• हम रूठे दिलों को मनाने में रह गए;<br/>
गैरों को अपना दर्द सुनाने में रह गए;<br/>
मंज़िल हमारी, हमारे करीब से गुज़र गयी;<br/>
हम दूसरों को रास्ता दिखाने में रह गए।Upload to Facebook
    हम रूठे दिलों को मनाने में रह गए;
    गैरों को अपना दर्द सुनाने में रह गए;
    मंज़िल हमारी, हमारे करीब से गुज़र गयी;
    हम दूसरों को रास्ता दिखाने में रह गए।
  • अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे;<br/>
इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे;<br/>
उनसे क्या गिला करें, भूल तो हमारी थी;<br/>
जो बिना दिल वालों से ही दिल लगा बैठे।Upload to Facebook
    अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे;
    इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे;
    उनसे क्या गिला करें, भूल तो हमारी थी;
    जो बिना दिल वालों से ही दिल लगा बैठे।
  • बर्बाद कर गए वो ज़िंदगी प्यार के नाम से;<br/>
बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से;<br/>
ज़ख़्म ही ज़ख़्म दिए उस ने दवा के नाम से;<br/>
आसमान भी रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से।Upload to Facebook
    बर्बाद कर गए वो ज़िंदगी प्यार के नाम से;
    बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से;
    ज़ख़्म ही ज़ख़्म दिए उस ने दवा के नाम से;
    आसमान भी रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से।
  • उसके ना होने से कुछ भी नहीं बदला मुझ में;<br/>
बस जहाँ पहले दिल रहता था वहाँ अब सिर्फ दर्द रहता है।Upload to Facebook
    उसके ना होने से कुछ भी नहीं बदला मुझ में;
    बस जहाँ पहले दिल रहता था वहाँ अब सिर्फ दर्द रहता है।
  • तेरे इश्क़ में सब कुछ लुटा बैठे;<br/>
हम ज़िंदगी भी अपनी गँवा बैठे;<br/>
अब जीने की तमन्ना भी नहीं बाकी;<br/>
सारे अरमान हम अपने दफना बैठे।Upload to Facebook
    तेरे इश्क़ में सब कुछ लुटा बैठे;
    हम ज़िंदगी भी अपनी गँवा बैठे;
    अब जीने की तमन्ना भी नहीं बाकी;
    सारे अरमान हम अपने दफना बैठे।
  • उसकी जफ़ाओं ने मुझे एक तहज़ीब सिखा दी है 'फ़राज़';
    मैं रोते हुए सो जाता हूँ पर शिकवा नहीं करता।
    ~ Ahmad Faraz
  • हर ख़ुशी के पहलू हाथों से छूट गए;
    अब तो खुद के साये भी हमसे रूठ गए;
    हालात हैं अब ऐसे ज़िंदगी में हमारी;
    प्यार की राहों में हम खुद ही टूट गए।
  • दुनिया में किसी से कभी प्यार मत करना;<br/>
अपने अनमोल आँसू इस तरह बेकार मत करना;<br/>
कांटे तो फिर भी दामन थाम लेते हैं;<br/>
फूलों पर कभी इस तरह तुम ऐतबार मत करना।Upload to Facebook
    दुनिया में किसी से कभी प्यार मत करना;
    अपने अनमोल आँसू इस तरह बेकार मत करना;
    कांटे तो फिर भी दामन थाम लेते हैं;
    फूलों पर कभी इस तरह तुम ऐतबार मत करना।
  • ठोकरें खा कर भी ना संभले तो मुसाफ़िर का नसीब;<br/>
वरना पत्थरों ने तो अपना फर्ज़ निभा ही दिया।Upload to Facebook
    ठोकरें खा कर भी ना संभले तो मुसाफ़िर का नसीब;
    वरना पत्थरों ने तो अपना फर्ज़ निभा ही दिया।
  • वो हमें भूल भी जायें तो कोई गम नहीं;
    जाना उनका जान जाने से भी कम नहीं;
    जाने कैसे ज़ख़्म दिए हैं उसने इस दिल को;
    कि हर कोई कहता है कि इस दर्द की कोई मरहम नहीं।