• तुम्हारी याद के जब ज़ख़्म भरने लगते हैं;
    किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं।
    ~ Faiz Ahmad Faiz
  • जब भी तन्हाई में उनके बगैर जीने की बात आयी;<br />
उनसे हुई हर एक मुलाकात मेरी यादों में दौड आई।Upload to Facebook
    जब भी तन्हाई में उनके बगैर जीने की बात आयी;
    उनसे हुई हर एक मुलाकात मेरी यादों में दौड आई।
  • जब भी तेरी यादों को आसपास पाता हूँ;<br />
खुद को हद दर्ज़े तक उदास पाता हूँ;<br />
तुझे तो मिल गई खुशियाँ ज़माने भर की;<br />
मै अब भी दिल में वही प्यास पाता हूँ।Upload to Facebook
    जब भी तेरी यादों को आसपास पाता हूँ;
    खुद को हद दर्ज़े तक उदास पाता हूँ;
    तुझे तो मिल गई खुशियाँ ज़माने भर की;
    मै अब भी दिल में वही प्यास पाता हूँ।
  • यादें आँसू होती तो छलक जाती;<br />
यादें लिखावट होती तो मिट जाती;<br />
यादें तो जिंदगी में बसा वो एहसास हैं;<br />
जो लाख कोशिश के बाद भी लफ़्ज़ों में बयान नहीं होती।Upload to Facebook
    यादें आँसू होती तो छलक जाती;
    यादें लिखावट होती तो मिट जाती;
    यादें तो जिंदगी में बसा वो एहसास हैं;
    जो लाख कोशिश के बाद भी लफ़्ज़ों में बयान नहीं होती।
  • यकीन करो आज इस कदर याद आ रहे हो तुम;<br/>
जिस कदर तुम ने भुला रखा है मुझे।Upload to Facebook
    यकीन करो आज इस कदर याद आ रहे हो तुम;
    जिस कदर तुम ने भुला रखा है मुझे।
  • प्यार करते हैं तुमसे कितना दिखा ना सके;<br />
तुम क्या हो हमारे लिए कभी बता ना सके;<br />
तुम साथ नहीं हो फिर भी;<br />
तुम्हारी याद को कभी हम भुला ना सके।Upload to Facebook
    प्यार करते हैं तुमसे कितना दिखा ना सके;
    तुम क्या हो हमारे लिए कभी बता ना सके;
    तुम साथ नहीं हो फिर भी;
    तुम्हारी याद को कभी हम भुला ना सके।
  • सारा दिन गुजर जाता है खुद को समेटने में;<br />
फिर रात को उसकी यादों की हवा चलती है और हम फिर बिखर जाते हैं।Upload to Facebook
    सारा दिन गुजर जाता है खुद को समेटने में;
    फिर रात को उसकी यादों की हवा चलती है और हम फिर बिखर जाते हैं।
  • दुनिया के ज़ोर प्यार के दिन याद आ गये;
    दो बाज़ुओ की हार के दिन याद आ गये;
    गुज़रे वो जिस तरफ से बज़ाए महक उठी;
    सबको भरी बहार के दिन याद आ गये।
    ~ Khumar Barabankvi
  • तेरी यादें भी न मेरे बचपन के खिलौने जैसी हैं;
    तन्हा होता हूँ तो इन्हें लेकर बैठ जाता हूँ।
  • अभी मशरूफ हूँ काफी कभी फुर्सत में सोचूंगा;<br />
कि तुझको याद रखने में मैं क्या - क्या भूल जाता हूँ।Upload to Facebook
    अभी मशरूफ हूँ काफी कभी फुर्सत में सोचूंगा;
    कि तुझको याद रखने में मैं क्या - क्या भूल जाता हूँ।