• लौटा जो सज़ा काट के, वो बिना ज़ुर्म की;<br/>
घर आ के उसने, सारे परिंदे रिहा कर दिए!
    लौटा जो सज़ा काट के, वो बिना ज़ुर्म की;
    घर आ के उसने, सारे परिंदे रिहा कर दिए!
  • फासला भी जरूरी है, चिराग रौशन करने वक्त;<br/>
तजुर्बा ये हुआ हाथ जल जाने के बाद।
    फासला भी जरूरी है, चिराग रौशन करने वक्त;
    तजुर्बा ये हुआ हाथ जल जाने के बाद।
  • मेरी यादों से अगर बच निकलो तो, वादा मेरा है तुमसे,<br/>
मै खुद दुनिया से कह दूगी की, कमी मेरी वफ़ा में थी!
    मेरी यादों से अगर बच निकलो तो, वादा मेरा है तुमसे,
    मै खुद दुनिया से कह दूगी की, कमी मेरी वफ़ा में थी!
  • कुछ तो तन्हाई की रातों में सहारा होता;<br/>

तुम न होते न सही ज़िक्र तुम्हारा होता!
    कुछ तो तन्हाई की रातों में सहारा होता;
    तुम न होते न सही ज़िक्र तुम्हारा होता!
  • नाराज़गी बहुत है हम दोनों के दरमियान;<br/>
वो गलत कहता है कि कोई रिश्ता नहीं रहा!
    नाराज़गी बहुत है हम दोनों के दरमियान;
    वो गलत कहता है कि कोई रिश्ता नहीं रहा!
  • सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई;<br/>
दुनिया की वही रौनक़ दिल की वही तंहाई!
    सौ बार चमन महका सौ बार बहार आई;
    दुनिया की वही रौनक़ दिल की वही तंहाई!
  • ग़म तो जनाब फ़ुरसत का शौक़ है,<br/>
ख़ुशी में वक्त ही कहाँ मिलता है।
    ग़म तो जनाब फ़ुरसत का शौक़ है,
    ख़ुशी में वक्त ही कहाँ मिलता है।
  • ज़रा छू लु तुमको के मुझको यकीं आ जाये;<br/>
लोग कहते है, मुझे साये से मोहब्बत है!
    ज़रा छू लु तुमको के मुझको यकीं आ जाये;
    लोग कहते है, मुझे साये से मोहब्बत है!
  • ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हे तुम्हारी शख्सियत की खबर;<br/>
कभी हमारी आँखो से आकर पूछो, कितने लाजवाब हो तुम!
    ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हे तुम्हारी शख्सियत की खबर;
    कभी हमारी आँखो से आकर पूछो, कितने लाजवाब हो तुम!
  • दिल की बात दिल में छुपा लेते हैं वो,<br/>
हमको देख कर मुस्कुरा देते हैं वो,<br/>
हमसे तो सब पूछ लेते हैं,<br/> 
पर हमारी ही बात हमसे छुपा लेते हैं वो|
    दिल की बात दिल में छुपा लेते हैं वो,
    हमको देख कर मुस्कुरा देते हैं वो,
    हमसे तो सब पूछ लेते हैं,
    पर हमारी ही बात हमसे छुपा लेते हैं वो|