• आए थे हँसते खेलते मय-ख़ाने में 'फ़िराक़';
    जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए।
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • मैं थोड़ी देर तक बैठा रहा उसकी आँखों के मैखाने में;<br />
दुनिया मुझे आज तक नशे का आदि समझती है।Upload to Facebook
    मैं थोड़ी देर तक बैठा रहा उसकी आँखों के मैखाने में;
    दुनिया मुझे आज तक नशे का आदि समझती है।
  • न गुल खिले हैं न उन से मिले न मय पी है;
    अजीब रंग में अब के बहार गुज़री है।
    ~ Faiz Ahmad Faiz
  • शराब और मेरा कई बार ब्रेकअप हो चुका है;<br />
पर कमबख्त हर बार मुझे मना लेती है।Upload to Facebook
    शराब और मेरा कई बार ब्रेकअप हो चुका है;
    पर कमबख्त हर बार मुझे मना लेती है।
  • मेरे घर से मयखाना इतना करीब ना था दोस्त;<br />
कुछ लोग दूर हुए तो मयखाना करीब आ गया।Upload to Facebook
    मेरे घर से मयखाना इतना करीब ना था दोस्त;
    कुछ लोग दूर हुए तो मयखाना करीब आ गया।
  • मैं उनकी आँखो से छलकती शराब पीता हूँ;<br />
गरीब हो कर भी मँहगी शराब पीता हूँ;<br />
मुझे नशे में वो बहकने नहीं देते;<br />
उन्हें तो खबर ही नहीं कि मैं कितनी शराब पीता हूँ।Upload to Facebook
    मैं उनकी आँखो से छलकती शराब पीता हूँ;
    गरीब हो कर भी मँहगी शराब पीता हूँ;
    मुझे नशे में वो बहकने नहीं देते;
    उन्हें तो खबर ही नहीं कि मैं कितनी शराब पीता हूँ।
  • फिर ना पीने की कसम खा लूँगा;<br/>
साथ जीने की कसम खा लूँगा;<br/>
एक बार अपनी आँखों से पिला दे साकी;<br/>
शराफत से जीने की कसम खा लूँगा।<br/>Upload to Facebook
    फिर ना पीने की कसम खा लूँगा;
    साथ जीने की कसम खा लूँगा;
    एक बार अपनी आँखों से पिला दे साकी;
    शराफत से जीने की कसम खा लूँगा।
  • ना पीने का शौक था, ना पिलाने का शौक था;<br/>
हमे तो सिर्फ नज़र मिलाने का शौक था;<br/>
पर क्या करे यारो, हम नज़र ही उनसे मिला बैठे;<br/>
जिन्हें सिर्फ नज़रों से पिलाने का शौक था।Upload to Facebook
    ना पीने का शौक था, ना पिलाने का शौक था;
    हमे तो सिर्फ नज़र मिलाने का शौक था;
    पर क्या करे यारो, हम नज़र ही उनसे मिला बैठे;
    जिन्हें सिर्फ नज़रों से पिलाने का शौक था।
  • ग़म इस कदर मिला कि घबरा के पी गए;<br/>
ख़ुशी थोड़ी सी मिली तो मिला के पी गए;<br/>
यूँ तो ना थे जन्म से पीने की आदत;<br/>
शराब को तनहा देखा तो तरस खा के पी गए।Upload to Facebook
    ग़म इस कदर मिला कि घबरा के पी गए;
    ख़ुशी थोड़ी सी मिली तो मिला के पी गए;
    यूँ तो ना थे जन्म से पीने की आदत;
    शराब को तनहा देखा तो तरस खा के पी गए।
  • पैमाना कहे है कोई मय-ख़ाना कहे है;
    दुनिया तेरी आँखों को भी क्या क्या न कहे है।
    ~ Mir Taqi Mir