• दर्द हमेशा अपने ही देते है;<br/>
वरना गैरो को क्या पता कि;<br/>
तकलीफ किस बात से होती है।Upload to Facebook
    दर्द हमेशा अपने ही देते है;
    वरना गैरो को क्या पता कि;
    तकलीफ किस बात से होती है।
  • हर बात में आंसू बहाया नहीं करते;<br/>
दिल की बात हर किसी को बताया नहीं करते;<br/>
लोग मुट्ठी में नमक लेके घूमते है;<br/>
दिल के जख्म हर किसी को दिखाया नहीं करते।Upload to Facebook
    हर बात में आंसू बहाया नहीं करते;
    दिल की बात हर किसी को बताया नहीं करते;
    लोग मुट्ठी में नमक लेके घूमते है;
    दिल के जख्म हर किसी को दिखाया नहीं करते।
  • जो मेरा था वो मेरा हो नहीं पाया;<br/>
आँखों में आंसू भरे थे पर मैं रो नहीं पाया;<br/>
एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि;<br/>
हम मिलेंगे ख़्वाबों में पर मेरी बदकिस्मती तो देखिये;<br/> 
उस रात तो मैं ख़ुशी के मारे सो भी नहीं पाया।Upload to Facebook
    जो मेरा था वो मेरा हो नहीं पाया;
    आँखों में आंसू भरे थे पर मैं रो नहीं पाया;
    एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि;
    हम मिलेंगे ख़्वाबों में पर मेरी बदकिस्मती तो देखिये;
    उस रात तो मैं ख़ुशी के मारे सो भी नहीं पाया।
  • एक दिन जब हुआ प्यार का अहसास उन्हें;<br/>
वो सारा दिन आकर हमारे पास रोते रहे;<br/>
और हम भी इतने खुद गर्ज़ निकले यारों कि;<br/>
आँखे बंद कर के कफ़न में सोते रहे।Upload to Facebook
    एक दिन जब हुआ प्यार का अहसास उन्हें;
    वो सारा दिन आकर हमारे पास रोते रहे;
    और हम भी इतने खुद गर्ज़ निकले यारों कि;
    आँखे बंद कर के कफ़न में सोते रहे।
  • कभी आंसू कभी ख़ुशी बेची;<br/>
हम गरीबों ने बेकसी बेची;<br/>
चंद सांसे खरीदने के लिए;<br/>
रोज थोड़ी सी जिन्दगी बेची।Upload to Facebook
    कभी आंसू कभी ख़ुशी बेची;
    हम गरीबों ने बेकसी बेची;
    चंद सांसे खरीदने के लिए;
    रोज थोड़ी सी जिन्दगी बेची।
    ~ Abu Talib
  • कभी दूर जा के रोये कभी पास आके रोये;<br/>  
हमें रुलाने वाले हमें रुला के रोये;<br/>  
मरने को तो मरते हैं सभी यारों;<br/>  
पर मरने का तो मजा ही तब है;<br/>  
जो दुश्मन भी जनाजे पे आ के रोये।Upload to Facebook
    कभी दूर जा के रोये कभी पास आके रोये;
    हमें रुलाने वाले हमें रुला के रोये;
    मरने को तो मरते हैं सभी यारों;
    पर मरने का तो मजा ही तब है;
    जो दुश्मन भी जनाजे पे आ के रोये।
  • भूले हैं रफ्ता-रफ्ता उन्हें मुद्दतों में हम;<br/>
किश्तों में ख़ुदकुशी का मज़ा हम से पूछिए।Upload to Facebook
    भूले हैं रफ्ता-रफ्ता उन्हें मुद्दतों में हम;
    किश्तों में ख़ुदकुशी का मज़ा हम से पूछिए।
  • मंजिलों से बेगाना आज भी सफ़र मेरा;<br/>
रात बेसहर मेरी दर्द बेअसर मेरा।<br/><br/>

अनुवाद:<br/>
बेसहर:कभी ख़त्म न होने वाली<br/>
बेअसर:अप्रभावितUpload to Facebook
    मंजिलों से बेगाना आज भी सफ़र मेरा;
    रात बेसहर मेरी दर्द बेअसर मेरा।

    अनुवाद:
    बेसहर:कभी ख़त्म न होने वाली
    बेअसर:अप्रभावित
    ~ Taban Ghulam Rabbani
  • यूँ तो हर चीज़ रफ़ू होती है;<br/>
मगर दिल का घाव सिलाया नही जा सकता।Upload to Facebook
    यूँ तो हर चीज़ रफ़ू होती है;
    मगर दिल का घाव सिलाया नही जा सकता।
  • मौसम की तरह बदल देते हैं लोग हमनफस अपना;<br />
हमसे तो अपना सितमगर भी बदला नहीं जाता!Upload to Facebook
    मौसम की तरह बदल देते हैं लोग हमनफस अपना;
    हमसे तो अपना सितमगर भी बदला नहीं जाता!