• फिर ये किस ने मुझे जगाया है;<br/>
फिर से ख़्वाबों में कौन आया है!
    फिर ये किस ने मुझे जगाया है;
    फिर से ख़्वाबों में कौन आया है!
    ~ Ozair Rahman
  • अभी कुछ दिन मुझे इस शहर में आवारा रहना है;<br/>
कि अब तक दिल को उस बस्ती की शामें याद आती हैं!
    अभी कुछ दिन मुझे इस शहर में आवारा रहना है;
    कि अब तक दिल को उस बस्ती की शामें याद आती हैं!
    ~ Chaudhary Mohammad Naeem
  • आज किसी की याद में हम जी भर कर रोए धोया घर;<br/>
आज हमारा घर लगता है कैसा उजला उजला घर!
    आज किसी की याद में हम जी भर कर रोए धोया घर;
    आज हमारा घर लगता है कैसा उजला उजला घर!
    ~ Jafar Baluch
  • बड़े पक्के हैं तेरे एहसास के धागे;<br/>
बिना बाँधे भी बंधे रहते हैं!
    बड़े पक्के हैं तेरे एहसास के धागे;
    बिना बाँधे भी बंधे रहते हैं!
  • बहुत ही याद आता है मेरे दिल को तड़पाता है;<br/>
वो तेरा पास न होना मुझ को बहुत रुलाता है!
    बहुत ही याद आता है मेरे दिल को तड़पाता है;
    वो तेरा पास न होना मुझ को बहुत रुलाता है!
  • तेरी यादों का हिसाब हर रोज़ कर लेता हूँ;<br/>
थोड़ा हँस लेता हूँ थोडा रो लेता हूँ!
    तेरी यादों का हिसाब हर रोज़ कर लेता हूँ;
    थोड़ा हँस लेता हूँ थोडा रो लेता हूँ!
  • तुम तो अपनों के बीच में हमें भूल ही जाते हो;<br/>
लेकिन हम तुम्हे भीड़ में भी याद करते हैं!
    तुम तो अपनों के बीच में हमें भूल ही जाते हो;
    लेकिन हम तुम्हे भीड़ में भी याद करते हैं!
  • आता है याद मुझको गुज़रा हुआ ज़माना,<br/>
वो बाग की बहारें वो सब का चहचहाना;<br/>
आज़ादियां कहां वो सब अपने घोंसले की,<br/>
अपनी खुशी से आना अपनी ख़ुशी से जाना!
    आता है याद मुझको गुज़रा हुआ ज़माना,
    वो बाग की बहारें वो सब का चहचहाना;
    आज़ादियां कहां वो सब अपने घोंसले की,
    अपनी खुशी से आना अपनी ख़ुशी से जाना!
    ~ Allama Iqbal
  • तेरी यादों को पसन्द है मेरी आँखों की नमी;<br/>
हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी!
    तेरी यादों को पसन्द है मेरी आँखों की नमी;
    हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी!
  • पूछता है जब कोई मुझसे कि दुनिया में अब मोहब्बत बची है कहाँ;<br/>
मुस्कुरा देता हूँ मैं और याद आ जाती है माँ!
    पूछता है जब कोई मुझसे कि दुनिया में अब मोहब्बत बची है कहाँ;
    मुस्कुरा देता हूँ मैं और याद आ जाती है माँ!