• कहीं यादों का मुकाबला हो तो बताना, जनाब;
    हमारे पास भी किसी की यादें बेहिसाब होती जा रही हैं!
  • तेरे ख़त में इश्क़ की गवाही आज भी है,<br/>
हर्फ़ धुंधले हो गए हैं मगर स्याही आज भी है।
    तेरे ख़त में इश्क़ की गवाही आज भी है,
    हर्फ़ धुंधले हो गए हैं मगर स्याही आज भी है।
  • सरहदें तोड़ के आ ज़ाती है किसी पंछी की तरह,<br/>
यह तेरी याद है जो बंटती नहीं मुल्कों की तरह।
    सरहदें तोड़ के आ ज़ाती है किसी पंछी की तरह,
    यह तेरी याद है जो बंटती नहीं मुल्कों की तरह।
  • वो वक़्त वो लम्हें कुछ अजीब होंगे;
    दुनिया में हम खुश नसीब होंगे;
    दूर से जब इतना याद करते हैं आपको;
    क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे!
  • कभी कभी इतनी शिद्दत से आपकी याद आती है;<br/>
मैं पलकों को मिलाता हूँ, तो आँखें भीग जाती हैं!
    कभी कभी इतनी शिद्दत से आपकी याद आती है;
    मैं पलकों को मिलाता हूँ, तो आँखें भीग जाती हैं!
  • नींद आये या ना आये, चिराग बुझा दिया करो,
    किसी की याद में किसी और को जलाना अच्छी बात नहीं।
  • यह यादों का ही रिशता है, जो छूटता नहीं;
    वरना मुद्दत हुई कि वो दामन, छुडा चले गए।
  • बैठे थे अपनी याद लेकर कि अचानक चौंक उठे;<br/>
किसी ने शरारत से कह दिया सुनो वो मिलने आये हैं।
    बैठे थे अपनी याद लेकर कि अचानक चौंक उठे;
    किसी ने शरारत से कह दिया सुनो वो मिलने आये हैं।
  • रख दी गयी कायनात हमारे क़दमों में;<br/>
मगर हमने तुम्हारी यादों का सौदा नहीं किया।
    रख दी गयी कायनात हमारे क़दमों में;
    मगर हमने तुम्हारी यादों का सौदा नहीं किया।
  • यादें भी क्या क्या करा देती हैं,
    कोई शायर हो गया तो कोई खामोश हो गया।