• यह शायरी लिखना उनका काम नहीं;
    जिनके दिल आँखों में बसा करते हैं;
    शायरी तो वो शख्श लिखता है;
    जो शराब से नहीं कलम से नशा करता है।
  • ​रात चुप चाप है पर चाँद खामोश नहीं;<br/>
कैसे कह दूँ कि आज फिर होश नहीं;<br/>
ऐसा डूबा हूँ मैं तुम्हारी आँखों में;<br/>
हाथ में जाम है पर पीने का होश नहीं।
    ​रात चुप चाप है पर चाँद खामोश नहीं;
    कैसे कह दूँ कि आज फिर होश नहीं;
    ऐसा डूबा हूँ मैं तुम्हारी आँखों में;
    हाथ में जाम है पर पीने का होश नहीं।
  • तोहफे में मत गुलाब लेकर आना;<br/>
मेरी क़ब्र पर मत चिराग लेकर आना;<br/>
बहुत प्यासा हूँ अरसों से मैं;<br/>
जब भी आना शराब लेकर आना।
    तोहफे में मत गुलाब लेकर आना;
    मेरी क़ब्र पर मत चिराग लेकर आना;
    बहुत प्यासा हूँ अरसों से मैं;
    जब भी आना शराब लेकर आना।
  • मेरी तबाही का इल्जाम अब शराब पर है;<br/>
करता भी क्या और तुम पर जो आ रही थी बात।
    मेरी तबाही का इल्जाम अब शराब पर है;
    करता भी क्या और तुम पर जो आ रही थी बात।
  • लानत है ऐसे पीने पर हज़ार बार;<br/>
दो घूंट पीकर ठेके पर ही लंबे पसर गये।
    लानत है ऐसे पीने पर हज़ार बार;
    दो घूंट पीकर ठेके पर ही लंबे पसर गये।
    ~ Amjad Jodhpuri
  • हर तरफ खामोशी का साया है;<br/>
जिसे चाहते थे हम वो अब पराया है;<br/>
गिर पङे है हम मोहब्बत की भूख से;<br/>
और लोग कहते है कि पीकर आया है।
    हर तरफ खामोशी का साया है;
    जिसे चाहते थे हम वो अब पराया है;
    गिर पङे है हम मोहब्बत की भूख से;
    और लोग कहते है कि पीकर आया है।
  • शराब पी के रात को हम उनको भुलाने लगे;
    शराब मे ग़म को मिलाने लगे;
    ये शराब भी बेवफा निकली यारो;
    नशे मे तो वो और भी याद आने लगे।
  • पी के रात को हम उनको भूलने लगे;<br/>
शराब में गम को मिलाने लगे;<br/>
दारु भी बेवफ़ा निकली यारों;<br/>
नशे में तो वो भी याद आने लगे।
    पी के रात को हम उनको भूलने लगे;
    शराब में गम को मिलाने लगे;
    दारु भी बेवफ़ा निकली यारों;
    नशे में तो वो भी याद आने लगे।
  • ग़म इस कदर बढे कि घबरा कर पी गया;<br/>
इस दिल की बेबसी पर तरस खा कर पी गया;<br/>
ठुकरा रहा था मुझे बड़ी देर से ज़माना;<br/>
मैं आज सब जहां को ठुकरा कर पी गया!
    ग़म इस कदर बढे कि घबरा कर पी गया;
    इस दिल की बेबसी पर तरस खा कर पी गया;
    ठुकरा रहा था मुझे बड़ी देर से ज़माना;
    मैं आज सब जहां को ठुकरा कर पी गया!
    ~ Sahir Ludhianvi
  • तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है;<br/ >
खोलने से पहले बोतल हिलाई जाती है;<br/ >
फिर आवाज़ लगायी जाती है आ जाओ दर्दे दिलवालों;<br/ >
यहाँ दर्द-ऐ-दिल की दावा पिलाई जाती है!
    तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है;
    खोलने से पहले बोतल हिलाई जाती है;
    फिर आवाज़ लगायी जाती है आ जाओ दर्दे दिलवालों;
    यहाँ दर्द-ऐ-दिल की दावा पिलाई जाती है!