• कितना बेबस है इंसान, किस्मत के आगे!
    हर सपना टूट जाता है हकीकत के आगे!
    जिसने कभी हाथ न फेलाया हो,
    वो भी हाथ फेलता है `गोलगप्पे वाले` के आगे!
  • एक आप हो कितने अच्छे हो!
    एक आप हो कि कितने सुंदर हो!
    एक आप हो कि कितने सच्चे हो!
    और एक हम है कि झूठ पर झूठ बोले जा रहे है!
  • शाम होते ही ये दिल उदास होता है!
    टूटे ख्वाबों के सिवा कुछ न पास होता है!
    तुम्हरी याद ऐसे वक़्त बहुत आती है!
    जब कोई बन्दर आस-पास होता है!
  • शादी करनी थी पर किस्मत खुली नहीं!
    ताज बनाना था पर मुमताज मिली नहीं!
    एक दिन किस्मत खुली और शादी हो गई!
    अब ताज बनाना है पर यह मुमताज मरती ही नहीं!