• ऐ क़लम बस इतना सा एहसान कर दे;<br/>
जो मेरी ज़ुबाँ से न निकला वो बयाँ कर दे।
    ऐ क़लम बस इतना सा एहसान कर दे;
    जो मेरी ज़ुबाँ से न निकला वो बयाँ कर दे।
  • कोई देख ना सका उसकी बेबसी;<br/>
जो सांसें बेच रहा हैं गुब्बारों मे डालकर।
    कोई देख ना सका उसकी बेबसी;
    जो सांसें बेच रहा हैं गुब्बारों मे डालकर।
  • कैसे कह दूं कि बदले में कुछ नहीं मिला;<br/>
सबक भी कोई छोटी चीज तो नहीं।
    कैसे कह दूं कि बदले में कुछ नहीं मिला;
    सबक भी कोई छोटी चीज तो नहीं।
  • दर्द को मुस्कुराकर सहना क्या सीख लिया;<br/>
सब ने सोच लिया मुझे तकलीफ़ नहीं होती।
    दर्द को मुस्कुराकर सहना क्या सीख लिया;
    सब ने सोच लिया मुझे तकलीफ़ नहीं होती।
  • उम्र में, ओहदे में, कौन कितना बड़ा है फर्क नहीं पड़ता;<br/>
लहजे में कौन कितना झुकता है फर्क ये पड़ता है।
    उम्र में, ओहदे में, कौन कितना बड़ा है फर्क नहीं पड़ता;
    लहजे में कौन कितना झुकता है फर्क ये पड़ता है।
  • मै दीपक हूँ, मेरी दुश्मनी तो सिर्फ़ अंधेरे से है;<br/>
हवा तो बेवजह ही मेरे ख़िलाफ़ है।<br/>
हवा से कह दो कि खुद को आज़मा के दिखाए;<br/>
बहुत दीपक बुझाती है कभी जला के दिखाए।
    मै दीपक हूँ, मेरी दुश्मनी तो सिर्फ़ अंधेरे से है;
    हवा तो बेवजह ही मेरे ख़िलाफ़ है।
    हवा से कह दो कि खुद को आज़मा के दिखाए;
    बहुत दीपक बुझाती है कभी जला के दिखाए।
  • हमनें दुनिया में मोहब्बत का असर ज़िंदा किया है;<br/>
हमनें नफ़रत को गले मिल-मिल के शर्मिंदा किया है।
    हमनें दुनिया में मोहब्बत का असर ज़िंदा किया है;
    हमनें नफ़रत को गले मिल-मिल के शर्मिंदा किया है।
  • मेरे सजदों में कमी तो न थी ऐ खुदा;<br/>
या मुझ से भी बढ़कर किसी ने माँगा था उसको।
    मेरे सजदों में कमी तो न थी ऐ खुदा;
    या मुझ से भी बढ़कर किसी ने माँगा था उसको।
  • अहमियत यहाँ हैसियत को मिलती है;<br/>
हम है कि, जज्बात लिए फिरते हैं।
    अहमियत यहाँ हैसियत को मिलती है;
    हम है कि, जज्बात लिए फिरते हैं।
  • यूँ चेहरे पर उदासी ना ओढिये साहब;<br/>
वक़्त ज़रूर तकलीफ का है लेकिन कटेगा मुस्कुराने से ही।
    यूँ चेहरे पर उदासी ना ओढिये साहब;
    वक़्त ज़रूर तकलीफ का है लेकिन कटेगा मुस्कुराने से ही।