• कल तुझसे बिछड़ने का फैंसला कर लिया था;<br/>
आज अपने ही दिल को रिश्वत दे रहा हूँ!
    कल तुझसे बिछड़ने का फैंसला कर लिया था;
    आज अपने ही दिल को रिश्वत दे रहा हूँ!
  • आया था एक शख्स मेरा दर्द बाँटने;<br/>
रुखसत हुआ तो अपना भी गम दे गया मुझे!
    आया था एक शख्स मेरा दर्द बाँटने;
    रुखसत हुआ तो अपना भी गम दे गया मुझे!
  • फ़क्र ये कि तुम मेरे हो;<br/>
फ़िक्र ये कि पता नहीं कब तक।
    फ़क्र ये कि तुम मेरे हो;
    फ़िक्र ये कि पता नहीं कब तक।
  • मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा;<br/>
चुप-चाप से बहना, अपनी मौज में रहना।
    मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा;
    चुप-चाप से बहना, अपनी मौज में रहना।
  • निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया;<br/>
भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का!
    निगाहों में कोई भी दूसरा चेहरा नहीं आया;
    भरोसा ही कुछ ऐसा था तुम्हारे लौट आने का!
  • तुमको नाराज ही रहना है तो कोई बात करो;<br/>
के चुपचाप रहने से मोहब्बत का गुमान होता है!
    तुमको नाराज ही रहना है तो कोई बात करो;
    के चुपचाप रहने से मोहब्बत का गुमान होता है!
  • ना शौक दीदार का ना फिक्र जुदाई की;<br/>
बड़े खुश नसीब हैं वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते!
    ना शौक दीदार का ना फिक्र जुदाई की;
    बड़े खुश नसीब हैं वो लोग जो मोहब्बत नहीं करते!
  • मेहरबान होकर बुला लो मुझे जिस वक़्त;<br/>
मैं गया वक़्त नहीं कि फिर आ भी ना सकूँ!
    मेहरबान होकर बुला लो मुझे जिस वक़्त;
    मैं गया वक़्त नहीं कि फिर आ भी ना सकूँ!
  • ताल्लुक़ टूट कर बाद में जो कुछ भी रह गये;<br/>
मगर मोहब्बत में वो पहला मुस्कुराना हमेशा याद आता है!
    ताल्लुक़ टूट कर बाद में जो कुछ भी रह गये;
    मगर मोहब्बत में वो पहला मुस्कुराना हमेशा याद आता है!
  • मुझ में बेपनाह मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं;<br/>
तुम अगर चाहो तो मेरी साँसो की तलाशी ले लो!
    मुझ में बेपनाह मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं;
    तुम अगर चाहो तो मेरी साँसो की तलाशी ले लो!