• आँख से आँख जब नहीं मिलती;<br/>
दिल से दिल हम-कलाम होता है!
    आँख से आँख जब नहीं मिलती;
    दिल से दिल हम-कलाम होता है!
    ~ Asrar ul Haq Majaz
  • मेरे अल्फ़ाज़ का जादू ज़माने की ज़बाँ पर है;<br/>
तुम्हारी साज़िशों की हर कहानी बेअसर निकली!
    मेरे अल्फ़ाज़ का जादू ज़माने की ज़बाँ पर है;
    तुम्हारी साज़िशों की हर कहानी बेअसर निकली!
  • मैंने पूछा कैसे जान जाते हो मेरे दिल की बातें,<br/>

वो बोली जब रूह में बसे हो फिर ये सवाल क्यूँ।
    मैंने पूछा कैसे जान जाते हो मेरे दिल की बातें,
    वो बोली जब रूह में बसे हो फिर ये सवाल क्यूँ।
  • आसाँ नहीं दरिया-ए-मोहब्बत से गुज़रना;<br/>
याँ नूह की कश्ती को भी तूफ़ान का डर है!
    आसाँ नहीं दरिया-ए-मोहब्बत से गुज़रना;
    याँ नूह की कश्ती को भी तूफ़ान का डर है!
  • आ ही गया वो मुझ को लहद में उतारने;<br/>
ग़फ़लत ज़रा न की मिरे ग़फ़लत-शिआर ने!
    आ ही गया वो मुझ को लहद में उतारने;
    ग़फ़लत ज़रा न की मिरे ग़फ़लत-शिआर ने!
  • खुदा से मिलती है सूरत मेरे महबूब की;<br/>
अपनी तो मोहब्बत भी हो जाती है और इबादत भी!
    खुदा से मिलती है सूरत मेरे महबूब की;
    अपनी तो मोहब्बत भी हो जाती है और इबादत भी!
  • ख़ुदा महफूज़ रखें आपको तीनों बलाओं से,<BR/>

वकीलों से, हक़ीमों से, हसीनों की निगाहों से!
    ख़ुदा महफूज़ रखें आपको तीनों बलाओं से,
    वकीलों से, हक़ीमों से, हसीनों की निगाहों से!
    ~ Akbar Allahabadi
  • मै भी तलाश में हूँ किसी अपने की;<BR/>
कोई तुम सा हो लेकिन किसी और का ना हो!
    मै भी तलाश में हूँ किसी अपने की;
    कोई तुम सा हो लेकिन किसी और का ना हो!
  • आँखों को फोड़ डालूँ या दिल को तोड़ डालूँ;<br/>
या इश्क़ की पकड़ कर गर्दन मरोड़ डालूँ|
    आँखों को फोड़ डालूँ या दिल को तोड़ डालूँ;
    या इश्क़ की पकड़ कर गर्दन मरोड़ डालूँ|
    ~ Mushafi Ghulam Hamdani
  • तुझे करनी है बेवफाई तो इस अदा से कर;<br/>
कि तेरे बाद कोई बेवफ़ा न लगे।
    तुझे करनी है बेवफाई तो इस अदा से कर;
    कि तेरे बाद कोई बेवफ़ा न लगे।