• कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से;<br/>
ये नए मिजाज का शहर है, जरा फ़ासले से मिला करो।
    कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से;
    ये नए मिजाज का शहर है, जरा फ़ासले से मिला करो।
    ~ Bashir Badr
  • एक सुकून की तालाश में, ना जाने कितनी बेचैनियाँ पाल ली;<br/>
और लोग कहते हैं, हम बड़े हो गये और ज़िन्दगी संभाल ली।
    एक सुकून की तालाश में, ना जाने कितनी बेचैनियाँ पाल ली;
    और लोग कहते हैं, हम बड़े हो गये और ज़िन्दगी संभाल ली।
  • खामोश लबों से निभाना था ये रिश्ता;<br/>
पर धड़कनों ने चाहत का शोर मचा दिया।
    खामोश लबों से निभाना था ये रिश्ता;
    पर धड़कनों ने चाहत का शोर मचा दिया।
  • जिंदगी इतना दर्द नहीं देती कि मरने को जी चाहे;<br/>
बस लोग इतने दर्द दे जाते हैं कि, जीने को दिल नहीं करता।
    जिंदगी इतना दर्द नहीं देती कि मरने को जी चाहे;
    बस लोग इतने दर्द दे जाते हैं कि, जीने को दिल नहीं करता।
  • किस नाज़ से कहते हैं वो झुंजला के शब-ए-वस्ल;<br/>
तुम तो हमें करवट भी बदलने नहीं देते।<br/><br/>

शब-ए-वस्ल  =   मिलन की रात
    किस नाज़ से कहते हैं वो झुंजला के शब-ए-वस्ल;
    तुम तो हमें करवट भी बदलने नहीं देते।

    शब-ए-वस्ल = मिलन की रात
    ~ Akbar Allahabadi
  • आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की;<br/>
हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की।
    आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की;
    हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की।
  • ज़ख़्मी दिन और रात रहेंगे:

    ज़ख़्मी दिन और रात रहेंगे कितने दिन,
    दहशत में लम्हात रहेंगे कितने दिन;

    हर पतझड़ के बाद है मौसम फूलों का,
    ख़ाली अपने हाथ रहेंगे कितने दिन;

    कितनी साँसे किस के पास हैं क्या मालूम,
    हम तुम दोनों साथ रहेंगे कितने दिन;

    पढ़ने वाले चेहरा भी पढ़ लेते हैं,
    पोशीदा हालात रहेंगे कितने दिन;

    कितने दिन तक वो दिन अपने साथ रहे,
    ये दिन अपने साथ रहेंगे कितने-कितने दिन!
  • आदम का जिस्म जब कि अनासिर से मिल बना;<br/>
कुछ आग बच रही थी सो आशिक़ का दिल बना!
    आदम का जिस्म जब कि अनासिर से मिल बना;
    कुछ आग बच रही थी सो आशिक़ का दिल बना!
    ~ Mohammad Rafi Sauda
  • किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल;<br/>
कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा!
    किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल;
    कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा!
  • हारा हुआ सा वजूद लगता है मेरा;<BR/>
हर किसी ने लूटा है मोहब्बत का वास्ता देकर!
    हारा हुआ सा वजूद लगता है मेरा;
    हर किसी ने लूटा है मोहब्बत का वास्ता देकर!