• एक नारी का भावुक सन्देश:<br/>
मैं एक बेटी हूँ, मैं एक बहन हूँ, मैं एक बीवी हूँ, मैं एक माँ भी हूँ लेकिन...<br/>
खबरदार जो किसी ने आंटी बोला तो।
    एक नारी का भावुक सन्देश:
    मैं एक बेटी हूँ, मैं एक बहन हूँ, मैं एक बीवी हूँ, मैं एक माँ भी हूँ लेकिन...
    खबरदार जो किसी ने आंटी बोला तो।
  • वो बात बात पे देता है परिंदों की मिसाल;<br/>
साफ़ साफ़ नहीं कहता मेरा शहर ही छोड़ दो।
    वो बात बात पे देता है परिंदों की मिसाल;
    साफ़ साफ़ नहीं कहता मेरा शहर ही छोड़ दो।
    ~ Ahmad Faraz
  • बस-कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना;<br/>
आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसाँ होना।
    बस-कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना;
    आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसाँ होना।
    ~ Mirza Ghalib
  • अब हम मकान में ताला लगाने वाले हैं;<br/>
पता चला हैं कि मेहमान आने वाले हैं।
    अब हम मकान में ताला लगाने वाले हैं;
    पता चला हैं कि मेहमान आने वाले हैं।
    ~ Rahat Indori
  • मेरा जो भी तर्जुबा है, तुम्हें बतला रहा हूँ मैं;<br/>
कोई लब छू गया था तब, कि अब तक गा रहा हूँ मैं;<br/>
बिछुड़ के तुम से अब कैसे, जिया जाये बिना तड़पे;<br/>
जो मैं खुद ही नहीं समझा, वही समझा रहा हूँ मैं।
    मेरा जो भी तर्जुबा है, तुम्हें बतला रहा हूँ मैं;
    कोई लब छू गया था तब, कि अब तक गा रहा हूँ मैं;
    बिछुड़ के तुम से अब कैसे, जिया जाये बिना तड़पे;
    जो मैं खुद ही नहीं समझा, वही समझा रहा हूँ मैं।
    ~ Dr. Kumar Vishwas
  • जफा जो इश्क में होती है वह जफा ही नहीं;<br/>
सितम न हो तो मोहब्बत में कुछ मजा ही नहीं।<br/><br/>

Meaning:<br/>
जफा - जुल्म
    जफा जो इश्क में होती है वह जफा ही नहीं;
    सितम न हो तो मोहब्बत में कुछ मजा ही नहीं।

    Meaning:
    जफा - जुल्म
    ~ Allama Iqbal
  • आया ही था ख्याल कि आँखें छलक पड़ीं;<br/>
आँसू किसी की याद के कितने करीब हैं।
    आया ही था ख्याल कि आँखें छलक पड़ीं;
    आँसू किसी की याद के कितने करीब हैं।
  • मुद्दत से ख्वाब में भी नहीं नींद का ख्याल;<br/>
हैरत में हूँ ये किस का मुझे इंतज़ार है।
    मुद्दत से ख्वाब में भी नहीं नींद का ख्याल;
    हैरत में हूँ ये किस का मुझे इंतज़ार है।
  • न मेरा नाम था, न दाम था बाजार-ए-मोहब्बत में;<br/>
तुमने भाव पूछकर अनमोल कर दिया।
    न मेरा नाम था, न दाम था बाजार-ए-मोहब्बत में;
    तुमने भाव पूछकर अनमोल कर दिया।
  • खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सरेआम;<br/>
फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है।
    खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सरेआम;
    फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है।