• दी क़सम वस्ल में उस बुत को ख़ुदा की तो कहा;<br/>
तुझ को आता है ख़ुदा याद हमारे होते।<br/><br/>

वस्ल  =  मिलनUpload to Facebook
    दी क़सम वस्ल में उस बुत को ख़ुदा की तो कहा;
    तुझ को आता है ख़ुदा याद हमारे होते।

    वस्ल = मिलन
    ~ Bekhud Dehlvi
  • याद उसकी अभी भी आती है;<br/>
बुरी आदत है कहाँ जाती है।Upload to Facebook
    याद उसकी अभी भी आती है;
    बुरी आदत है कहाँ जाती है।
  • बता किस कोने में सुखाऊं तेरी यादें;<br/>
बरसात बाहर भी है और अन्दर भी।
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    बता किस कोने में सुखाऊं तेरी यादें;
    बरसात बाहर भी है और अन्दर भी।
  • दोस्ती अपनी भी असर रखती है फ़राज़;<br/>
बहुत याद आएँगे ज़रा भूल कर तो देखो।
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    दोस्ती अपनी भी असर रखती है फ़राज़;
    बहुत याद आएँगे ज़रा भूल कर तो देखो।
    ~ Ahmad Faraz
  • रहता है इबादत में हमें मौत का खटका;<br/>
हम याद-ए-ख़ुदा करते हैं कर ले न ख़ुदा याद।Upload to Facebook
    रहता है इबादत में हमें मौत का खटका;
    हम याद-ए-ख़ुदा करते हैं कर ले न ख़ुदा याद।
    ~ Akbar Allahabadi
  • अब आ गए हैं आप तो आता नहीं है याद;<br/>
वर्ना कुछ हम को आप से कहना ज़रूर था!Upload to Facebook
    अब आ गए हैं आप तो आता नहीं है याद;
    वर्ना कुछ हम को आप से कहना ज़रूर था!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • अब उसे रोज़ न सोचूँ तो बदन टूटता है फ़राज़;<br/>
उमर गुजरी है उस की याद का नशा किये हुए।Upload to Facebook
    अब उसे रोज़ न सोचूँ तो बदन टूटता है फ़राज़;
    उमर गुजरी है उस की याद का नशा किये हुए।
    ~ Ahmad Faraz
  • आया ही था ख्याल कि आँखें छलक पड़ीं;<br/>
आँसू किसी की याद के कितने करीब हैं।Upload to Facebook
    आया ही था ख्याल कि आँखें छलक पड़ीं;
    आँसू किसी की याद के कितने करीब हैं।
  • खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सरेआम;<br/>
फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है।Upload to Facebook
    खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सरेआम;
    फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है।
  • कर रहा था गम-ए-जहान का हिसाब;<br/>
आज तुम याद बेहिसाब आये।Upload to Facebook
    कर रहा था गम-ए-जहान का हिसाब;
    आज तुम याद बेहिसाब आये।
    ~ Faiz Ahmad Faiz