• अजीब जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ पर;
    सो जाऊं तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती हैं।
  • दिल से पूछो तो आज भी तुम मेरे ही हो;
    ये ओर बात है कि किस्मत दग़ा कर गयी।
  • आ देख मेरी आँखों के ये भीगे हुए मौसम,
    ये किसने कह दिया कि तुम्हें भूल गये हैं हम।
  • ना किया कर अपने दर्द को शायरी में ब्यान ऐ नादान दिल,
    कुछ लोग टूट जाते हैं इसे अपनी दास्तान समझकर।
  • अफसोस ये नहीं है कि दर्द कितना है,
    अफसोस तो ये है कि बस तुम्हें परवाह नहीं।
  • न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर,
    सामने आने से ज़्यादा तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है।
  • इतनी यादें तेरी पर तू मेरे पास ही नही,
    इतनी बातें हैं पर करने को तू साथ नही।
  • तेरे गम में भी नायाब खजाना ढूँढ लेते हैं,
    हम तुम्हें याद करने का बहाना ढूँढ लेते हैं।
  • मुझे यकीन है मोहब्बत उसी को कहते हैं,
    कि जख्म ताज़ा रहे और निशान चला जाये।
  • नजरों से दूर हो कर भी, यूं तेरा रूबरू रहना,
    किसी के पास रहने का, सलीका हो तो तुम सा हो।