• वो सज़दा ही क्या, जिसमे सर उठाने का होश रहे;
    इज़हार-ए-इश्क़ का मजा तब, जब मैं बेचैन रहूँ और वो ख़ामोश रहे!
  • फिर नहीं बसते वो दिल जो एक बार उजड़ जाते है;<br/>
कब्रें जितनी भी सजा लो पर कोई ज़िंदा नहीं होता!
    फिर नहीं बसते वो दिल जो एक बार उजड़ जाते है;
    कब्रें जितनी भी सजा लो पर कोई ज़िंदा नहीं होता!
  • खुशबू तेरी प्यार की मुझे महका जाती है;
    तेरी हर बात मुझे बहका जाती है;
    साँसे तो बहुत वक्त लेती है आने ओर जाने मै;
    हर साँस से पहले तेरी याद इस दिल को धडका जाती है!
  • अगर हमारी उल्फतों से तंग आ जाओ तो बता देना;<br/>
हमें नफरत तो गवारा है मगर दिखावे की मोहब्बत नहीं!
    अगर हमारी उल्फतों से तंग आ जाओ तो बता देना;
    हमें नफरत तो गवारा है मगर दिखावे की मोहब्बत नहीं!
  • साहिल पे बैठे यूँ सोचते हैं आज, कौन ज्यादा मजबूर है;
    ये किनारा जो चल नहीं सकता, या वो लहर जो ठहर नहीं सकती!
  • चलेगा मुक़दमा आसमान में सब आशिकों पर एक दिन;
    जिसे देखो अपने महबूब को चाँद जो बताता है!
  • मैं आज कल उनकी आँखों में नही देखता;
    कहते हैं, रमजान में हर नशा हराम होता है!
  • सहम उठते हैं कच्चे मकान, पानी के खौफ़ से;<br/>
महलों की आरज़ू ये है कि, बरसात तेज हो!
    सहम उठते हैं कच्चे मकान, पानी के खौफ़ से;
    महलों की आरज़ू ये है कि, बरसात तेज हो!
  • तुम्हारी दुनिया से जाने के बाद;
    हम तुम्हें हर एक तारे में नज़र आया करेंगे;
    तुम हर पल कोई दुआ माँग लेना;
    और हम हर पल टूट जाया करेंगे!
  • वो शमां की महफिल ही क्या, जिसमें दिल खाक ना हो;
    मजा तो तब है चाहत का, जब दिल तो जले पर राख ना हो!