• कैसे लफ्जों में बयां करूँ मैं खूबसूरती तुम्हारी;<br/>
सुंदरता का झरना भी तुम हो, मोहब्बत का दरिया भी तुम हो!
    कैसे लफ्जों में बयां करूँ मैं खूबसूरती तुम्हारी;
    सुंदरता का झरना भी तुम हो, मोहब्बत का दरिया भी तुम हो!
  • ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हे तुम्हारी शख्सियत की खबर;<br/>
कभी हमारी आँखो से आकर पूछो कितने लाजवाब हो तुम!
    ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हे तुम्हारी शख्सियत की खबर;
    कभी हमारी आँखो से आकर पूछो कितने लाजवाब हो तुम!
  • झुकी झुकी नजर तेरी कमाल कर जाती है;<br/>
उठती है एक बार तो सवाल कर जाती है!
    झुकी झुकी नजर तेरी कमाल कर जाती है;
    उठती है एक बार तो सवाल कर जाती है!
  • वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा;<br/>
किरदार ख़ुद उभर के कहानी में आएगा!
    वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा;
    किरदार ख़ुद उभर के कहानी में आएगा!
    ~ Iqbal Sajid
  • उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा;<br/>
आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा!
    उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा;
    आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा!
    ~ Iftikhar Naseem
  • एक तिल का पहरा भी जरूरी है, लबो के आसपास,<br/>
मुझे डर है कहीं तेरी मुस्कुराहट को, कोई नज़र न लगा दे|
    एक तिल का पहरा भी जरूरी है, लबो के आसपास,
    मुझे डर है कहीं तेरी मुस्कुराहट को, कोई नज़र न लगा दे|
  • हुजूर लाजमी है महफिलों मे बवाल होना;<br/>
एक तो हुस्न कयामत उस पे होठो का लाल होना!
    हुजूर लाजमी है महफिलों मे बवाल होना;
    एक तो हुस्न कयामत उस पे होठो का लाल होना!
  • नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,<br/>
कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता।
    नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,
    कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता।
  • मैं हूँ अगर आवारा तो वजह है हुस्न तुम्हारा,<br/>
 
ऐसा मैं हरगिज़ नहीं था तेरे दीदार से पहले!
    मैं हूँ अगर आवारा तो वजह है हुस्न तुम्हारा,
    ऐसा मैं हरगिज़ नहीं था तेरे दीदार से पहले!
  • बड़ी फुर्सत से बनाया है तेरे खुदा ने तुझे;<br/>
वरना सुरत तेरी इस कदर ना चाँद से मिलती!
    बड़ी फुर्सत से बनाया है तेरे खुदा ने तुझे;
    वरना सुरत तेरी इस कदर ना चाँद से मिलती!