• मौसम की तरह बदल देते हैं लोग हमनफस अपना;<br />
हमसे तो अपना सितमगर भी बदला नहीं जाता!Upload to Facebook
    मौसम की तरह बदल देते हैं लोग हमनफस अपना;
    हमसे तो अपना सितमगर भी बदला नहीं जाता!
  • राह यूँ ही नामुक्क्मल, ग़म-ए-इश्क का फ़साना;<br />
कभी मुझको नींद नहीं आयी, कभी सो गया ज़माना!Upload to Facebook
    राह यूँ ही नामुक्क्मल, ग़म-ए-इश्क का फ़साना;
    कभी मुझको नींद नहीं आयी, कभी सो गया ज़माना!
  • ज़रा सी देर को आये ख्वाब आँखों में;<br />
फिर उसके बाद मुसलसल अज़ाब आँखों में;<br />
वो जिस के नाम की निस्बत से रौशनी था वजूद;<br /> 
खटक रहा है वही आफताब आँखों में! Upload to Facebook
    ज़रा सी देर को आये ख्वाब आँखों में;
    फिर उसके बाद मुसलसल अज़ाब आँखों में;
    वो जिस के नाम की निस्बत से रौशनी था वजूद;
    खटक रहा है वही आफताब आँखों में!
    ~ Iftikhar Arif
  • बहुत ही तल्ख़ तजुर्बे का नाम है 'चाहत';<br/>
जो तुमको अच्छा लगे, बस उससे प्यार मत करना।Upload to Facebook
    बहुत ही तल्ख़ तजुर्बे का नाम है 'चाहत';
    जो तुमको अच्छा लगे, बस उससे प्यार मत करना।
  • अभी सूरज नहीं डूबा ज़रा सी शाम होने दो;<br/>
मैं खुद लौट जाउंगा मुझे नाकाम होने दो;<br/> 
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूँढ़ते हो क्यों;<br/>
मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले नाम होने दो!Upload to Facebook
    अभी सूरज नहीं डूबा ज़रा सी शाम होने दो;
    मैं खुद लौट जाउंगा मुझे नाकाम होने दो;
    मुझे बदनाम करने का बहाना ढूँढ़ते हो क्यों;
    मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले नाम होने दो!
  • मेरी बर्बादी पर तू कोई मलाल ना करना;<br/>
भूल जाना मेरा ख्याल ना करना;<br/>
हम तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न ओढ़ लेंगे;<br/>
पर तुम मेरी लाश ले कोई सवाल मत करना!Upload to Facebook
    मेरी बर्बादी पर तू कोई मलाल ना करना;
    भूल जाना मेरा ख्याल ना करना;
    हम तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न ओढ़ लेंगे;
    पर तुम मेरी लाश ले कोई सवाल मत करना!
  • न कोई इलज़ाम न कोई तंज़, न कोई रुसवाई मीर;<br/>
दिन बहुत हो गए यारों ने कोई इनायत नहीं की!Upload to Facebook
    न कोई इलज़ाम न कोई तंज़, न कोई रुसवाई मीर;
    दिन बहुत हो गए यारों ने कोई इनायत नहीं की!
    ~ Khwaja Mir Dard
  • उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है;<br/ >
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है;<br/ >
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर;<br/ >
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!Upload to Facebook
    उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है;
    जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है;
    दिल टूटकर बिखरता है इस कदर;
    जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!
  • आप गैरों की बात करते हैं हमने अपने भी आजमायें हैं;<br/>
लोग कांटो से बच के चलते हैं, हमनें फूलों से ज़ख्म खाए हैं!Upload to Facebook
    आप गैरों की बात करते हैं हमने अपने भी आजमायें हैं;
    लोग कांटो से बच के चलते हैं, हमनें फूलों से ज़ख्म खाए हैं!
  • अपने सीने से लगाए हुए उम्मीद की लाश;<br/ > 
मुद्दतों जीस्त को नाशाद किया है मैंने;<br/ >
तूने तो एक ही सदमे से किया था दो-चार;<br/ >
दिल को हर तरह से बर्बाद किया है मैंने!Upload to Facebook
    अपने सीने से लगाए हुए उम्मीद की लाश;
    मुद्दतों जीस्त को नाशाद किया है मैंने;
    तूने तो एक ही सदमे से किया था दो-चार;
    दिल को हर तरह से बर्बाद किया है मैंने!