• कमाल करते हैं हमसे जलन रखने वाले;
    महफ़िलें खुद की सजाते हैं और चचेॅ हमारे करते हैं!
  • कल तुझसे बिछड़ने का फैसला कर लिया था;
    आज अपने ही दिल को रिश्वत दे रहा हूँ!
  • इस 'नहीं' का कोई इलाज नहीं;<br/>
रोज़ कहते हैं आप आज नहीं!Upload to Facebook
    इस 'नहीं' का कोई इलाज नहीं;
    रोज़ कहते हैं आप आज नहीं!
  • जब तोलने बैठते हो रिश्तों को;<br/>
जरा बताना दूसरे पलड़े में क्या रखते हो!Upload to Facebook
    जब तोलने बैठते हो रिश्तों को;
    जरा बताना दूसरे पलड़े में क्या रखते हो!
  • कोई तो है मेरे अंदर मुझको संभाले हुए;
    कि बेकरार होकर भी बरक़रार हूँ मैं!
  • यूँ ही एक छोटी सी बात पे ताल्लुकात पुराने बिगड़ गये;<br/>
मुद्दा ये था कि सही `क्या` है और वो सही `कौन` पर उलझ गये!Upload to Facebook
    यूँ ही एक छोटी सी बात पे ताल्लुकात पुराने बिगड़ गये;
    मुद्दा ये था कि सही "क्या" है और वो सही "कौन" पर उलझ गये!
  • पूछ रही है आज मेरी शायरियाँ मुझसे कि;
    कहाँ उड़ गये वो परिंदे जो वाह वाह किया करते थे!
  • तुम उलझे रहे हमें आजमाने में;<br/>
और हम हद से गुजर गए तुम्हें चाहने में!Upload to Facebook
    तुम उलझे रहे हमें आजमाने में;
    और हम हद से गुजर गए तुम्हें चाहने में!
  • किसको बर्दाश्त है खुशी आजकल;
    लोग तो दूसरों की अंतिम यात्रा की भीङ देखकर भी जल जाते हैं!
  • जेब में क्यों रखते हो खुशी के लम्हें जनाब;<br/>
बाँट दो इन्हें ना गिरने का डर, ना चोरी का!Upload to Facebook
    जेब में क्यों रखते हो खुशी के लम्हें जनाब;
    बाँट दो इन्हें ना गिरने का डर, ना चोरी का!