• उल्फत का यह दस्तूर होता है;<br/>

जिसे चाहो वही हमसे दूर होता है;<br/>

दिल टूट कर बिखरता है इस क़द्र जैसे;<br/>

कांच का खिलौना गिरके चूर-चूर होता है!Upload to Facebook
    उल्फत का यह दस्तूर होता है;
    जिसे चाहो वही हमसे दूर होता है;
    दिल टूट कर बिखरता है इस क़द्र जैसे;
    कांच का खिलौना गिरके चूर-चूर होता है!
  • सबने कहा इश्क़ दर्द है;<br/>

हमने कहा यह दर्द भी क़बूल है;<br/>

सबने कहा इस दर्द के साथ जी नहीं पाओगे;<br/>

हमने कहा इस दर्द के साथ मरना भी क़बूल है।Upload to Facebook
    सबने कहा इश्क़ दर्द है;
    हमने कहा यह दर्द भी क़बूल है;
    सबने कहा इस दर्द के साथ जी नहीं पाओगे;
    हमने कहा इस दर्द के साथ मरना भी क़बूल है।
  • दोस्ती जब किसी से की जाये तो दुश्मनों की भी राय ली जाये;
    मौत का ज़हर है फिज़ाओं में अब कहाँ जा कर सांस ली जाये;
    बस इसी सोच में हूँ डूबा हुआ कि ये नदी कैसे पार की जाये;
    मेरे माज़ी के ज़ख़्म भरने लगे हैं आज फिर कोई भूल की जाये।
    ~ Rahat Indori
  • जो नजर से गुजर जाया करते हैं;
    वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं;
    कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते,
    बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं।
  • धड़कन बिना दिल का मतलब ही क्या;<br/>
रौशनी के बिना दिये का मतलब ही क्या;<br/>
क्यों कहते हैं लोग कि मोहब्बत न कर दर्द मिलता है;<br/>
वो क्या जाने कि दर्द बिना मोहब्बत का मतलब ही क्या।Upload to Facebook
    धड़कन बिना दिल का मतलब ही क्या;
    रौशनी के बिना दिये का मतलब ही क्या;
    क्यों कहते हैं लोग कि मोहब्बत न कर दर्द मिलता है;
    वो क्या जाने कि दर्द बिना मोहब्बत का मतलब ही क्या।
  • उम्मीद तो मंज़िल पे पहुँचने की बड़ी थी, तक़दीर मगर न जाने कहाँ सोयी पड़ी थी;
    खुश थे कि गुजारेंगे रफाकत में सफ़र, तन्हाई मगर अब बाहों को फैलाये खड़ी थी।
  • बहुत अजीब हैं ये बंदिशें मोहब्बत की;
    कोई किसी को टूट कर चाहता है;
    और कोई किसी को चाह कर टूट जाता है।
  • उसकी आँखों में नज़र आता है सारा जहां मुझ को;​<br/>
अफ़सोस कि उन आँखों में कभी खुद को नहीं देखा।Upload to Facebook
    उसकी आँखों में नज़र आता है सारा जहां मुझ को;​
    अफ़सोस कि उन आँखों में कभी खुद को नहीं देखा।
  • समझौतों की भीड़-भाड़ में सबसे रिश्ता टूट गया;
    इतने घुटने टेके हमने आख़िर घुटना टूट गया;
    ये मंज़र भी देखे हमने इस दुनिया के मेले में;
    टूटा-फूटा ​ बचा​ रहा है, अच्छा ख़ासा टूट गया।
  • बड़े सुकून से रहता है वो आजकल मेरे बगैर​;​
    ​जैसे किसी उलझन से छुटकारा मिल गया हो उसे...