• एक अलग सी पहचान बनाने की आदत है हमें;
    जख्म हो जितना गहरा उतना मुस्कुराने की आदत है हमें!
  • न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की;<br/>
अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की!Upload to Facebook
    न जाने कैसी नज़र लगी है ज़माने की;
    अब वजह नहीं मिलती मुस्कुराने की!
  • कुछ दिल में, कुछ कागजों पर किस्से आबाद रहे;<br/>
कैसे भूले उन्हें, जो हर धडकनों में याद रहे!  Upload to Facebook
    कुछ दिल में, कुछ कागजों पर किस्से आबाद रहे;
    कैसे भूले उन्हें, जो हर धडकनों में याद रहे!
  • शीशा टूटे ग़ुल मच जाए;
    दिल टूटे आवाज़ न आए।
    ~ Hafeez Merathi
  • मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का;
    उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले।
    ~ Mirza Ghalib
  • कसूर मेरा था तो कसूर उनका भी था;<br/>
नज़र हमने जो उठाई थी तो वो झुका भी सकते थे!Upload to Facebook
    कसूर मेरा था तो कसूर उनका भी था;
    नज़र हमने जो उठाई थी तो वो झुका भी सकते थे!
  • फिर वही दिल की गुज़ारिश,
    फिर वही उनका ग़ुरूर;
    फिर वही उनकी शरारत, फिर वही मेरा कुसूर।
    ~ Mirza Ghalib
  • ये अलग बात है दिखाई न दे मगर शामिल ज़रूर होता है;<br/>
खुदकुशी करने वाले का भी कोई न कोई कातिल जरूर होता है!Upload to Facebook
    ये अलग बात है दिखाई न दे मगर शामिल ज़रूर होता है;
    खुदकुशी करने वाले का भी कोई न कोई कातिल जरूर होता है!
  • किसी ने कहा था मोहब्बत फूल जैसी है;<br/>
कदम रुक गये आज जब फूलों को बाजार में बिकते देखा!Upload to Facebook
    किसी ने कहा था मोहब्बत फूल जैसी है;
    कदम रुक गये आज जब फूलों को बाजार में बिकते देखा!
  • वो पत्थर कहाँ मिलता है बताना जरा ए दोस्त;
    जिसे लोग दिल पर रखकर एक दूसरे को भूल जाते हैं!