• जाने क्यों अकेले रहने को मज़बूर हो गए,<br/>
यादों के साये भी हमसे दूर हो गए,<br/>
हो गए तन्हा इस महफ़िल में,<br/>
हमारे अपने भी हमसे दूर हो गए!
    जाने क्यों अकेले रहने को मज़बूर हो गए,
    यादों के साये भी हमसे दूर हो गए,
    हो गए तन्हा इस महफ़िल में,
    हमारे अपने भी हमसे दूर हो गए!
  • पीते-पीते ज़हर-ए-ग़म अब जिस्म नीला पड़ गया;<br/>
कुछ दिनों में देखना हम आसमां होने को हैं!
    पीते-पीते ज़हर-ए-ग़म अब जिस्म नीला पड़ गया;
    कुछ दिनों में देखना हम आसमां होने को हैं!
  • हम ने ‎मोहब्बत‬ के नशे ‎में‬ आ कर उसे‬ खुदा बना डाला;<br/>
होश तब आया‬ जब उस ने कहा‬, कि ‎खुदा‬ किसी ‪‎एक‬ का नहीं‬ होता!
    हम ने ‎मोहब्बत‬ के नशे ‎में‬ आ कर उसे‬ खुदा बना डाला;
    होश तब आया‬ जब उस ने कहा‬, कि ‎खुदा‬ किसी ‪‎एक‬ का नहीं‬ होता!
  • याद आएगी तुझे उस वक़्त हमारी;<br/>
जब दिल वालों की महफ़िल में तुझे कोई दिल से नहीं मिलेगा!
    याद आएगी तुझे उस वक़्त हमारी;
    जब दिल वालों की महफ़िल में तुझे कोई दिल से नहीं मिलेगा!
  • सच के हक़ में खड़ा हुआ जाए;<br/>
जुर्म भी है, तो ये किया जाए; <br/>
हर मुसाफ़िर को ये शऊर कहाँ;<br/>
कब रुका जाए, कब चला जाए!
    सच के हक़ में खड़ा हुआ जाए;
    जुर्म भी है, तो ये किया जाए;
    हर मुसाफ़िर को ये शऊर कहाँ;
    कब रुका जाए, कब चला जाए!
  • क़िताब-ए-दिल का कोई भी स़फा ख़ाली नहीं होता,<br/>
दोस्त वहाँ भी हाल पढ़ लेते हैं, जहाँ कुछ लिखा नहीं होता!
    क़िताब-ए-दिल का कोई भी स़फा ख़ाली नहीं होता,
    दोस्त वहाँ भी हाल पढ़ लेते हैं, जहाँ कुछ लिखा नहीं होता!
  • बदलते नहीं जज़्बात मेरे तारीखों की तरह;<br/>
बेपनाह मोहब्बत पहले भी थी और आज भी है!
    बदलते नहीं जज़्बात मेरे तारीखों की तरह;
    बेपनाह मोहब्बत पहले भी थी और आज भी है!
  • इश्क़ होना किसी से नसीब की बात है;<br/>
वह वफादार हों ये भी नसीब की बात है!
    इश्क़ होना किसी से नसीब की बात है;
    वह वफादार हों ये भी नसीब की बात है!
  • वक़्त अक्सर मांगता है उन्हीं लम्हों का सबूत हमसे,<br/>
जिनकी यादें तो होती है मगर कोई निशानी नहीं होती!
    वक़्त अक्सर मांगता है उन्हीं लम्हों का सबूत हमसे,
    जिनकी यादें तो होती है मगर कोई निशानी नहीं होती!
  • खता हो गयी तो सजा बता दो,<br/>
दिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दो;<br/>
देर हो गयी है याद करने में ज़रूर,<br/>
लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल दिल से मिटा दो।
    खता हो गयी तो सजा बता दो,
    दिल में इतना दर्द क्यों है वजह बता दो;
    देर हो गयी है याद करने में ज़रूर,
    लेकिन तुमको भुला देंगे ये ख्याल दिल से मिटा दो।