमने हमको बेवफा,
    हम तो तेरे दर्द को अपना बनाने आए थे!
  • पीते-पीते ज़हर-ए-ग़म अब जिस्म नीला पड़ गया;<br/>
कुछ दिनों में देखना हम आसमां होने को हैं!
    पीते-पीते ज़हर-ए-ग़म अब जिस्म नीला पड़ गया;
    कुछ दिनों में देखना हम आसमां होने को हैं!
  • खता हो गयी तो सजा बता दो,<br/>
दिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दो;<br/>
देर हो गयी है याद करने में ज़रूर,<br/>
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल दिल से मिटा दो।
    खता हो गयी तो सजा बता दो,
    दिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दो;
    देर हो गयी है याद करने में ज़रूर,
    लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल दिल से मिटा दो।
  • भटक जाते हैं लोग अक्सर इश्क की गलियों में;<br/>
मोहब्बत के सफर का एक नक्शा भी होना चाहिए!
    भटक जाते हैं लोग अक्सर इश्क की गलियों में;
    मोहब्बत के सफर का एक नक्शा भी होना चाहिए!
  • मेरी मोहब्बत की ना सही, मेरे सलीक़े की तो दाद दे;<br/>
तेरा ज़िक्र रोज़ करते हैं, तेरा नाम लिये बग़ैर!
    मेरी मोहब्बत की ना सही, मेरे सलीक़े की तो दाद दे;
    तेरा ज़िक्र रोज़ करते हैं, तेरा नाम लिये बग़ैर!