• मैखाने मे आऊंगा मगर पिऊंगा नहीं, ऐ साकी;
    ये शराब मेरा गम मिटाने की औकात नही रखती!
  • बैठे हैं दिल में ये अरमां जगाये;
    कि वो आज नजरों से अपनी पिलायें;
    मजा तो तब है पीने का यारो;
    इधर हम पियें और नशा उनको आये।
  • पी के रात को हम उनको भुलाने लगे;
    शराब मे ग़म को मिलाने लगे;
    ये शराब भी बेवफा निकली यारो;
    नशे मे तो वो और भी याद आने लगे।
  • मैं तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती;<br/>
मैं जवाब बनता अगर तू सवाल होती;<br/>
सब जानते हैं मैं नशा नही करता;<br/>
मगर मैं भी पी लेता अगर तू शराब होती।
    मैं तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती;
    मैं जवाब बनता अगर तू सवाल होती;
    सब जानते हैं मैं नशा नही करता;
    मगर मैं भी पी लेता अगर तू शराब होती।
  • ग़म इस कद्र बढे कि घबरा कर पी गया;
    इस दिल की बेबसी पर तरस खा कर पी गया;
    ठुकरा रहा था मुझे बड़ी देर से ज़माना;
    मैं आज सब जहां को ठुकरा कर पी गया!
    ~ Sahir Ludhianvi
  • नफरतों का असर देखो जानवरों का बटंवारा हो गया;
    गाय हिन्दू हो गयी और बकरा मुसलमान हो गया;
    मंदिरो मे हिंदू देखे, मस्जिदो में मुसलमान;
    शाम को जब मयखाने गया तब जाकर दिखे इन्सान!
  • आप को इस दिल में उतार लेने को जी चाहता है;<br/>
खूबसूरत से फूलों में डूब जाने को जी चाहता है;<br/>

आपका साथ पाकर हम भूल गए सब मैखाने;<br/>
क्योकि उन मैखानो में भी आपका ही चेहरा नज़र आता है।
    आप को इस दिल में उतार लेने को जी चाहता है;
    खूबसूरत से फूलों में डूब जाने को जी चाहता है;
    आपका साथ पाकर हम भूल गए सब मैखाने;
    क्योकि उन मैखानो में भी आपका ही चेहरा नज़र आता है।
  • पीने दे शराब मस्जिद में बैठ के ग़ालिब;
    या वो जगह बता जहाँ खुदा नहीं है।
    ~ Mirza Ghalib
  • ​यूँ तो ऐसा कोई ख़ास याराना नहीं ​है ​मेरा​;​
    ​​शराब से...​
    इश्क की राहों में तन्हा मिली ​ तो;​​​
    हमसफ़र बन गई.......​
  • उम्र भर भी अगर सदाएं दें;
    ​बीत कर वक़्त फिर नहीं मरते;​
    ​सोच कर तोड़ना इन्हें साक़ी;
    ​टूट कर जाम फिर नहीं जुड़ते।​
    ~ Syed Abdul Hameed Adam