• मनाए दुनिया इक ही दिन जश्न मोहब्बत का;<br/>
मेरी तो हर साँस तेरे इश्क से ही महकती है!
    मनाए दुनिया इक ही दिन जश्न मोहब्बत का;
    मेरी तो हर साँस तेरे इश्क से ही महकती है!
  • मेरे दिल से निकलने का रास्ता भी न ढूंढ सके,<br/>
और कहते थे तुम्हारी रग-रग से वाकिफ़ है हम!
    मेरे दिल से निकलने का रास्ता भी न ढूंढ सके,
    और कहते थे तुम्हारी रग-रग से वाकिफ़ है हम!
  • ज्यादा ख़्वाहिशें नहीं एे जिंदगी तुझसे;<br/>
बस अगला कदम पिछले से बेहतरीन हो !
    ज्यादा ख़्वाहिशें नहीं एे जिंदगी तुझसे;
    बस अगला कदम पिछले से बेहतरीन हो !
  • हम लोग भी कितने अजीब हैं;<br/>
निशानियाँ महफ़ूज़ रखते हैं, और लोगों को खो देते हैं!
    हम लोग भी कितने अजीब हैं;
    निशानियाँ महफ़ूज़ रखते हैं, और लोगों को खो देते हैं!
  • ज़िंदगी को हमेशा मुस्कुरा कर गुज़ारो,<br/>
क्योंकि आप नहीं जानते की यह कितनी बाक़ी है।
    ज़िंदगी को हमेशा मुस्कुरा कर गुज़ारो,
    क्योंकि आप नहीं जानते की यह कितनी बाक़ी है।
  • कौन कहता है कि आपकी तस्वीर बात नहीं करती;<br/>
हर सवाल का जवाब देती है बस आवाज़ नहीं करती!
    कौन कहता है कि आपकी तस्वीर बात नहीं करती;
    हर सवाल का जवाब देती है बस आवाज़ नहीं करती!
  • जाते जाते उसने पलटकर सिर्फ इतना कहा मुझसे,<br/>

मेरी बेवफाई से ही मर जाओगे या मार के जाऊं।
    जाते जाते उसने पलटकर सिर्फ इतना कहा मुझसे,
    मेरी बेवफाई से ही मर जाओगे या मार के जाऊं।
  • इश्क उन्हें ही गुनाह लगता है साहेब,<br/>

जिनके इरादों मे मिलावट होती है।
    इश्क उन्हें ही गुनाह लगता है साहेब,
    जिनके इरादों मे मिलावट होती है।
  • न कर शुमार कि हर शय गिनी नहीं जाती;<br/>

ये ज़िंदगी है हिसाबों से जी नहीं जाती!
    न कर शुमार कि हर शय गिनी नहीं जाती;
    ये ज़िंदगी है हिसाबों से जी नहीं जाती!
  • मयखाने की इज़्ज़त का सवाल था हुज़ूर,<br/>

सामने से गुज़रे तो, थोडा सा लड़खड़ा दिए!
    मयखाने की इज़्ज़त का सवाल था हुज़ूर,
    सामने से गुज़रे तो, थोडा सा लड़खड़ा दिए!