• कौन सा रंग लगाऊं तेरे चेहरे पर,<br/>

कि मेरा मन तो पहले ही तेरे रंग में रंग चुका है!
    कौन सा रंग लगाऊं तेरे चेहरे पर,
    कि मेरा मन तो पहले ही तेरे रंग में रंग चुका है!
  • मैं हूँ अगर आवारा तो वजह है हुस्न तुम्हारा,<br/>
 
ऐसा मैं हरगिज़ नहीं था तेरे दीदार से पहले!
    मैं हूँ अगर आवारा तो वजह है हुस्न तुम्हारा,
    ऐसा मैं हरगिज़ नहीं था तेरे दीदार से पहले!
  • वजह की तलाश में, वक्त ना गवाया करो;<br/>
बेवजह, बेपरवाह, बेझिझक बस मुस्कुराया करो!
    वजह की तलाश में, वक्त ना गवाया करो;
    बेवजह, बेपरवाह, बेझिझक बस मुस्कुराया करो!
  • बड़ी फुर्सत से बनाया है तेरे खुदा ने तुझे;<br/>
वरना सुरत तेरी इस कदर ना चाँद से मिलती!
    बड़ी फुर्सत से बनाया है तेरे खुदा ने तुझे;
    वरना सुरत तेरी इस कदर ना चाँद से मिलती!
  • मेरी आँखों में यहीं हद से ज्यादा बेशुमार हैं,<br/>
तेरा ही इश्क़, तेरा ही दर्द, तेरा ही इंतज़ार हैं!
    मेरी आँखों में यहीं हद से ज्यादा बेशुमार हैं,
    तेरा ही इश्क़, तेरा ही दर्द, तेरा ही इंतज़ार हैं!
  • मेरी नीम सी ज़िन्दगी शहद कर दे;<br/>
कोई मुझे इतना चाहे की हद कर दे!
    मेरी नीम सी ज़िन्दगी शहद कर दे;
    कोई मुझे इतना चाहे की हद कर दे!
  • ना बात कर पीने पिलाने की, मेरा ग़ज़लों में मयखाना है;<BR/>
मैं शायर भी पुराना हूँ, और मेरा तज़ुर्बा भी पुराना है|
    ना बात कर पीने पिलाने की, मेरा ग़ज़लों में मयखाना है;
    मैं शायर भी पुराना हूँ, और मेरा तज़ुर्बा भी पुराना है|
  • तमाम लोगों को अपनी अपनी मंजिल मिल चुकी,<BR/> 
कमबख्त हमारा दिल है, कि अब भी सफर में है।
    तमाम लोगों को अपनी अपनी मंजिल मिल चुकी,
    कमबख्त हमारा दिल है, कि अब भी सफर में है।
  • आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';<br/>
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';
    जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • यहाँ हर कोई रखता है खबर, गैरों के गुनाहों की;<br/>
अजीब फ़ितरत है, कोई आइना नही रखता।
    यहाँ हर कोई रखता है खबर, गैरों के गुनाहों की;
    अजीब फ़ितरत है, कोई आइना नही रखता।