• अच्छा है दिल के साथ रहे पासबान-ए-अक़्ल;
    लेकिन कभी कभी इसे तन्हा भी छोड़ दे।
    ~ Allama Iqbal
  • मत पूछ कैसे गुज़र रही है ज़िन्दगी;
    उस दौर से गुज़र रहा हूँ जो गुज़रता ही नहीं।
  • ज़िद मत किया करो मेरी दास्तान सुनने की
    मैं हँस कर कहूँगा तो भी तुम रोने लगोगे।
  • उनसे शिकवे और शिकायत इतनी है कि नजरें मिलाने को मन नही करता,
    और मोहब्बत इतनी कि दूर जाने को दिल नही करता।
  • बहुत ज़ालिम हो तुम भी, मोहब्बत ऐसे करते हो;
    जैसे घर के पिंजरे में परिंदा पाल रखा हो।
  • सब कुछ बदला बदला था जब बरसो बाद मिले;
    हाथ भी न थाम सके वो इतने पराये से लगे।
  • रिश्ता ऐसा हो जिस पर नाज़ हो,
    कल जितना भरोसा था उतना ही आज हो;
    रिश्ता सिर्फ़ वो नही जो ग़म या ख़ुशी में साथ दे,
    रिश्ते वो हैं जो अपने पन का एहसास दें।
  • बहुत अजब होती हैं यादें यह मोहब्बत की,
    रोये थे जिन पलों में याद कर उन्हें हँसी आती है;
    और हँसे थे जिन पलों में अब याद कर उन्हें रोना आता है।
  • नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं रात भर,
    कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नही देता।
    ~ Anu Sood
  • मोहब्बत की तलाश में निकले हो तुम अरे ओ पागल,
    मोहब्बत खुद तलाश करती है जिसे बर्बाद करना हो।