• खून बन कर मुनासिब नहीं दिल बहे;
    दिल नहीं मानता कौन दिल से कहे;
    तेरी दुनिया में आये बहुत दिन रहे;
    सुख ये पाया कि हमने बहुत दुःख सहे।
    ~ Hafeez Jalandhari
  • आज ये तन्हाई का एहसास कुछ ज्यादा है;<br/>
तेरे संग ना होना का मलाल कुछ ज्यादा है;<br/>
फिर भी काट रहे हैं जिए जाने की सज़ा यही सोचकर;<br/>
शायद इस ज़िंदगानी में मेरे गुनाह कुछ ज्यादा हैं।
    आज ये तन्हाई का एहसास कुछ ज्यादा है;
    तेरे संग ना होना का मलाल कुछ ज्यादा है;
    फिर भी काट रहे हैं जिए जाने की सज़ा यही सोचकर;
    शायद इस ज़िंदगानी में मेरे गुनाह कुछ ज्यादा हैं।
  • सोचते हैं सीख लें हम भी बेरुखी करना;<br/>
प्यार निभाते-निभाते लगता है हमने अपनी ही कदर खो दी।
    सोचते हैं सीख लें हम भी बेरुखी करना;
    प्यार निभाते-निभाते लगता है हमने अपनी ही कदर खो दी।
  • एक लफ्ज़ उनको सुनाने के लिए;<br/>
कितने अल्फ़ाज़ लिखे हमने ज़माने के लिए;<br/>
उनका मिलना ही मुक़द्दर में न था;<br/>
वर्ना क्या कुछ नहीं किया उनको पाने के लिए।
    एक लफ्ज़ उनको सुनाने के लिए;
    कितने अल्फ़ाज़ लिखे हमने ज़माने के लिए;
    उनका मिलना ही मुक़द्दर में न था;
    वर्ना क्या कुछ नहीं किया उनको पाने के लिए।
  • दर्द है दिल में पर इसका एहसास नहीं होता;
    रोता है दिल जब वो पास नहीं होता;
    बर्बाद हो गए हम उसके प्यार में;
    और वो कहते हैं इस तरह प्यार नहीं होता।
  • फ़लक देता है जिन को ऐश उन को ग़म भी होते हैं;
    जहाँ बजते हैं नक़्क़ारे वहीं मातम भी होते हैं।
    ~ Daagh Dehlvi
  • दिल के दर्द  छुपाना बड़ा मुश्किल है;<br/>
टूट कर फिर मुस्कुराना बड़ा मुश्किल है;<br/>
किसी अपने के साथ दूर तक जाओ फिर देखो;<br/>
अकेले लौट कर आना कितना मुश्किल है।
    दिल के दर्द छुपाना बड़ा मुश्किल है;
    टूट कर फिर मुस्कुराना बड़ा मुश्किल है;
    किसी अपने के साथ दूर तक जाओ फिर देखो;
    अकेले लौट कर आना कितना मुश्किल है।
  • ख़मोशी से मुसीबत और भी संगीन होती है;
    तड़प ऐ दिल तड़पने से ज़रा तस्कीन होती है।
    ~ Shad Azeembadi
  • हम रूठे दिलों को मनाने में रह गए;<br/>
गैरों को अपना दर्द सुनाने में रह गए;<br/>
मंज़िल हमारी, हमारे करीब से गुज़र गयी;<br/>
हम दूसरों को रास्ता दिखाने में रह गए।
    हम रूठे दिलों को मनाने में रह गए;
    गैरों को अपना दर्द सुनाने में रह गए;
    मंज़िल हमारी, हमारे करीब से गुज़र गयी;
    हम दूसरों को रास्ता दिखाने में रह गए।
  • अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे;<br/>
इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे;<br/>
उनसे क्या गिला करें, भूल तो हमारी थी;<br/>
जो बिना दिल वालों से ही दिल लगा बैठे।
    अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे;
    इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे;
    उनसे क्या गिला करें, भूल तो हमारी थी;
    जो बिना दिल वालों से ही दिल लगा बैठे।