• अगर मैं भी मिजाज़ से पत्थर होता;
    तो खुदा होता या तेरा दिल होता!
  • कहने की तलब नहीं कुछ बस;<br/>
तुम्हारे आस-पास होने की ख़्वाहिश है!  Upload to Facebook
    कहने की तलब नहीं कुछ बस;
    तुम्हारे आस-पास होने की ख़्वाहिश है!
  • वो इत्रदान सा लहज़ा मेरे बुजुर्गों का;
    रची बसी हुई उर्दू ज़बान की ख़ुशबू!
  • बड़ी तलब लगी है खुद को आजमाने की;<br/>
कहो तो यादों के तूफानों का रुख मोड़ दूँ!Upload to Facebook
    बड़ी तलब लगी है खुद को आजमाने की;
    कहो तो यादों के तूफानों का रुख मोड़ दूँ!
  • कल तक उड़ती थी जो मुँह तक आज पैरों से लिपट गई;
    चंद बूँदे क्या बरसी बरसात की धूल की फ़ितरत ही बदल गई!
  • इस छोटे से दिल में किस किस को जगह दूँ मैं;<br/>
गम रहें, दम रहे, फरियाद रहे या तेरी याद!Upload to Facebook
    इस छोटे से दिल में किस किस को जगह दूँ मैं;
    गम रहें, दम रहे, फरियाद रहे या तेरी याद!
  • समंदर बेबसी अपनी किसी से कह नहीं सकता;
    हजारों मील तक फैला है, फिर भी बह नहीं सकता!
  • किसी ने यूँ ही पूछ लिया हमसे कि दर्द की कीमत क्या है;<br/>
हमने हँसते हुए कहा, पता नहीं कुछ अपने मुफ्त में दे जाते हैं।    Upload to Facebook
    किसी ने यूँ ही पूछ लिया हमसे कि दर्द की कीमत क्या है;
    हमने हँसते हुए कहा, पता नहीं कुछ अपने मुफ्त में दे जाते हैं।
  • वक्त इशारा देता रहा और हम इत्तेफाक़ समझते रहे;
    बस यूँ ही धोखे ख़ाते गए और इस्तेमाल होते रहे!
  • तुम्हारी एक मुस्कान से सुधर गई तबियत मेरी;<br/>
बताओ ना तुम इश्क करते हो या इलाज करते हो!Upload to Facebook
    तुम्हारी एक मुस्कान से सुधर गई तबियत मेरी;
    बताओ ना तुम इश्क करते हो या इलाज करते हो!