• दुश्मन को भी सीने से:

    दुश्मन को भी सीने से लगाना नहीं भूले,
    हम अपने बुजुर्गों का ज़माना नहीं भूले;

    तुम आँखों की बरसात बचाये हुये रखना,
    कुछ लोग अभी आग लगाना नहीं भूले;

    ये बात अलग हाथ कलम हो गये अपने,
    हम आप की तस्वीर बनाना नहीं भूले;

    इक ऊम्र हुई मैं तो हँसी भूल चुका हूँ,
    तुम अब भी मेरे दिल को दुखाना नहीं भूले।
  • तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा;<br/>
तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा;<br/>
नहीं मिला इससे बढ़कर इन निगाहों को कोई;<br/> 
हमने जिसके लिए सारे जहान को देखा।
    तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा;
    तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा;
    नहीं मिला इससे बढ़कर इन निगाहों को कोई;
    हमने जिसके लिए सारे जहान को देखा।
  • ख़ुद्दारी वजह रही कि ज़माने को कभी हज़म नहीं हुए हम,<br/>
पर ख़ुद की नज़रों में, यकीं मानो, कभी कम नहीं हुए हम!
    ख़ुद्दारी वजह रही कि ज़माने को कभी हज़म नहीं हुए हम,
    पर ख़ुद की नज़रों में, यकीं मानो, कभी कम नहीं हुए हम!
  • सोचा न था जिंदगी में​ ऐसे भी फ़साने होंगे;<br/>
रोना भी जरूरी होगा और आसूँ भी छुपाने होंगे।
    सोचा न था जिंदगी में​ ऐसे भी फ़साने होंगे;
    रोना भी जरूरी होगा और आसूँ भी छुपाने होंगे।
  • न किस्सों में, और न किस्तों में,<br/>
जिंदगी की खूबसूरती है चंद सच्चे रिश्तों में!
    न किस्सों में, और न किस्तों में,
    जिंदगी की खूबसूरती है चंद सच्चे रिश्तों में!
  • बड़ी तेज़ है आज, ये ​यादों की शीतलहर;<br/>
चलो ​शायरियों​ का ही ​अलाव तापा जाए!
    बड़ी तेज़ है आज, ये ​यादों की शीतलहर;
    चलो ​शायरियों​ का ही ​अलाव तापा जाए!
  • प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं;<br/>

जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए।
    प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं;
    जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए।
  • रखना है तो फूलों को, तू रख ले निगाहों में;<br/>
ख़ुशबू तो मुसाफ़िर है, खो जाएगी राहों में!
    रखना है तो फूलों को, तू रख ले निगाहों में;
    ख़ुशबू तो मुसाफ़िर है, खो जाएगी राहों में!
  • अब खुद से मिलने को मन करता है;<br/>

लोगो से सुना है कि बहुत बुरे है हम!
    अब खुद से मिलने को मन करता है;
    लोगो से सुना है कि बहुत बुरे है हम!
  • जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता;<br/>
मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता!
    जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता;
    मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता!
    ~ Javed Akhtar