• ​मेरे दोस्त तुम भी लिखा करो शायरी;​
    तुम्हारा भी मेरी तरह नाम हो जाएगा;​
    जब तुम पर भी पड़ेंगे अंडे और टमाटर;​​
    ​तो शाम की सब्जी का इंतज़ाम हो जाएगा।
  • ​ना वक्त इतना हैं कि सिलेबस पूरा किया जाए​;​
    ना तरकीब कोई की एग्जाम पास किया जाए​;​
    ना जाने कौन सा दर्द दिया है इस पढ़ाई ने​;​
    ना रोया जाय और ना सोया जाए​।
  • धोखा मिला जब प्यार में;​
    जिंदगी में उदासी सी छा गई;​​
    सोचा था छोड़ देंगे इस राह को;​
    कम्भख्त मोहल्ले में दूसरी आ गई।
  • रिश्वत भी नहीं लेता कम्बखत जान छोड़ने की;
    यह तेरा इश्क़ भी मुझे केजरीवाल लगता है!
  • किस किस का नाम लें, अपनी बरबादी मेँ;
    बहुत लोग आये थे दुआयेँ देने शादी मेँ!
  • वो मंदिर भी जाता है और मस्जिद भी:
    परेशान पति का, कोई मज़हब नहीं होता।
  • वो ज़हर देकर मारते तो दुनिया की नज़र में आ जाते;<br/>
अंदाजे कत्ल तो देखो मोहब्बत करके हमसे शादी ही कर ली।
    वो ज़हर देकर मारते तो दुनिया की नज़र में आ जाते;
    अंदाजे कत्ल तो देखो मोहब्बत करके हमसे शादी ही कर ली।
  • मोहब्बत का सफर लंबा हुआ​;​
    ​​तो क्या हुआ, थोड़ा तुम चलो​;
    ​थोड़ा हम चले, थोड़ा तुम चलो;​
    ​थोड़ा हम चले, फिर रिक्शा कर लेंगे।
  • कितना शरीफ शख्श है;
    पत्नी पे फ़िदा है;
    उस पे ये कमाल है कि;
    अपनी पे फ़िदा है।
  • उम्र की राह में जज्बात बदल जाते है;
    वक़्त की आंधी में हालात बदल जाते है;
    सोचता हूँ कि काम कर-कर के रिकॉर्ड तोड़ दूँ;
    पर ऑफिस आते आते ख़यालात बदल जाते है।