• किसी ने हमसे पूछा कि वादों और यादो में क्या फर्क होता है? हमने बस इतना ही कहा कि `वादों को तो इंसान तोड़ देता है` पर `यादे इंसान को तोड़ देती है`!
  • कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त;
    वरना तुझ को याद करने की खता हम बार-बार न करते!
  • यादे अजीब होती हैं;
    बता के नहीं आती और रुला कर भी नहीं जाती!
  • किसी की यादों ने हमने तनहा कर दिया;
    वरना हम अपने आप में किसी महफ़िल से काम न थे!
  • तेरी आँखों में हमे जाने क्या नज़र आया!
    तेरी यादों का दिल पर सरुर है छाया!
    अब हमने चाँद को देखना छोड़ दिया!
    और तेरी तस्वीर को दिल में छुपा लिया!
  • गर्दिश में सितारे होतें हैं!
    सब दूर किनारे होतें हैं!
    यूँ देख के यादों की लहरें!
    हम बैठ किनारे रोते हैं!
  • जीना चाहते हैं मगर ज़िन्दगी रास नहीं आती!
    मरना चाहते हैं मगर मौत पास नहीं आती!
    बहुत उदास हैं हम इस ज़िन्दगी से!
    उनकी यादें भी तो तड़पाने से बाज़ नहीं आती!
  • न वो आ सके न हम कभी जा सके!
    न दर्द दिल का किसी को सुना सके!
    बस बैठे है यादों में उनकी!
    न उन्होंने याद किया और न हम उनको भुला सके!
  • बड़ी कोशिश के बाद उन्हें भूला दिया!
    उनकी यादों को दिल से मिटा दिया!
    एक दिन फिर उनका पैगाम आया लिखा था मुझे भूल जाओ!
    और मुझे भूला हुआ हर लम्हा याद दिला दिया!
  • कभी किसी सपने को दिल से लगाया करो!
    किसी के ख्वाबों में आया-जाया करो!
    जब भी जी हो कि कोई तुम्हें भी मनाये!
    बस हमें याद करके रूठ जाया करो!