• हिंदी हॉरर फिल्म में लड़की को घर में जब कुछ अजीब सुनाई देता है तो वो बोलती है,
    "कौन है वहाँ?"
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    जैसे कि भूत बोलेगा,
    "हाँ मैं हूँ किचन में, कुछ खाओगी?"
  • यहां भी होगा वहां भी होगा अब तो सारे जहां में होगा
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    क्या?
    .
    .
    .
    .
    .
    .
    आम का ठेला, ठेला, ठेला,
    आम का ठेला!
  • एक पत्नी ने एक दिन अपने पति का मोबाइल चेक किया तो उसमे नाम Save किये थे,
    आँखों का इलाज
    होंठों का इलाज
    दिल का इलाज
    पत्नी ने गुस्से में अपना नंबर डायल किया
    नाम आया "ला - इलाज"!
  • साँप लोट जाता है सीने पर जब शादी के कई साल बाद भी ससुराल वाले कहते है...
    हमारी बेटी तो गाय है।
  • पहचान कहाँ हो पाती है अब इंसानों की;
    अब तो गाडी, कपडे और जूते लोगों की औकात तय करते हैं।
  • जो हो गया उसे सोचा नहीं करते;
    जो मिल गया उसे खोया नहीं करते;
    होती है हासिल मंज़िल उन्हें;
    जो वक़्त और हालात पर रोया नहीं करते।
  • भगवान से यह मत कहो कि समस्या विकट है;<br />
बल्कि समस्या से कह दो कि मेरे भगवान मेरे निकट हैं।Upload to Facebook
    भगवान से यह मत कहो कि समस्या विकट है;
    बल्कि समस्या से कह दो कि मेरे भगवान मेरे निकट हैं।
  • इंसान को इंसान धोखा नहीं देता बल्कि वो उम्मीदें धोखा दे जाती हैं जो वो दूसरों से रखता है।
  • चाँदनी जैसे बिखर गई है सारी;<br />
रब से है ये दुआ हमारी;<br />
जितनी प्यारी है तारों की यारी;<br />
आपकी नींद भी हो उतनी ही प्यारी।<br />
शुभ रात्रि!Upload to Facebook
    चाँदनी जैसे बिखर गई है सारी;
    रब से है ये दुआ हमारी;
    जितनी प्यारी है तारों की यारी;
    आपकी नींद भी हो उतनी ही प्यारी।
    शुभ रात्रि!
  • ये खूबसूरत फ़िज़ाओं में फूलों की खुशबू हो;<br />
सुबह की किरण में पंछियों की आवाज़ हो;<br />
जब भी खोलो अपनी ये निगाहें;<br />
उन निगाहों में सिर्फ खुशियों की झलक हो।<br />
सुप्रभात!Upload to Facebook
    ये खूबसूरत फ़िज़ाओं में फूलों की खुशबू हो;
    सुबह की किरण में पंछियों की आवाज़ हो;
    जब भी खोलो अपनी ये निगाहें;
    उन निगाहों में सिर्फ खुशियों की झलक हो।
    सुप्रभात!
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT