• बोसा-ए-रुख़्सार पर तकरार रहने दीजिए;<br/>
लीजिए या दीजिए इंकार रहने दीजिए!
    बोसा-ए-रुख़्सार पर तकरार रहने दीजिए;
    लीजिए या दीजिए इंकार रहने दीजिए!
  • गुनगुनाना तो तकदीर में लिखा के लाए थे;<br/>
खिलखिलाना दोस्तों ने तोहफे में दे दिया!
    गुनगुनाना तो तकदीर में लिखा के लाए थे;
    खिलखिलाना दोस्तों ने तोहफे में दे दिया!
  • खता मत गिन दोस्ती में, कि किसने क्या गुनाह किया;<br/>
दोस्ती तो एक नशा है, जो तूने भी किया और मैंने भी किया!
    खता मत गिन दोस्ती में, कि किसने क्या गुनाह किया;
    दोस्ती तो एक नशा है, जो तूने भी किया और मैंने भी किया!
  • गुनगुनाना तो तकदीर में लिखा के लाए थे;<BR/>
खिलखिलाना दोस्तों ने तोहफे में दे दिया!
    गुनगुनाना तो तकदीर में लिखा के लाए थे;
    खिलखिलाना दोस्तों ने तोहफे में दे दिया!
  • गुनगुनाना तो तकदीर में लिखा के लाए थे;<br/>
खिलखिलाना दोस्तों ने तोहफे में दे दिया!
    गुनगुनाना तो तकदीर में लिखा के लाए थे;
    खिलखिलाना दोस्तों ने तोहफे में दे दिया!
  • खता मत गिन दोस्ती में, कि किसने क्या गुनाह किया;<br/>
दोस्ती तो एक नशा है, जो तूने भी किया और मैंने भी किया!
    खता मत गिन दोस्ती में, कि किसने क्या गुनाह किया;
    दोस्ती तो एक नशा है, जो तूने भी किया और मैंने भी किया!
  • एक ताबीज़ तेरी मेरी दोस्ती को भी चाहिए;<br/>
थोड़ी सी दिखी नहीं कि नज़र लगने लगती है।
    एक ताबीज़ तेरी मेरी दोस्ती को भी चाहिए;
    थोड़ी सी दिखी नहीं कि नज़र लगने लगती है।
  • प्यार से कहो तो आसमान मांग लो,<br/>
रूठ कर कहो तो मुस्कान मांग लो,<br/> 
तमन्ना यही है कि दोस्ती मत तोड़ना,<br/> 
फिर चाहें हँसकर हमारी जान मांग लो।
    प्यार से कहो तो आसमान मांग लो,
    रूठ कर कहो तो मुस्कान मांग लो,
    तमन्ना यही है कि दोस्ती मत तोड़ना,
    फिर चाहें हँसकर हमारी जान मांग लो।
  • फ़िक्र-ए-रोज़गार ने फासले बढा दिए वरना;<br/>
सब यार एक साथ थे, अभी कल ही की तो बात है!
    फ़िक्र-ए-रोज़गार ने फासले बढा दिए वरना;
    सब यार एक साथ थे, अभी कल ही की तो बात है!
  • इत्तेफ़ाक़ से तो नहीं टकराये हम सब ए दोस्तों;<br/>

थोड़ी ख्वाहिश तो खुदा की भी होगी!
    इत्तेफ़ाक़ से तो नहीं टकराये हम सब ए दोस्तों;
    थोड़ी ख्वाहिश तो खुदा की भी होगी!