• मौसम बहुत सर्द है,<br/>
चल ऐ दिल कुछ ख्वाहिशों को आग लगाते हैं।
    मौसम बहुत सर्द है,
    चल ऐ दिल कुछ ख्वाहिशों को आग लगाते हैं।
  • मैंने रंग दिया हर पन्ना तेरे नाम से,<br/>
मेरी किताबों से, मेरी यादों से पूछ इश्क किसे कहते हैं।
    मैंने रंग दिया हर पन्ना तेरे नाम से,
    मेरी किताबों से, मेरी यादों से पूछ इश्क किसे कहते हैं।
  • हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो गम मिलते हैं,<br/>
हम इसी वास्ते अब हर शख्स से कम मिलते हैं।
    हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो गम मिलते हैं,
    हम इसी वास्ते अब हर शख्स से कम मिलते हैं।
  • तेरी मोहब्बत की तलब थी इस लिए हाथ फैला दिए,
    वरना हमने तो कभी अपनी ज़िंदगी की दुआ भी नही माँगी।
  • नही है ये ख्वाहिश कि इस जहान या उस जहान में पनाह मिले,<br/>
बस इतना करम कर ऐ खुदा, कोई ऐसा मिले जिससे प्यार बेपनाह मिले।
    नही है ये ख्वाहिश कि इस जहान या उस जहान में पनाह मिले,
    बस इतना करम कर ऐ खुदा, कोई ऐसा मिले जिससे प्यार बेपनाह मिले।
  • मुझे मंज़ूर थे वक़्त के हर सितम मगर,<br/>
तुमसे बिछड़ जाना, ये सज़ा कुछ ज्यादा हो गयी।
    मुझे मंज़ूर थे वक़्त के हर सितम मगर,
    तुमसे बिछड़ जाना, ये सज़ा कुछ ज्यादा हो गयी।
  • बस जिद है तू इस दिल की,<br/>
वरना इन आँखो ने चेहरे और भी हसीन देखे हैं।
    बस जिद है तू इस दिल की,
    वरना इन आँखो ने चेहरे और भी हसीन देखे हैं।
  • आँखों में आंसुओं की लकीर बन गयी;
    जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गयी;
    हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी;
    गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गयी।
  • एक तो ये कातिल सर्दी, ऊपर से तेरी यादों की धुंध,<br/>
बेहाल कर रखा है, इश्क के मौसमों ने।
    एक तो ये कातिल सर्दी, ऊपर से तेरी यादों की धुंध,
    बेहाल कर रखा है, इश्क के मौसमों ने।
  • इश्क ने कब इजाजत ली है आशिक़ों से,<br/>
वो होता है, और होकर ही रहता है।
    इश्क ने कब इजाजत ली है आशिक़ों से,
    वो होता है, और होकर ही रहता है।