• बारिश का मौसम बहुत तडपता है;
    उनकी याद हैं जिन्हें दिल चाहता है;
    लेकिन वो आए भी तो कैसे;
    ना उनके पास रैन कोट है और ना छाता है।
  • पानी आने की बात करते हो;
    दिल जलाने की बात करते हो;
    चार दिन से मुंह नहीं धोया;
    तुम नहाने की बात करते हो।
  • वो कहती थी कि मैं तुम्हारी जिन्दगी को जन्नत;
    बना दूंगी, बनानी तो उसे मैगी भी नहीं आती थी;
    लेकिन मैडम का आत्मविश्वास तो देखो।
  • वो मेरी किस्मत मेरी तक़दीर हो गई;
    हमने उनकी याद में इतने ख़त लिखे कि;
    वो रद्दी बेचकर अमीर हो गई।
  • आँखों से आँसू छलक पड़े बेरोजगारी के उस;
    अहसास पे ग़ालिब जब घर वाली ने कहा;
    "ए जी खाली बैठे हो तो ये मटर ही छील दो"।
  • मैंने चाहा तुझे अबला समझ कर;
    मैंने चाहा तुझे अबला समझ कर;
    तेरे बाप ने पीट दिया मुझे तबला समझ कर।
  • ख़त लिखता हूँ खून से स्याही ना समझना;
    किसी मरीज़ का सैंपल आया था मेरा न समझना!
  • हम दुआ करते हैं खुदा से;
    कि वो आप जैसा दोस्त और ना बनाए;
    एक कार्टून जैसी चीज़ जो हमारे पास है;
    कहीं वो भी कॉमन ना हो जाए!
  • जब तू होती थी मेरी ज़िन्दगी में तो तेरे मेरे इश्क के चर्चे बहुत थे;
    अच्छा ही हुआ ज़िन्दगी से चली गयी तू क्योंकि तेरे खर्चे ही बहुत थे!
  • प्यार का गीत गायेंगे हम;
    तुझसे मोहब्बत निभायेंगे हम;
    जो तूने कबूल कर लिया प्यार मेरा तो ठीक;
    वरना किसी और हसीना को पटायेंगे हम!