• फुर्सत किसे है ज़ख्मों को सरहाने की;
    निगाहें बदल जाती हैं अपने बेगानों की;
    तुम भी छोड़कर चले गए हमें;
    अब तम्मना न रही किसी से दिल लगाने की।
  • आज उसने एक और दर्द दिया तो खुदा याद आया;
    कि हमने भी दुआओं में उसके सारे दर्द माँगे थे।
  • आग़ाज़-ए-मोहब्बत का अंजाम बस इतना है;
    जब दिल में तमन्ना थी अब दिल ही तमन्ना है।
    ~ Jigar Moradabadi
  • चंद कलियाँ नशात की चुन कर मुद्दतों महव-ए-यास रहता हूँ;
    तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ।

    अनुवाद:
    नशात = खुशियां
    महव-ए-यास = दुखों में खोया
    ~ Sahir Ludhianvi
  • कांच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए;<br/>
हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया।Upload to Facebook
    कांच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए;
    हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया।
  • मेरे दिल का दर्द किसने देखा है;
    मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है;
    हम तन्हाई में बैठे रोते हैं;
    लोगों ने हमें महफ़िल में हँसते देखा है।
  • उसे कह दो वो मेरा है किसी और का हो नहीं सकता;<br/>
बहुत नायाब है मेरे लिए वो कोई और उस जैसा हो नहीं सकता;<br/>
तुम्हारे साथ जो गुज़ारे वो  मौसम याद आते हैं;<br/>
तुम्हारे बाद कोई मौसम सुहाना हो नहीं सकता।Upload to Facebook
    उसे कह दो वो मेरा है किसी और का हो नहीं सकता;
    बहुत नायाब है मेरे लिए वो कोई और उस जैसा हो नहीं सकता;
    तुम्हारे साथ जो गुज़ारे वो मौसम याद आते हैं;
    तुम्हारे बाद कोई मौसम सुहाना हो नहीं सकता।
  • महफ़िल भी रोयेगी, महफ़िल में हर शख्स भी रोयेगा;<br/>
डूबी जो मेरी कश्ती तो चुपके से साहिल भी रोयेगा;<br/>
इतना प्यार बिखेर देंगे हम इस दुनिया में कि;<br/>
मेरी मौत पे मेरा क़ातिल भी रोयेगा।Upload to Facebook
    महफ़िल भी रोयेगी, महफ़िल में हर शख्स भी रोयेगा;
    डूबी जो मेरी कश्ती तो चुपके से साहिल भी रोयेगा;
    इतना प्यार बिखेर देंगे हम इस दुनिया में कि;
    मेरी मौत पे मेरा क़ातिल भी रोयेगा।
  • मरहम न सही कोई ज़ख्म ही दे दो ऐ ज़ालिम;
    महसूस तो हो कि तुम हमें अभी भूले नहीं हो।
  • अब किस से कहें और कौन सुने जो हाल तुम्हारे बाद हुआ;
    इस दिल की झील सी आँखों में एक ख़्वाब बहुत बर्बाद हुआ;
    यह हिज्र-हवा भी दुश्मन है उस नाम के सारे रंगों की;
    वो नाम जो मेरे होंठों पर खुशबू की तरह आबाद हुआ।
    ~ Noshi Gilani