• पीने दे शराब मस्जिद में बैठ के ग़ालिब;
    या वो जगह बता जहाँ खुदा नहीं है।
    ~ Mirza Ghalib
  • ​यूँ तो ऐसा कोई ख़ास याराना नहीं ​है ​मेरा​;​
    ​​शराब से...​
    इश्क की राहों में तन्हा मिली ​ तो;​​​
    हमसफ़र बन गई.......​
  • उम्र भर भी अगर सदाएं दें;
    ​बीत कर वक़्त फिर नहीं मरते;​
    ​सोच कर तोड़ना इन्हें साक़ी;
    ​टूट कर जाम फिर नहीं जुड़ते।​
    ~ Syed Abdul Hameed Adam
  • यह शायरी लिखना उनका काम नहीं;
    जिनके दिल आँखों में बसा करते हैं;
    शायरी तो वो शख्श लिखता है;
    जो शराब से नहीं कलम से नशा करता है।
  • ​रात चुप चाप है पर चाँद खामोश नहीं;<br/>
कैसे कह दूँ कि आज फिर होश नहीं;<br/>
ऐसा डूबा हूँ मैं तुम्हारी आँखों में;<br/>
हाथ में जाम है पर पीने का होश नहीं।Upload to Facebook
    ​रात चुप चाप है पर चाँद खामोश नहीं;
    कैसे कह दूँ कि आज फिर होश नहीं;
    ऐसा डूबा हूँ मैं तुम्हारी आँखों में;
    हाथ में जाम है पर पीने का होश नहीं।
  • तोहफे में मत गुलाब लेकर आना;<br/>
मेरी क़ब्र पर मत चिराग लेकर आना;<br/>
बहुत प्यासा हूँ अरसों से मैं;<br/>
जब भी आना शराब लेकर आना।Upload to Facebook
    तोहफे में मत गुलाब लेकर आना;
    मेरी क़ब्र पर मत चिराग लेकर आना;
    बहुत प्यासा हूँ अरसों से मैं;
    जब भी आना शराब लेकर आना।
  • मेरी तबाही का इल्जाम अब शराब पर है;<br/>
करता भी क्या और तुम पर जो आ रही थी बात।Upload to Facebook
    मेरी तबाही का इल्जाम अब शराब पर है;
    करता भी क्या और तुम पर जो आ रही थी बात।
  • लानत है ऐसे पीने पर हज़ार बार;<br/>
दो घूंट पीकर ठेके पर ही लंबे पसर गये।Upload to Facebook
    लानत है ऐसे पीने पर हज़ार बार;
    दो घूंट पीकर ठेके पर ही लंबे पसर गये।
    ~ Amjad Jodhpuri
  • हर तरफ खामोशी का साया है;<br/>
जिसे चाहते थे हम वो अब पराया है;<br/>
गिर पङे है हम मोहब्बत की भूख से;<br/>
और लोग कहते है कि पीकर आया है। Upload to Facebook
    हर तरफ खामोशी का साया है;
    जिसे चाहते थे हम वो अब पराया है;
    गिर पङे है हम मोहब्बत की भूख से;
    और लोग कहते है कि पीकर आया है।
  • शराब पी के रात को हम उनको भुलाने लगे;
    शराब मे ग़म को मिलाने लगे;
    ये शराब भी बेवफा निकली यारो;
    नशे मे तो वो और भी याद आने लगे।