• शायद वो अपना वजूद छोड़ गया है मेरी हस्ती में,<br/>

यूँ सोते-सोते जाग जाना मेरी आदत पहले कभी न थी।
    शायद वो अपना वजूद छोड़ गया है मेरी हस्ती में,
    यूँ सोते-सोते जाग जाना मेरी आदत पहले कभी न थी।
  • खुद को समेट के खुद मे सीमट जाते है हम;<br/>
जब तेरी याद आती है फिर से बिखर जाते है हम!
    खुद को समेट के खुद मे सीमट जाते है हम;
    जब तेरी याद आती है फिर से बिखर जाते है हम!
  • खरीद पाऊँ खुशियाँ उदास चेहरों के लिए;<br/> 
मेरे किरदार का मोल इतना करदे खुदा!
    खरीद पाऊँ खुशियाँ उदास चेहरों के लिए;
    मेरे किरदार का मोल इतना करदे खुदा!
  • सजा न दे मुझे बेक़सूर हूँ मैं,<br/>
थाम ले मुझको ग़मों से चूर हूँ मैं,<br/>
तेरी दूरी ने कर दिया है पागल मुझे,<br/>
और लोग कहते हैं कि मगरूर हूँ मैं।
    सजा न दे मुझे बेक़सूर हूँ मैं,
    थाम ले मुझको ग़मों से चूर हूँ मैं,
    तेरी दूरी ने कर दिया है पागल मुझे,
    और लोग कहते हैं कि मगरूर हूँ मैं।
  • फ़िक्र-ए-रोज़गार ने फासले बढा दिए वरना;<br/>
सब यार एक साथ थे, अभी कल ही की तो बात है!
    फ़िक्र-ए-रोज़गार ने फासले बढा दिए वरना;
    सब यार एक साथ थे, अभी कल ही की तो बात है!
  • देख कर मेरी आँखें, एक फकीर कहने लगा;<br/>
पलकें तुम्हारी नाज़ुक है खवाबों का वज़न कम कीजिये!
    देख कर मेरी आँखें, एक फकीर कहने लगा;
    पलकें तुम्हारी नाज़ुक है खवाबों का वज़न कम कीजिये!
  • बंजर नहीं हूं मैं मुझमें बहुत सी नमी है,<br/>
दर्द बयां नही करता, बस इतनी सी कमी है!
    बंजर नहीं हूं मैं मुझमें बहुत सी नमी है,
    दर्द बयां नही करता, बस इतनी सी कमी है!
  • ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,<br/>
तन्हाई में खुद अपनी तस्वीर न देखा कर।
    ऐसा ना हो तुझको भी दीवाना बना डाले,
    तन्हाई में खुद अपनी तस्वीर न देखा कर।
  • मैंने हवा के शौक में खोली थी खिड़कियां,<br/>
पर तेरी यादों का धुआँ मेरे घर में आ गया!
    मैंने हवा के शौक में खोली थी खिड़कियां,
    पर तेरी यादों का धुआँ मेरे घर में आ गया!
  • कभी दो शब्द प्यार के तुम भी लिख दिया करो जनाब,<br/>
हमें लिखना ही नही पढ़ना भी खूब आता है।
    कभी दो शब्द प्यार के तुम भी लिख दिया करो जनाब,
    हमें लिखना ही नही पढ़ना भी खूब आता है।