• तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है,<br/>
खोलने से पहले बोतल हिलाई जाती है,<br/>
फिर आवाज़ लगायी जाती है आ जाओ टूटे दिल वालों,<br/>
यहाँ दर्द-ए-दिल की दवा पिलाई जाती है।
    तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है,
    खोलने से पहले बोतल हिलाई जाती है,
    फिर आवाज़ लगायी जाती है आ जाओ टूटे दिल वालों,
    यहाँ दर्द-ए-दिल की दवा पिलाई जाती है।
  • कलम की नोक पे कहानी रखी है;<br/>
मैंने इक ग़ज़ल तुम्हारे सानी रखी है;<br/>
इन आँखों को अब क्या कहें हम;<br/>
दो प्यालों में शराब पुरानी रखी है!
    कलम की नोक पे कहानी रखी है;
    मैंने इक ग़ज़ल तुम्हारे सानी रखी है;
    इन आँखों को अब क्या कहें हम;
    दो प्यालों में शराब पुरानी रखी है!
  • ले जा के हमें साँकी जहाँ शाम ढले;<br/>
कर जन्नत नसीब खुदा जहाँ जाम चले!
    ले जा के हमें साँकी जहाँ शाम ढले;
    कर जन्नत नसीब खुदा जहाँ जाम चले!
  • लड़खड़ाये कदम तो गिरे उनकी बाँहों मे;<br/>
आज हमारा पीना ही हमारे काम आ गया।
    लड़खड़ाये कदम तो गिरे उनकी बाँहों मे;
    आज हमारा पीना ही हमारे काम आ गया।
  • जब भी उमड़े हैँ सैलाब तेरे तसव्वुर के,<br/>
मयख़ाना गवाह है कैसे हर जाम बेअसर हुआ है!
    जब भी उमड़े हैँ सैलाब तेरे तसव्वुर के,
    मयख़ाना गवाह है कैसे हर जाम बेअसर हुआ है!
  • आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';<br/>
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';
    जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • ना बात कर पीने पिलाने की, मेरा ग़ज़लों में मयखाना है;<BR/>
मैं शायर भी पुराना हूँ, और मेरा तज़ुर्बा भी पुराना है|
    ना बात कर पीने पिलाने की, मेरा ग़ज़लों में मयखाना है;
    मैं शायर भी पुराना हूँ, और मेरा तज़ुर्बा भी पुराना है|
  • आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';<br/>
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';
    जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • मयखाने की इज़्ज़त का सवाल था हुज़ूर,<br/>

सामने से गुज़रे तो, थोडा सा लड़खड़ा दिए!
    मयखाने की इज़्ज़त का सवाल था हुज़ूर,
    सामने से गुज़रे तो, थोडा सा लड़खड़ा दिए!
  • कर दो तब्दील अदालतों को मय खानों में;<br/>
सुना है नशे में कोई झूठ नहीं बोलता!
    कर दो तब्दील अदालतों को मय खानों में;
    सुना है नशे में कोई झूठ नहीं बोलता!