• किन लफ्ज़ो में बयां करूँ अपने दर्द को;<br/>
सुनने वाले तो बहुत हैं समझने वाला कोई नहीं!
    किन लफ्ज़ो में बयां करूँ अपने दर्द को;
    सुनने वाले तो बहुत हैं समझने वाला कोई नहीं!
  • मोम के पास कभी आग को लाकर देखूँ;<br/>
सोचता हूँ कि तुम्हें हाथ लगा कर देखूँ!
    मोम के पास कभी आग को लाकर देखूँ;
    सोचता हूँ कि तुम्हें हाथ लगा कर देखूँ!
  • दिल का बुरा नहीं हूँ;<br/>
बस लफ्जों मे थोड़ी शरारत लिए फिरता हूँ!
    दिल का बुरा नहीं हूँ;
    बस लफ्जों मे थोड़ी शरारत लिए फिरता हूँ!
  • ख़ाली नही रहा कभी आँखों का ये मकान;<br/>
सब अश्क़ बाहर गये तो उदासी ठहर गई!
    ख़ाली नही रहा कभी आँखों का ये मकान;
    सब अश्क़ बाहर गये तो उदासी ठहर गई!
  • कितना कुछ जानता होगा वो शख्स मेरे बारे में;<br/>
मेरे मुस्कुराने पर भी जिसने पूछ लिया कि तुम उदास क्यों हो!
    कितना कुछ जानता होगा वो शख्स मेरे बारे में;
    मेरे मुस्कुराने पर भी जिसने पूछ लिया कि तुम उदास क्यों हो!
  • दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आज़ाद हैं;<br/>
देखना है, फेंकता है मुझ पर पहला तीर कौन!
    दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आज़ाद हैं;
    देखना है, फेंकता है मुझ पर पहला तीर कौन!
  • इतने संगदिल ना बनो कुछ तो मुरव्वत सीखो;<br/>
तुम पर मरते हैं तो क्या मार ही डालोगे!
    इतने संगदिल ना बनो कुछ तो मुरव्वत सीखो;
    तुम पर मरते हैं तो क्या मार ही डालोगे!
  • तमन्ना फ़िर मचल जाये अगर तुम मिलने आ जाओ;<br/>
यह मौसम ही बदल जाये अगर तुम मिलने आ जाओ;<br/>
मुझे गम है कि मैंने ज़िंदगी में कुछ नहीं पाया;<br/>
यह गम दिल से निकल जाये अगर तुम मिलने आ जाओ!
    तमन्ना फ़िर मचल जाये अगर तुम मिलने आ जाओ;
    यह मौसम ही बदल जाये अगर तुम मिलने आ जाओ;
    मुझे गम है कि मैंने ज़िंदगी में कुछ नहीं पाया;
    यह गम दिल से निकल जाये अगर तुम मिलने आ जाओ!
  • सुना है सब कुछ मिल जाता है दुआ से;<br/>
मिलते हो खुद, या माँगू तुम्हें खुदा से!
    सुना है सब कुछ मिल जाता है दुआ से;
    मिलते हो खुद, या माँगू तुम्हें खुदा से!
  • ना करना हमसे प्यार का फिर झुठा वादा;<br/>
माँगी है आज दुआ के तुझे भूल जायें हम!
    ना करना हमसे प्यार का फिर झुठा वादा;
    माँगी है आज दुआ के तुझे भूल जायें हम!