• किसी के पास होने का जब हर वक़्त एहसास होता है;<br/>
यक़ीं मानों कि यहीं मोहब्बत का आगाज होता है!
    किसी के पास होने का जब हर वक़्त एहसास होता है;
    यक़ीं मानों कि यहीं मोहब्बत का आगाज होता है!
  • रेत की दीवार हूँ गिरने से बचा ले मुझको;<br/>
यूँ न कर तेज़ हवाओं के हवाले मुझको;<br/>
आ मेरे पास ज़रा देख मोहब्बत से मुझे;<br/>
मैं बुरा हूँ तो भलाई से निभा ले मुझको!
    रेत की दीवार हूँ गिरने से बचा ले मुझको;
    यूँ न कर तेज़ हवाओं के हवाले मुझको;
    आ मेरे पास ज़रा देख मोहब्बत से मुझे;
    मैं बुरा हूँ तो भलाई से निभा ले मुझको!
  • ग़म-ए-हयात ने आवारा कर दिया वर्ना,<br/>
थी आरजू तेरे दर पे सुबह-ओ-शाम करें!<br/><br/>


ग़म-ए-हयात  =  ज़िन्दगी का ग़म
    ग़म-ए-हयात ने आवारा कर दिया वर्ना,
    थी आरजू तेरे दर पे सुबह-ओ-शाम करें!

    ग़म-ए-हयात = ज़िन्दगी का ग़म
    ~ Majrooh Sultanpuri
  • यूँ तो ऐ ज़िंदगी तेरे सफर से शिकायतें बहुत थी;<br/>
मगर दर्द जब दर्ज कराने पहुँचे तो कतारें बहुत थी।
    यूँ तो ऐ ज़िंदगी तेरे सफर से शिकायतें बहुत थी;
    मगर दर्द जब दर्ज कराने पहुँचे तो कतारें बहुत थी।
  • अर्ज़-ए-अहवाल को गिला समझे;<br/>
क्या कहा मैंने आप क्या समझे|
    अर्ज़-ए-अहवाल को गिला समझे;
    क्या कहा मैंने आप क्या समझे|
    ~ Daagh Dehlvi
  • यह भी एक ज़माना देख लिया है हम ने;<br/>
​दर्द जो सुनाया अपना तो तालियां बज उठीं​।
    यह भी एक ज़माना देख लिया है हम ने;
    ​दर्द जो सुनाया अपना तो तालियां बज उठीं​।
  • तुझे बाँहों में भर लेने की ख़्वाहिश यूँ उभरती है;<br/>
कि मैं अपनी नज़र में आप रुस्वा हो सा जाता हूँ।<br/><br/>

रुस्वा  =  बदनाम
    तुझे बाँहों में भर लेने की ख़्वाहिश यूँ उभरती है;
    कि मैं अपनी नज़र में आप रुस्वा हो सा जाता हूँ।

    रुस्वा = बदनाम
    ~ Jaan Nisar Akhtar
  • आँखें शराब:

    आँखें शराब खाना,
    दिल हो गया दीवाना;

    नजरों के तीर खा कर,
    घायल हुआ जमाना;

    भटकेंगी ये तो दर-दर,
    नजरों का क्या ठिकाना;

    नजरों की कदर करना,
    नजरों से ना गिराना;

    नज़रों की आब, इज्जत,
    इस को सदा बढ़ाना;

    शर्म-ओ-हया का जेवर,
    नज़रों का है खज़ाना;

    नज़रों के दायरे में,
    गैरों को ना बसाना;

    नज़रों में बंद रखना,
    तुम राज-ए-दिल छुपाना!
  • फलक देता है जिसको ऐश उसको गम भी देता है;<br/>
जहाँ बजते हैं नक्कारे, वहीं मातम भी होते हैं।<br/><br/>

फलक - आकाश, आसमान, अर्
    फलक देता है जिसको ऐश उसको गम भी देता है;
    जहाँ बजते हैं नक्कारे, वहीं मातम भी होते हैं।

    फलक - आकाश, आसमान, अर्
    ~ Daagh Dehlvi
  • वो शायर होते हैं जो शायरी करते हैं;<br/>
हम तो बदनाम से लोग हैं, बस दर्द लिखते हैं।
    वो शायर होते हैं जो शायरी करते हैं;
    हम तो बदनाम से लोग हैं, बस दर्द लिखते हैं।