• अब उसे रोज़ न सोचूँ तो बदन टूटता है फ़राज़;<br/>
उमर गुजरी है उस की याद का नशा किये हुए।
    अब उसे रोज़ न सोचूँ तो बदन टूटता है फ़राज़;
    उमर गुजरी है उस की याद का नशा किये हुए।
    ~ Ahmad Faraz
  • आया ही था ख्याल कि आँखें छलक पड़ीं;<br/>
आँसू किसी की याद के कितने करीब हैं।
    आया ही था ख्याल कि आँखें छलक पड़ीं;
    आँसू किसी की याद के कितने करीब हैं।
  • खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सरेआम;<br/>
फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है।
    खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सरेआम;
    फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है।
  • कर रहा था गम-ए-जहान का हिसाब;<br/>
आज तुम याद बेहिसाब आये।
    कर रहा था गम-ए-जहान का हिसाब;
    आज तुम याद बेहिसाब आये।
    ~ Faiz Ahmad Faiz
  • ना मुस्कुराने को जी चाहता है;<br/>
ना आंसू बहाने को जी चाहता है;<br/>
लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में;<br/>
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है!
    ना मुस्कुराने को जी चाहता है;
    ना आंसू बहाने को जी चाहता है;
    लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में;
    बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है!
  • मैं तुम्हारी वो याद हूँ;<br/>
जिसे तुम अक्सर भूल जाते हो।
    मैं तुम्हारी वो याद हूँ;
    जिसे तुम अक्सर भूल जाते हो।
  • बेचैन इस क़दर था, सोया न रात भर;
    पलकों से लिख रहा था, तेरा नाम चाँद पर!
  • कितनी खूबसूरत हो जाती है उस वक्त दुनिया;<br/>
जब कोई कहता है कि तुम याद आ रहे हो!
    कितनी खूबसूरत हो जाती है उस वक्त दुनिया;
    जब कोई कहता है कि तुम याद आ रहे हो!
  • बड़ी तलब लगी है खुद को आजमाने की;<br/>
कहो तो यादों के तूफानों का रुख मोड़ दूँ!
    बड़ी तलब लगी है खुद को आजमाने की;
    कहो तो यादों के तूफानों का रुख मोड़ दूँ!
  • इस छोटे से दिल में किस किस को जगह दूँ मैं;<br/>
गम रहें, दम रहे, फरियाद रहे या तेरी याद!
    इस छोटे से दिल में किस किस को जगह दूँ मैं;
    गम रहें, दम रहे, फरियाद रहे या तेरी याद!